पानी साफ करने के लिए छोड़ी गई क्लोरीन गैस, लीक हो गई तो मचा हड़कंप... 6 से ज्यादा लोग पहुंचे अस्पताल

मध्य प्रदेश के सीहोर में पानी साफ करने वाले फिल्टर प्लांट से क्लोरीन गैस लीक होने के बाद हड़कंप मच गया. गैस के संपर्क में आने से आधा दर्जन से अधिक लोगों की आंखों में जलन होने लगी और उन्हें सांस लेने में परेशानी हुई. सभी प्रभावितों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज किया. डॉक्टरों का कहना है कि सभी की हालत सामान्य है.

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क्लोरीन गैस लीक होते ही लोगों में मच गई अफरा-तफरी. (Photo: Screengrab) क्लोरीन गैस लीक होते ही लोगों में मच गई अफरा-तफरी. (Photo: Screengrab)

नवेद जाफरी

  • सीहोर,
  • 09 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 7:23 AM IST

पानी साफ करने के लिए इस्तेमाल होने वाली क्लोरीन गैस जब अचानक हवा में फैल जाए तो क्या होगा? आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत और फिर लोगों का अस्पताल की तरफ दौड़ना... मध्य प्रदेश के सीहोर में कुछ ऐसा ही हुआ है.

मामला सीहोर जिले के लसुड़िया खास गांव का है. यहां एक पानी फिल्टर प्लांट है, जहां तालाब के पानी को साफ करने के लिए क्लोरीन गैस का इस्तेमाल किया जा रहा था. सब कुछ सामान्य था, लेकिन इसी दौरान क्लोरीन गैस के टैंक में लीकेज हो गया.

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गैस टैंक से बाहर निकली तो आसपास मौजूद लोगों को इसका असर महसूस होने लगा. कुछ लोगों की आंखों में तेज जलन होने लगी, तो कुछ को सांस लेने में परेशानी हुई. देखते ही देखते इलाके में हड़कंप मच गया.

गैस के संपर्क में आए लोगों को इलाज के लिए सीहोर जिला अस्पताल पहुंचाया गया. यहां डॉक्टरों ने प्रभावित लोगों का इलाज करना शुरू किया. अस्पताल पहुंचे लोगों की हालत को लेकर चिंता जरूर थी, लेकिन डॉक्टरों ने राहत की खबर दी. जिला अस्पताल के डॉक्टर हरिओम गुप्ता के मुताबिक, गैस से प्रभावित किसी भी व्यक्ति को गंभीर परेशानी नहीं हुई है और सभी लोग खतरे से बाहर हैं.

पानी साफ करने वाली गैस ने बढ़ाई चिंता

क्लोरीन का इस्तेमाल आमतौर पर पानी को साफ करने के लिए किया जाता है. लसुड़िया खास के इस फिल्टर प्लांट में भी तालाब के पानी को साफ करने के लिए इसका उपयोग हो रहा था. लेकिन टैंक में लीकेज के बाद यही गैस लोगों के लिए परेशानी की वजह बन गई.

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घटना की सूचना के बाद प्लांट में स्थिति को कंट्रोल करने की कोशिशें शुरू की गईं. हालांकि, गैस लीक होने की खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया.

राहत की बात यही है कि आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी जरूर हुई, लेकिन किसी की हालत गंभीर नहीं बताई गई है. सभी प्रभावित लोग खतरे से बाहर हैं. लोगों का सवाल है कि पानी को साफ करने के लिए इस्तेमाल हो रहा क्लोरीन गैस का टैंक आखिर लीक कैसे हुआ? और क्या प्लांट में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे?

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