जब भी कोई घर बनवाता है, तो उसकी रसोई से लेकर बेडरूम तक में लकड़ी की अलमारियां बनवाता है. ये अलमारियां ना केवल कपड़े और जरूरी सामान रखने के काम आती हैं, बल्कि घर की सुंदरता भी बढ़ाती हैं. लकड़ी की ये अलमारियां सालों तक घर की शोभा बढ़ाती है, लेकिन कई बार इसके अंदर दीमक चुपचाप अपना घर बना लेती है. धीरे-धीरे दीमक अलमारियों को खोखला कर देती है और ये खराब हो जाती हैं. ऐसे में लकड़ी की अलमारी में लगी दीमक का शुरुआत में ही पता लगाना बहुत जरूरी होता है.
हालांकि, शुरुआत में इसका पता लगाना आसान नहीं होता, क्योंकि नुकसान अलमारी के अंदर होता रहता है. जब तक बाहर दीमक लगने का असर दिखाई देता है, तब तक लकड़ी काफी कमजोर हो चुकी होती है. ये भी कह सकते हैं की अलमारी पूरी तरह से खोखली और खराब हो चुकी होती है. लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है. आज हम आपको कुछ ऐसे संकेतों के बारे में बताने वाले हैं, जिन पर ध्यान देकर आप बिना अलमारी तोड़े ही दीमक की मौजूदगी का अंदाजा लगा सकते हैं.
लकड़ी की अलमारी में दीमक क्यों लगती है?
दीमक को नमी और अंधेरी जगहें सबसे ज्यादा पसंद होती हैं. वो ऐसी ही जगहों को अपना घर बनाती है. अगर अलमारी दीवार से सटी हुई है, कमरे में सीलन रहती है या लकड़ी लंबे समय तक नम रहती है, तो दीमक के पनपने का चांस बढ़ जाता है. खासकर अगर कमरे का वेंटिलेशन अच्छा नहीं है तो उसमें दीमक ज्यादा लगती है.
1. हल्के से थपथपाकर करें जांच: समय-समय पर अलमारी के दरवाजे, किनारों और साइड पैनल पर उंगलियों या किसी हल्की चीज से थपथपाएं. अगर आवाज खोखली सुनाई दे, तो ये इस बात का संकेत हो सकता है कि अलमारी में दीमक लग चुकी है. खोखली आवाज तभी आती है, जब दीमक अंदर से लकड़ी को नुकसान पहुंचा रही होती है. वहीं ठोस आवाज आने पर लकड़ी ठीक मानी जाती है.
2. बुरादा या मिट्टी जैसी महीन परत पर रखें नजर: अलमारी के नीचे, कोनों और पीछे की तरफ समय-समय पर सफाई करते रहें. यदि वहां लकड़ी का बारीक चूरा, मिट्टी जैसी महीन परत या छोटे-छोटे कण दिखाई दें, तो उसे नजरअंदाज न करें. ये अलमारी में दीमक लगने का शुरुआती संकेत हो सकता है.
3. छोटे छेद और उखड़ती सतह को न करें नजरअंदाज: अगर लकड़ी की सतह पर छोटे-छोटे छेद दिखने लगें, ऊपरी परत उखड़ने लगे या हल्का दबाने पर लकड़ी टूटने जैसी महसूस हो, तो ये इस बात का इशारा है कि अंदर का हिस्सा कमजोर हो चुका है. ऐसी स्थिति में तुरंत जांच कराना बेहतर रहता है.
दीमक मिलने पर क्या करें?
अगर ऊपर बताए गए संकेत दिखाई दें, तो अलमारी को दीवार से थोड़ा दूर खिसका दें ताकि वेंटिलेशन बना रहे. जिस भी हिस्से पर असर दिख रहा है उसकी अच्छी तरह सफाई करें और जरूरत पड़ने पर एंटी-टर्माइट ट्रीटमेंट करवाएं. यदि नुकसान ज्यादा हो चुका है, तो किसी प्रोफेशनल पेस्ट कंट्रोल की मदद लेना सबसे सुरक्षित ऑप्शन रहेगा.
दीमक से बचाव के आसान उपाय
अलमारी के आसपास नमी और सीलन न बनने दें.
समय-समय पर अलमारी के पीछे और नीचे सफाई करें.
लकड़ी को लंबे समय तक गीला न रहने दें.
कमरे में अच्छा वेंटिलेशन बनाए रखें.
साल में एक बार लकड़ी के फर्नीचर की अच्छी तरह चेक जरूर करें.
इन छोटे-छोटे संकेतों पर समय रहते ध्यान देने से आप अपनी महंगी लकड़ी की अलमारी को दीमक से होने वाले बड़े नुकसान से बचा सकते हैं.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क