राजस्थान में अलवर के रहने वाले न्यायिक अधिकारी अमन शर्मा की आत्महत्या ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है. दिल्ली की एक पॉश कॉलोनी में हुई इस घटना के बाद रविवार को उनका पार्थिव शरीर अलवर लाया गया, जहां तीजकी श्मशान घाट पर पूरे राजकीय सम्मान और गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया. पिता एडवोकेट प्रेम कुमार शर्मा ने बेटे को मुखाग्नि दी. इस दौरान परिवार, रिश्तेदार और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दिल्ली, हरियाणा व राजस्थान कैडर के कई सीनियर जज अलवर पहुंचे. अमन शर्मा के परिजनों ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. अमन की पत्नी ने अमन के पिता का अपमान किया था. उस अपमान को अमन सहन नहीं कर पाए और उन्होंने बाथरूम में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.
दो दिन पहले अमन ने अपने पिता को कॉल किया था. उन्होंने कहा था कि वो जीना नहीं चाहते. यह उनका अंतिम कॉल है. जीवन जीना संभव नहीं हो रहा है. यह सुनकर पिता तुरंत दिल्ली पहुंचे.
अमन की बहन के ससुर राजेश ने कहा कि ये दुखद घटना है. भगवान ऐसी घटना का सामना किसी को नहीं कराए. उन्होंने बताया कि एक मई की रात 8 बजे अमन के पिता प्रेम प्रकाश के पास कॉल आया था. अमन ने कहा था कि यह मेरा अंतिम कॉल है, वो जीवन जीना नहीं चाहते. जीवन जीना संभव नहीं हो रहा है. यह सुनकर पिता प्रेम प्रकाश रात में ही दिल्ली पहुंच गए. अमन को वहां काफी टॉर्चर किया गया था. वहां अमन के सामने पिता का अपमान हुआ, जो अमन सहन नहीं कर पाए.
दो मई की दोपहर में अमन ने कमरे में आत्महत्या कर ली. अमन ने बाथरूम में रखा स्टूल निकाला और कमरे में रखे शॉल से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. अमन की साली जम्मू में आईएएस हैं. पत्नी के चाचा ससुर उस वक्त वहीं थे. परिजनों ने बताया कि उनकी साली के कारण घर में विवाद हो रहा था, वो अमन की पत्नी को भड़काती थीं. वो भी अपने पति से अलग रहती हैं. उनके पति दिल्ली पुलिस में सीनियर आईपीएस हैं.
यह भी पढ़ें: दिल्ली के ग्रीन पार्क में जज ने लगाई फांसी, बाथरूम में मिला शव
परिजनों ने बताया कि अमन की पोस्टिंग 2021 में हुई थी. अमन के छोटे भाई भी सड़क दुर्घटना के बाद मानसिक अवसाद में हैं. वह एलएलबी कर रहे हैं. परिजनों ने कहा कि यह छोटी घटना नहीं है. यह एक अपराध है. दोषी को इसकी सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि लोगों को न्याय देने वाले जज के साथ ऐसा हो सकता है तो किसी के साथ कोई भी घटना हो सकती है. शादी के बाद अमन की पत्नी अलवर कम आती थीं.
कुछ महीने पहले उनकी डिलीवरी अलवर के एक प्राइवेट अस्पताल में हुई थी. अमन और उनकी पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था. जब अमन ने आत्महत्या की तो उस समय पत्नी की बहन भी घर में मौजूद थीं. इस घटना के बाद अमन की पत्नी अपने दोनों बच्चों को लेकर घर से चली गईं. अंतिम संस्कार के वक्त ससुराल पक्ष से वहां कोई मौजूद नहीं था.
पिता अपने दोस्त की बेटी से करवाना चाहते थे शादी
अमन के पिता प्रेम प्रकाश ने कहा कि दूसरे बेटे के साथ सड़क हादसा हो गया था. वे नहीं चाहते थे कि अमन को कभी कोई परेशानी हो, हमेशा अमन को खुश देखना चाहते थे. वे अमन की शादी अपने दोस्त की बेटी से करवाना चाहते थे, लेकिन अमन को अपनी बैचमेट से प्यार हो गया था. अमन ने परिवार के सामने शादी करने का प्रस्ताव रखा था. पिता ने बेटे की खुशी के लिए प्रस्ताव स्वीकार किया और पूरे रीति रिवाज से दोनों की शादी हुई.
शादी के बाद अमन तो अलवर आते थे, लेकिन उनकी पत्नी का अलवर में कम आना जाना था. पिता ने कहा कि अमन ने कभी नहीं बताया कि उनके और उनकी पत्नी के बीच कोई विवाद है. वो बहुत शांत स्वभाव के थे. कभी किसी से कुछ शेयर नहीं करते थे. हमेशा वो खुश रहते थे और सभी का सम्मान करते थे. पिता को दुख है कि उनके बेटे ने आत्महत्या कर ली और वो बचा नहीं पाए. उनको नहीं पता था कि अमन यह कदम उठा लेंगे. पिता कमरे के बाहर थे और कमरे के अंदर से चिल्लाने की आवाज आ रही थी. अमन की पत्नी लगातार अमन से लड़ रही थीं और चिल्लाने की आवाज आ रही थी.
हिमांशु शर्मा