How To Keep Towels Soft And Fluffy: नहाने के बाद जब मुलायम और खुशबूदार तौलिए से शरीर पोंछने काफी अच्छा लगता है. जब तौलिया लाया जाता है तब वो बहुत ही सॉफ्ट और स्मूद होता है. लेकिन कई बार कुछ ही महीनों में वही तौलिया सख्त और खुरदुरा हो जाता है. उसमें से अजीब सी सीलन की महक आने लगती है. उसे साफ करने के लिए लोग अक्सर जल्दी-जल्दी धोते हैं. लेकिन हैरानी की बात ये है कि तौलिया कितना भी धो लें, बदबू पूरी तरह नहीं जाती और उसकी पानी सोखने की क्षमता भी कम होने लगती है.
ऐसे में लोग हर बार नया तौलिया खरीद लेते हैं. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि आपको हमेशा नया तौलिया खरीदने की जरूरत नहीं है. तौलिए को सॉफ्ट रखने के लिए एक आसान तरीका इन दिनों काफी चर्चा में है. इसमें महीने में सिर्फ एक बार तौलियों की सफाई के दौरान सफेद सिरके का इस्तेमाल किया जाता है. इसका मकसद तौलिए पर जमा उन लेयर्स को हटाना है, जो उसे धीरे-धीरे सख्त और बदबूदार बना देती हैं. चलिए जानते हैं तौलिए को लंबे समय तक सॉफ्ट और फ्लफी बनाए रखने की ट्रिक के बारे में.
आखिर तौलिया कुछ समय बाद सख्त क्यों हो जाता है?
दरअसल, हर बार कपड़े धोने के साथ तौलिए के रेशों में थोड़ा-थोड़ा डिटर्जेंट, फैब्रिक सॉफ्टनर, शरीर का तेल और पानी में मौजूद मिनरल्स जमा हो सकते हैं. समय के साथ यही परत तौलिए को भारी और खुरदुरा बना देती है. इसका एक और नुकसान होता है. तौलिया पानी को पहले की तरह तेजी से सोख नहीं पाता. अगर धोने के बाद तौलिया अच्छी तरह सूखने के बजाय गीला पड़ा रहे तो उसमें सीलन जैसी बदबू भी आने लगती है.
सफेद सिरका इसमें कैसे मदद करता है?
सफेद सिरके में एसिडिक गुण होते हैं. ये गुण डिटर्जेंट और मिनरल्स की जमी हुई लेयर को ढीला करने में मदद कर सकते हैं. इससे तौलिए के रेशों पर जमा गंदगी और कण निकलने लगते हैं. फैब्रिक सॉफ्टनर तौलिए के रेशों पर एक लेयर बना देता है, जिससे वे मुलायम लगते हैं. वहीं, सिरका तौलिए में जमा गंदगी और कणों को हटाने में मदद करता है. इसलिए तौलिए की सफाई में सिरके का इस्तेमाल किया जाता है.
कैसे करें सफेद सिरके का इस्तेमाल?
तौलिए को नॉर्मल तरीके से वॉशिंग मशीन में धोने के लिए डालें. सफेद सिरका डिटर्जेंट के साथ शुरुआत में डालने के बजाय फैब्रिक सॉफ्टनर वाले हिस्से में डालें. इसे आखिरी बार पानी से धोने के दौरान डालना ज्यादा अच्छा माना जाता है.
लोड और मशीन के हिसाब से करीब एक चौथाई कप से एक कप तक सफेद सिरका इस्तेमाल किया जा सकता है. गर्म या गुनगुने पानी में इसका असर बेहतर हो सकता है.
हर बार सिरका डालना क्यों सही नहीं?
ये हैक सुनकर ऐसा न करें कि अब हर बार तौलिया धोते समय सिरका डालने लगें. इसका इस्तेमाल कभी-कभार करना ही बेहतर है.
जानकारी के मुताबिक महीने में करीब एक बार इसका इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है. बार-बार सिरके के कॉन्टैक्ट में आने से वॉशिंग मशीन के रबर सील और होज पर समय के साथ असर पड़ सकता है. इसलिए इसे रोज की लॉन्ड्री का हिस्सा बनाने के बजाय कभी-कभार के रिफ्रेशिंग ट्रीटमेंट की तरह इस्तेमाल करें.
सिरके के साथ ब्लीच कभी न मिलाएं
सफेद सिरके को क्लोरीन ब्लीच के साथ कभी न मिलाएं. दोनों को एक साथ इस्तेमाल करने पर खतरनाक गैस निकल सकती है. इसी तरह सिरके और बेकिंग सोडा को एक ही समय पर डालने से भी कोई खास एक्स्ट्रा फायदा नहीं मिलता. दोनों आपस में रिएक्ट करके एक-दूसरे के असर को कम कर देते हैं.
बहुत ज्यादा बदबूदार तौलिए के लिए क्या करें?
अगर तौलिया सिर्फ थोड़ा सख्त है तो नॉर्मल वॉश के दौरान सिरके का इस्तेमाल काफी हो सकता है. लेकिन अगर तौलिया काफी समय से खुरदुरा और बदबूदार है तो दो अलग वॉश साइकल का तरीका अपनाया जा सकता है. पहले गर्म पानी और सिरके से वॉश करें. इसके बाद दूसरे साइकल में बेकिंग सोडा का इस्तेमाल किया जा सकता है. ध्यान रखें कि दोनों को एक ही समय पर न मिलाएं.
तौलिए को मुलायम रखने के लिए ये भी करें
सिर्फ सिरके पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है. तौलिया धोने के बाद उसे वॉशिंग मशीन में लंबे समय तक गीला पड़ा न रहने दें. अच्छी तरह हवा में सुखाना भी बहुत जरूरी है. इससे सीलन की गंध और नमी से जुड़ी परेशानी कम करने में मदद मिल सकती है.
इसलिए अगली बार जब आपका पुराना तौलिया धोने के बाद भी सख्त और बदबूदार लगे, तो उसे तुरंत फेंकने के बजाय महीने में एक बार सफेद सिरके वाला ये आसान तरीका आजमाया जा सकता है. बस मात्रा का ध्यान रखें और इसे ब्लीच के साथ कभी न मिलाएं.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क