आंखों में आंसू और जुबान पर शिकायत लिए छात्रा अपने स्कूल को शिफ्ट किए जाने का विरोध जता रही है. इस छात्रा की तरह करीब 800 और छात्राओं का दर्द भी यही है कि उन्हें चलते सत्र में स्कूल से हटाकर ऐसे स्थान पर भेजा जा रहा है, जो शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर एक गांव में है. बेटियों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने वाली मध्य प्रदेश सरकार के एक फैसले ने अब छात्राओं की पढ़ाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है.
ताजा मामला उज्जैन के सराफा कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल को स्थानांतरित किए जाने का है, जिसके विरोध में छात्राएं खुलकर सामने आ गई हैं. शुक्रवार को करीब 800 छात्राओं ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और स्कूल शिफ्टिंग का विरोध जताया. छात्राओं का कहना है कि नए स्थान तक आने-जाने की पर्याप्त सुविधा नहीं है और रास्ता भी सुनसान है. ऐसे में उनके परिजन इतनी दूर स्कूल भेजने के लिए तैयार नहीं होंगे, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होने का खतरा है.
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कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं 800 छात्राएं, जमकर की नारेबाजी
उज्जैन में सराफा कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल की करीब 800 छात्राओं ने शुक्रवार को कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर दिया. छात्राएं स्कूल को मौजूदा जगह से हटाकर दाउदखेड़ी गांव में शिफ्ट किए जाने का विरोध कर रही थीं. करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने जमकर नारेबाजी की और जिला प्रशासन से अपना फैसला बदलने की मांग की.
प्रदर्शन में शामिल छात्राओं का कहना है कि उनका विद्यालय शहर से बाहर करीब 10 किलोमीटर दूर ग्रामीण इलाके में ले जाया जा रहा है. उनके पास इतनी दूरी तय करने के लिए पर्याप्त साधन नहीं हैं. छात्राओं ने यह भी कहा कि नए स्कूल तक पहुंचने वाला रास्ता कई हिस्सों में सुनसान है, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है.
छात्राओं ने आरोप लगाया कि वे पहले भी कई बार प्रशासन के सामने अपनी समस्या रख चुकी हैं, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई. कलेक्टर से मुलाकात की उम्मीद लेकर पहुंची छात्राओं को जब जिला कलेक्टर नहीं मिले तो उनका आक्रोश बढ़ गया. उन्होंने कहा कि स्कूल दूसरी जगह चला गया तो कई अभिभावक बेटियों को वहां भेजने की अनुमति नहीं देंगे.
स्कूल बदला तो पढ़ाई छूटने का डर
छात्राओं का कहना है कि स्थानांतरण होने पर उनकी पढ़ाई प्रभावित होगी और मौजूदा शैक्षणिक सत्र भी खराब हो सकता है. उनका दावा है कि अभिभावक इतनी दूर स्थित स्कूल में बेटियों को भेजने के लिए तैयार नहीं होंगे. ऐसे में स्कूल बदलने का सीधा असर उनकी शिक्षा पर पड़ेगा.
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फिलहाल, सराफा कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल महाकाल मंदिर के नजदीक जयसिंहपुरा में संचालित हो रहा है. सरकार की योजना के तहत छोटे स्कूलों को बड़े और सुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालयों में मर्ज किया जा रहा है. इसी क्रम में सराफा स्कूल को दाउदखेड़ी में बने सांदीपनि सीएम राइज स्कूल भवन में संचालित करने की योजना है.
दाउदखेड़ी में तैयार भवन में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने का दावा किया गया है. इससे पहले महाराजवाड़ा क्रमांक-3 स्कूल भी इसी परिसर से संचालित किया जा रहा है. प्रशासन और सरकार का तर्क है कि स्कूलों के एकीकरण से संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल होगा और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा. हालांकि छात्राएं प्रस्तावित स्थान पर जाने के लिए तैयार नहीं हैं.
ADM ने की बातचीत, DEO ने दिया बैठक का भरोसा
प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर एडीएम शाश्वत शर्मा मौके पर पहुंचे और छात्राओं से बातचीत की. हालांकि छात्राएं कलेक्टर से मुलाकात की मांग पर अड़ी रहीं. उनका कहना था कि वे अपनी समस्या सीधे जिला कलेक्टर के सामने रखना चाहती हैं.
इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी महेंद्र खत्री भी कलेक्टर कार्यालय पहुंचे. उन्होंने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि जल्द ही जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति की बैठक आयोजित की जाएगी. इसी बैठक के बाद स्कूल के स्थानांतरण को लेकर आगे का फैसला लिया जाएगा.
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि बैठक में पालकों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा और उनकी राय ली जाएगी. छात्राओं और अभिभावकों की बात सुनने के बाद ही स्कूल को लेकर निर्णय लिया जाएगा. बता दें कि मध्य प्रदेश सरकार स्कूलों की गुणवत्ता और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के उद्देश्य से स्कूल मर्जिंग योजना पर काम कर रही है. इसके तहत छोटे विद्यालयों को सांदीपनि विद्यालयों में शामिल किया जा रहा है.
संदीप कुलश्रेष्ठ