जिससे हारे लोकसभा चुनाव, उसी की बेटी से रचाई थी शादी... पत्नी भी 2 बार से सांसद, अब हुआ तलाक; हिमाद्री और नरेंद्र की स्टोरी

शहडोल से 2 बार की BJP सांसद हिमाद्री सिंह और नरेंद्र मरावी का 9 साल बाद तलाक हो गया. दोनों की शादी 2017 में हुई थी और कई साल से अलग रह रहे थे. पढ़ें पूरी कहानी...

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शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह और नरेंद्र मरावी का हुआ कानूनी अलगाव.(File Photo:ITG) शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह और नरेंद्र मरावी का हुआ कानूनी अलगाव.(File Photo:ITG)

aajtak.in

  • शहडोल ,
  • 15 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 4:09 PM IST

मध्य प्रदेश की शहडोल लोकसभा सीट से दो बार की BJP सांसद हिमाद्री सिंह और उनके पति नरेंद्र सिंह मरावी का वैवाहिक रिश्ता खत्म हो गया है. दोनों की शादी 23 नवंबर 2017 को हुई थी और अब कोर्ट ने तलाक के आवेदन पर फैसला सुनाते हुए डिक्री पारित कर दी है. दोनों पिछले कई वर्षों से अलग-अलग रह रहे थे. दोनों की एक बेटी भी है, जो हिमाद्री सिंह के साथ रहती हैं.

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इस रिश्ते की राजनीतिक कहानी भी काफी दिलचस्प है. नरेंद्र सिंह मरावी ने कभी हिमाद्री सिंह की मां राजेश नंदिनी सिंह के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ा था. चुनाव में उन्हें हार मिली थी. इसके वर्षों बाद नरेंद्र ने उनकी बेटी हिमाद्री से शादी की. शादी के बाद दोनों की राजनीतिक राहें भी अलग-अलग तरीके से आगे बढ़ीं.

2009 में हिमाद्री की मां के खिलाफ लड़ा था चुनाव

नरेंद्र सिंह मरावी भाजपा की पृष्ठभूमि से आते हैं. साल 2009 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस नेता और हिमाद्री सिंह की मां राजेश नंदिनी सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ा था. हालांकि, इस चुनाव में नरेंद्र मरावी को हार का सामना करना पड़ा.

राजेश नंदिनी सिंह कोतमा से विधायक और शहडोल से सांसद रह चुकी थीं. वहीं, हिमाद्री के पिता दलवीर सिंह भी क्षेत्र के बड़े आदिवासी नेताओं में शामिल थे और राजीव गांधी सरकार में केंद्रीय मंत्री रह चुके थे.

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2017 में हिमाद्री और नरेंद्र की हुई शादी

राजनीतिक परिवार से आने वाली हिमाद्री सिंह और नरेंद्र मरावी की शादी 23 नवंबर 2017 को अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ में हुई थी.

हिमाद्री इससे पहले 2016 में कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ चुकी थीं. इसके बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया. 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव में वह शहडोल से भाजपा के टिकट पर जीतकर सांसद बनीं.

इस तरह वह लगातार दो बार लोकसभा पहुंचीं और मध्य प्रदेश की प्रमुख युवा आदिवासी नेताओं में उनकी पहचान बनी.

केंद्रीय मंत्री रहे हर्षवर्धन के साथ सांसद हिमाद्री और उनके पति नरेंद्र.

नरेंद्र ने पुष्पराजगढ़ से भी आजमाई थी किस्मत

2009 के लोकसभा चुनाव के बाद नरेंद्र मरावी ने 2018 के विधानसभा चुनाव में पुष्पराजगढ़ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा. यह वही इलाका है जिसे हिमाद्री सिंह का गृह क्षेत्र माना जाता है.

हालांकि, इस चुनाव में भी नरेंद्र को हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद हिमाद्री का राजनीतिक कद लगातार बढ़ता गया और वह 2019 तथा 2024 में लोकसभा चुनाव जीतने में सफल रहीं.

दोनों की एक बेटी, हिमाद्री के साथ रहती हैं

हिमाद्री सिंह और नरेंद्र मरावी की एक बेटी गिरिशा कुमारी सिंह है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, बेटी हिमाद्री सिंह के साथ रहती हैं. बेटी का सरकारी स्कूल में एडमिशन करवाकर सांसद हिमाद्री काफी चर्चा में आई थीं. 

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हिमाद्री की शिक्षा-दीक्षा दिल्ली में हुई है. हाल ही में उन्होंने उज्बेकिस्तान के समरकंद में आयोजित दुनिया भर के युवा सांसदों के सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया था.

कई साल से अलग रह रहे थे दोनों

हिमाद्री सिंह और नरेंद्र मरावी पिछले कई वर्षों से अलग-अलग रह रहे थे. दोनों के रिश्ते में दरार की खबरें सामने आने के बाद इसके पीछे राजनीतिक मतभेदों को लेकर भी चर्चाएं होती रही थीं.

2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान नरेंद्र मरावी भी भाजपा से टिकट के लिए प्रयास कर रहे थे. हालांकि, दोनों के निजी रिश्ते में अलगाव की वास्तविक वजह क्या रही, इसको लेकर सार्वजनिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है.

अब कोर्ट की ओर से तलाक की डिक्री पारित किए जाने के बाद करीब 9 साल पुरानी शादी कानूनी तौर पर खत्म हो गई है.

राजनीतिक परिवार से जुड़ी रही यह शादी

हिमाद्री सिंह और नरेंद्र मरावी का रिश्ता शुरुआत से ही मध्य प्रदेश की आदिवासी राजनीति से जुड़ा रहा. एक तरफ नरेंद्र कभी हिमाद्री की मां के खिलाफ चुनाव लड़ चुके थे, वहीं बाद में दोनों ने शादी की. इसके बाद हिमाद्री ने भाजपा में अपनी राजनीतिक पारी को आगे बढ़ाते हुए दो लोकसभा चुनाव जीते. अब नौ साल बाद दोनों का वैवाहिक रिश्ता तलाक के साथ समाप्त हो गया है.

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