कूनो नेशनल पार्क से एक बार फिर दुखद खबर सामने आई है. यहां 10 साल से अधिक उम्र के नामीबियाई नर चीते 'गौरव' की सोमवार शाम करीब 4 बजे उपचार के दौरान मौत हो गई. पिछले 9 दिनों से उसका कूनो-पालपुर के पशु अस्पताल में इलाज चल रहा था.
12 सितंबर 2026 को गौरव खुले जंगल में कमजोर और सुस्त हालत में पाया गया था. इसके बाद उसे रेस्क्यू कर क्वारंटीन बाड़े में शिफ्ट किया गया. जांच में वह काफी कमजोर पाया गया. उसकी मांसपेशियां कमजोर हो गई थीं और शरीर में गंभीर डिहाइड्रेशन यानी पानी की कमी थी.
उसे तत्काल जरूरी इलाज और सपोर्ट दिया गया. इसके बाद उसे पालपुर ले जाकर क्वारंटीन बोमा (QB) में रखा गया, जहां उसकी लगातार निगरानी की जा रही थी और आगे का इलाज चल रहा था.
पुरानी बीमारी की आशंका, मौत की वजह पोस्टमार्टम से होगी साफ
शुरुआती क्लिनिकल जांच के आधार पर गौरव में किसी पुरानी बीमारी की आशंका जताई गई थी. लगातार इलाज और सपोर्ट के बावजूद उसकी हालत बिगड़ती गई और सोमवार शाम करीब 4 बजे उसने दम तोड़ दिया.
गौरव की मौत की सही वजह पोस्टमार्टम और लिए गए सैंपल की जांच के बाद स्पष्ट होगी. रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण को लेकर आगे की जानकारी सामने आएगी.
भारत में अब 55 चीते
गौरव की मौत के बाद कूनो नेशनल पार्क में अब 51 चीते रह गए हैं. इनमें 36 भारत में जन्मे चीते शामिल हैं. कूनो में मौजूद चीतों में से 16 अभी खुले जंगल में स्वतंत्र रूप से घूम रहे हैं.
इसके अलावा गांधी सागर अभयारण्य में 4 चीते मौजूद हैं. इन्हें मिलाकर देश में अब चीतों की कुल संख्या 55 रह गई है.
aajtak.in