मध्यप्रदेश के इंदौर में बीजेपी की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा के दौरान उस समय हंगामा हो गया, जब सोशल एक्टिविस्ट प्रह्लाद पांडे अपनी पत्नी के साथ कार्यक्रम में पहुंच गए. प्रह्लाद के हाथ में एक पोस्टर था, जिस पर 30 हजार रुपये के बल्ब और 33 हजार रुपये प्रति लीटर फिनाइल का जिक्र करते हुए जवाब मांगा गया था. वहीं, उनकी पत्नी के हाथ में फिनाइल की बोतल थी.
कार्यक्रम में मौजूद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पोस्टर लेकर खड़े प्रह्लाद पांडे को देखकर पहले उनके सवालों का जवाब देने की बात कही. हालांकि, बाद में उन्होंने पुलिस अधिकारियों को बुलाया और दोनों को वहां से हटाने के लिए कहा. इसके बाद पुलिस ने प्रह्लाद पांडे और उनकी पत्नी को हिरासत में ले लिया.
पोस्टर लेकर मंच के सामने पहुंचे थे प्रह्लाद पांडे
जानकारी के मुताबिक, बीजेपी की पदयात्रा के दौरान प्रह्लाद पांडे अपनी पत्नी के साथ विरोध जताने पहुंचे थे. वह मंच के सामने हाथ में पोस्टर लेकर खड़े हो गए. पोस्टर पर 30 हजार रुपये के बल्ब और 33 हजार रुपये प्रति लीटर फिनाइल का जिक्र था. इसके जरिए वह इन खर्चों को लेकर जवाब मांग रहे थे. इस दौरान उनकी पत्नी के हाथ में फिनाइल की बोतल भी दिखाई दी. दंपती के विरोध के चलते कार्यक्रम स्थल पर कुछ देर के लिए हंगामे की स्थिति बन गई.
कैलाश विजयवर्गीय ने पुलिस को बुलाया
वायरल घटनाक्रम में कैलाश विजयवर्गीय पोस्टर लेकर आए व्यक्ति पर नाराजगी जताते सुनाई देते हैं. उन्होंने कहा, 'न्यूसेंस यहां पर आ गया है, पुलिस अधिकारी आएं जरा, हमें क्या जवाब देना है, तुझे जवाब देंगे. अभी तू यहां से जा, वरना लोग तुझे फ्री फंड में जवाब दे देंगे.' देखें VIDEO:-
मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि पांडे 'अराजकतावादियों' से जुड़े हुए हैं.
वीडियो में एक व्यक्ति को पांडे के हाथों से पोस्टर छीनते हुए और पुलिस को उस कार्यकर्ता को गाड़ी में ले जाते हुए देखा जा सकता है. पांडे बार-बार पुलिसकर्मियों से पूछ रहे हैं कि उनका अपराध क्या है?
बाद में पांडे ने बताया कि वह राज्य के शहरी स्थानीय निकायों की ओर से तमाम वस्तुओं की खरीद में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठा रहे थे.
कार्यकर्ता ने कहा, "लोकतंत्र तभी कायम रहता है जब लोग सवाल पूछते हैं और सत्ता में बैठे लोग उनका जवाब देते हैं."
बता दें कि यह विरोध प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब मध्य प्रदेश के शहरी स्थानीय निकायों में वित्तीय अनियमितताओं की जांच चल रही है.
भोपाल में एक सीनियर अफसर ने बताया कि अलग-अलग स्तरों के 392 अधिकारियों के खिलाफ जांच चल रही है या जांच की जा चुकी है, जबकि सात अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है.
धर्मेंद्र कुमार शर्मा