पूर्व अग्निवीरों के लिए MP सरकार का बड़ा तोहफा! पुलिस, जेल और फॉरेस्ट गार्ड भर्ती में मिलेगा 20% हॉरिजॉन्टल आरक्षण

मध्य प्रदेश कैबिनेट ने पूर्व अग्निवीरों को पांच वर्दीधारी विभागों की भर्ती में 20% क्षैतिज आरक्षण देने के साथ 24 हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं को मंजूरी दी.

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मध्य प्रदेश में पूर्व अग्निवीरों को पुलिस भर्ती में मिलेगा 20% आरक्षण.(File Photo:ITG) मध्य प्रदेश में पूर्व अग्निवीरों को पुलिस भर्ती में मिलेगा 20% आरक्षण.(File Photo:ITG)

aajtak.in

  • भोपाल,
  • 29 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 10:20 PM IST

MP News: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने पूर्व अग्निवीरों को लेकर बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में वर्दीधारी सेवाओं की भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय लिया गया. इसमें पुलिस कांस्टेबल, विशेष सशस्त्र बल, जेल प्रहरी, वनरक्षक और आबकारी कांस्टेबल जैसे पद शामिल हैं. इसके अलावा, राज्य में विकास और जनकल्याण से जुड़ी 24,500 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं और परियोजनाओं को मंजूरी दी गई.

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सरकार के इन फैसलों में युवाओं के रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, सड़क निर्माण, सिंचाई परियोजनाओं और सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया गया है.

पूर्व अग्निवीरों को किन-किन विभागों में मिलेगा आरक्षण?

कैबिनेट के फैसले के अनुसार, पूर्व अग्निवीरों को पांच वर्दीधारी विभागों की भर्तियों में 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है.

यह क्षैतिज आरक्षण होगा. इसका अर्थ है कि इसका लाभ सामान्य, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) जैसी विभिन्न श्रेणियों के भीतर लागू किया जाता है.

क्या है अग्निपथ योजना?

केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में अग्निपथ योजना शुरू की थी. इसके तहत सेना, नौसेना और वायुसेना में अग्निवीरों की भर्ती चार साल की सेवा अवधि के लिए की जाती है. योजना के अनुसार, सेवा पूरी करने के बाद अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सैन्य सेवा में बनाए रखने का प्रावधान है. शेष अग्निवीर सेवा से मुक्त होते हैं. मध्य प्रदेश सरकार का यह फैसला सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के लिए राज्य की वर्दीधारी सेवाओं में भर्ती के अवसरों से जुड़ा है.

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अतिथि शिक्षकों के मानदेय के लिए 5,329 करोड़ रुपये मंजूर

कैबिनेट ने शिक्षा क्षेत्र के लिए भी अहम फैसला लिया है. राज्य में 76 हजार से अधिक अतिथि शिक्षकों के मानदेय भुगतान के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए 5,329.17 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है.

इसके अलावा, सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म सहायता के लिए 348.7 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से विद्यार्थियों या उनके अभिभावकों के बैंक खातों में भेजी जाएगी. यह सहायता शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 1 से 8 तक के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए है.

दमोह-कटनी फोरलेन सड़क के लिए 4,470 करोड़ रुपये

प्रदेश में सड़क और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास के लिए भी कई प्रस्तावों को मंजूरी मिली है. इनमें दमोह-कटनी फोरलेन सड़क का निर्माण प्रमुख है.

  • दमोह-कटनी फोरलेन सड़क: 4,470.30 करोड़ रुपये.
  • ग्रामीण विकास निधि: 3,580.22 करोड़ रुपये.
  • स्वास्थ्य केंद्र और औषधि नियंत्रण: 3,245.8 करोड़ रुपये.

इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्रदेश में बुनियादी सुविधाओं और सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत करना है.

सिंहस्थ 2028 के लिए सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी

उज्जैन में वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट ने कान्ह डायवर्जन परियोजना को जारी रखने की मंजूरी भी दी. इसके साथ दतिया, नीमच और सागर में प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं को भी जारी रखने का निर्णय लिया गया.

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सिंहस्थ की तैयारियों के तहत उज्जैन में बुनियादी सुविधाओं का विकास महत्वपूर्ण है. वहीं, सिंचाई परियोजनाओं की निरंतरता से संबंधित क्षेत्रों में कृषि और जल प्रबंधन को सहायता मिलने की उम्मीद है.

24,500 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं पर फैसला

मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 24,500 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं और परियोजनाओं को मंजूरी दी गई. इन फैसलों में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण, ग्रामीण विकास और सिंचाई जैसे क्षेत्र शामिल हैं.

पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण का निर्णय भर्ती प्रक्रिया में उनके लिए अवसर निर्धारित करने से संबंधित है, जबकि शिक्षा और बुनियादी ढांचे के लिए मंजूर राशि अगले वर्षों में संबंधित योजनाओं के संचालन और विकास कार्यों पर खर्च की जाएगी.

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