इंदौर: गोल्ड इन्वेस्टमेंट के नाम पर 3.5 करोड़ की ठगी, क्राइम ब्रांच ने मथुरा के शातिर ठगों को दबोचा

इंदौर क्राइम ब्रांच ने फर्जी गोल्ड इन्वेस्टमेंट के नाम पर 3 करोड़ 50 लाख रुपये की ठगी करने वाले मथुरा निवासी शुभम शर्मा और पूजा शर्मा को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने सोना-चांदी व्यापार में ऊंचा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर व्यापारी अंकित बजाज से निवेश कराया. पुलिस ने मोबाइल, बैंक दस्तावेज जब्त किए हैं. दोनों आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं.

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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी.(Photo: Dharmendra Kumar Sharma/ITG) पुलिस की गिरफ्त में आरोपी.(Photo: Dharmendra Kumar Sharma/ITG)

धर्मेंद्र कुमार शर्मा

  • इंदौर,
  • 20 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:20 PM IST

इंदौर क्राइम ब्रांच ने फर्जी गोल्ड इन्वेस्टमेंट के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने सोना-चांदी के आभूषणों के व्यापार में निवेश कर भारी मुनाफा दिलाने का झांसा देकर एक व्यापारी से बड़ी रकम हड़प ली थी. पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को पकड़कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.

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पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शुभम शर्मा और पूजा शर्मा के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के मथुरा का रहने वाला हैं. उसके खिलाफ अपराध क्रमांक 01/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 316(5) और 61(2) में मामला दर्ज किया गया है. फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है.

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मुनाफे का झांसा देकर 3 करोड़ 50 लाख रुपये निवेश कराए

एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि इस मामले की शिकायत इंदौर निवासी अंकित बजाज ने क्राइम ब्रांच में दर्ज कराई थी. शिकायत में बताया गया कि आरोपियों ने अपनी कथित गोल्ड फर्म में निवेश करने पर भारी मुनाफा होने का भरोसा दिलाया था. उन्होंने सोना और चांदी के आभूषणों के व्यापार का दिखावा कर पीड़ित का विश्वास जीत लिया.

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आरोपियों ने चरणबद्ध तरीके से पीड़ित से लगभग 3 करोड़ 50 लाख रुपये निवेश करवा लिए. हालांकि बाद में न तो कोई मुनाफा दिया गया और न ही निवेश की गई मूल राशि वापस की गई. इसके बाद पीड़ित ने खुद को ठगा हुआ महसूस किया और मामले की शिकायत क्राइम ब्रांच से की.

तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारी

पुलिस ने आर्थिक अपराधों में त्वरित कार्रवाई करते हुए फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन टीम को सक्रिय किया. तकनीकी साक्ष्यों और साइबर विश्लेषण के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अवैध लाभ कमाने के उद्देश्य से ठगी करना स्वीकार किया है.

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल, बैंक पासबुक और चेकबुक से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए हैं. प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपियों ने अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह की ठगी की हो सकती है. फिलहाल पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर उनके बैंक खातों, लेनदेन और दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है. पुलिस को उम्मीद है कि इस मामले में आगे और बड़े खुलासे हो सकते हैं.

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