उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर परिसर में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब नागचंद्रेश्वर मंदिर के पास अचानक भगदड़ की स्थिति बन गई. बताया जा रहा है कि परिसर में करंट फैलने की अफवाह के बाद श्रद्धालुओं के बीच अचानक डर का माहौल पैदा हो गया. इसके बाद भारी भीड़ में लोग इधर-उधर भागने और एक-दूसरे को धक्का देने लगे.
घटना का वीडियो भी सामने आया है. वीडियो में महाकाल परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दिखाई दे रही है. परिसर पूरी तरह ठसाठस नजर आ रहा है और बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए कतार में मौजूद हैं. इसी दौरान करंट फैलने की अफवाह के बाद भगदड़ जैसे हालात हो गए, जिसमें कई श्रद्धालु भीड़ के दबाव में दब गए. हालांकि इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है.
महाकाल मंदिर में इन दिनों हो रही भारी भीड़
घटना के बाद मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अमले ने स्थिति को संभाल लिया. महाकाल मंदिर में इन दिनों बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. ऐसे में भारी भीड़ के बीच अफवाह फैलने से थोड़े हालात बिगड़ गए. फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रित है और किसी के घायल या मरने की खबर नहीं है.
मंदिर में दर्शन करने गए एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि नागचंद्रेश्वर मंदिर के बाहर भीड़ थी. इसी दौरान थोड़ी भगदड़ जैसी स्थिति हो गई और कई लोग गिर गए. एक लड़का बैरिकेंडिग में गिरकर फंस गया. हालांकि, उसे भी चोट नहीं आई है. भगदड़ जैसे हालात करंट फैलने की बात से बने थे.
मंदिर प्रशासन ने क्या कहा?
महाकाल मंदिर के ऊपरी तल पर स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए लगी कतार में सोमवार को करंट फैलने की अफवाह ने श्रद्धालुओं में दहशत पैदा कर दी. हरसिद्धि मंदिर चौराहे के समीप बैरिकेडिंग के अंदर डीपी के पास करंट फैलने की बात सामने आने के बाद कतार में खड़े श्रद्धालुओं में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. इस दौरान कई श्रद्धालु गिरकर और बैरिकेडिंग से टकरा गए. वहीं नीलकंठ द्वार से लोग बारी-बारी से कूद कर भागते नजर भी आए.
इसके अलावा मंदिर प्रशासन ने बयान जारी कर कहा कि भ्रामक खबरोंव अफवाहों पर ध्यान न दें. कुछ मीडिया एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर मंदिर में अफरातफरी एवं अव्यवस्था संबंधी भ्रामक खबरें प्रसारित की जा रही हैं, जिनका मंदिर प्रबंध समिति पूर्णतः खंडन करती है. नागपंचमी, सावन सोमवार एवं भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी एक ही दिन होने से श्रद्धालुओं की संख्या अत्यधिक रही.
अब तक लगभग 6.19 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं. विभिन्न मार्गों पर लंबी कतारों के बावजूद श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुगम दर्शन हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं. समिति की अपील है कि श्रद्धालु केवल आधिकारिक सूचनाओं पर विश्वास करें और भ्रामक अथवा अपुष्ट खबरों को साझा न करें.
रवीश पाल सिंह