हरा धनिया खाने की थाली में आते ही उसका स्वाद और खुशबू दोनों बढ़ा देता है. चटनी हो, दाल हो या फिर गरमा-गरम सब्जी, ऊपर से डाला गया थोड़ा सा धनिया खाने को और भी स्वादिष्ट बना देता है. लेकिन दिक्कत तब होती है जब घर में धनिया खत्म हो जाए और थोड़ा सा धनिया लेने के लिए भी बार-बार सब्जी वाले भइया को आवाज लगानी पड़े. ऊपर से बाजार से लाया धनिया कुछ ही दिनों में मुरझाकर खराब भी होने लगता है. क्या आप भी बार-बार सब्जी वाले भइया से फ्री का धनिया मांगकर परेशान हो चुके हैं? अगर हां, तो ये खबर आपके लिए है.
ऐसे में क्यों न घर में ही धनिया उगा लिया जाए? इसके लिए आपको न तो बीज खरीदने की जरूरत है और न ही नर्सरी से पौधा लाने की. रसोई में इस्तेमाल किए गए ताजे धनिए की डंठल से ही नया पौधा तैयार किया जा सकता है. खास बात ये है कि इसे पानी के गिलास से लेकर छोटे से गमले तक में उगाने की कोशिश की जा सकती है.
सबसे पहले चुनें सही धनिए की डंठल
डंठल से धनिया उगाने के लिए ऐसी गड्डी चुनें जो ताजी और हरी हो. धनिया इस्तेमाल करने के बाद उसकी निचली डंठल को फेंकें नहीं. कोशिश करें कि डंठल के नीचे जड़ का थोड़ा हिस्सा बचा हुआ हो, क्योंकि इसी हिस्से से दोबारा ग्रोथ होने के चांस ज्यादा रहते हैं. बहुत ज्यादा सूखी, सड़ी या कमजोर डंठल लगाने से पौधा उगना मुश्किल हो सकता है. इसलिए शुरुआत में ही ताजी डंठल चुनना सबसे जरूरी है.
पानी में ऐसे उगाएं धनिया
अगर आपके पास गमला या मिट्टी नहीं है, तो भी कोई परेशानी नहीं. एक साफ गिलास या छोटा कांच का जार लें और उसमें थोड़ा पानी भरें. अब धनिए की डंठल का सिर्फ निचला हिस्सा पानी में रखें. पूरी डंठल को पानी में डुबाने की जरूरत नहीं है.
धनिए के पौधे को धूप पसंद होती है. ऐसे में इस गिलास को ऐसी जगह रखें जहां अच्छी रोशनी आती हो, जैसे खिड़की के पास. कुछ समय बाद डंठल में नई जड़ें और छोटी-छोटी हरी पत्तियां निकलती दिखाई दे सकती हैं.
पानी में उगा रहे हैं तो ये गलती न करें
धनिए की डंठल को पानी में रखने के बाद उसकी थोड़ी देखभाल भी जरूरी है. पानी को समय-समय पर बदलते रहें, ताकि वो गंदा न हो और डंठल सड़ने न लगे.
पौधे को अच्छी रोशनी जरूर दें, लेकिन उसे लगातार तेज और चिलचिलाती धूप में रखने से बचें. जैसे-जैसे नई पत्तियां निकलें, जरूरत के हिसाब से उन्हें काटकर खाने में इस्तेमाल किया जा सकता है.
ज्यादा समय तक चाहिए धनिया तो मिट्टी में लगाएं
अगर आप चाहते हैं कि धनिए का पौधा पानी में रखने के बजाय लंबे समय तक बढ़ता रहे, तो जड़ वाला हिस्सा मिट्टी में लगा सकते हैं. इसके लिए ऐसी मिट्टी चुनें जो हल्की और भुरभुरी हो. ध्यान रखें कि मिट्टी हमेशा ऐसी हो, जिसमें से पानी आसानी से निकल सके.
डंठल के जड़ वाले हिस्से को मिट्टी में लगाएं और मिट्टी को हल्का नम रखें. ध्यान रखें कि गमले में पानी जमा न हो. इसके बाद गमले को ऐसी जगह रखें जहां पौधे को अच्छी रोशनी मिलती रहे. सही देखभाल मिलने पर डंठल से नई हरी पत्तियां निकल सकती हैं.
एक जरूरी बात का रखें ध्यान
सिर्फ किसी भी धनिए की डंठल को पानी में डाल देने से हर बार नया पौधा तैयार हो जाए, ये जरूरी नहीं है. अगर आप चाहते हैं कि धनिया अच्छी तरह से उगे तो उसके लिए ऐसी डंठल चुनें जिसमें जड़ का हिस्सा मौजूद हो. पौधे में अच्छी ग्रोथ दिखाई देने लगे तो उसे मिट्टी में ट्रांसफर करना ज्यादा अच्छा ऑप्शन हो सकता है.
इस तरह रसोई में इस्तेमाल होने वाले धनिए की डंठल को कूड़े में फेंकने के बजाय आप उससे घर पर दोबारा हरा धनिया उगाने की कोशिश कर सकते हैं. यानी अगली बार धनिया खत्म होने पर तुरंत सब्जी वाले भइया को आवाज लगाने के बजाय बालकनी या खिड़की में लगा अपना छोटा सा हरा-भरा पौधा काम आ सकता है.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क