बारिश का मौसम आते ही नमी, सीलन और जलभराव के कारण घरों में बरसाती कीड़े, उड़ने वाले दीमक, मच्छर और तिलचट्टों (कॉकरोच) का आतंक तेजी से बढ़ जाता है. शाम होते ही जैसे ही घर की लाइटें जलती हैं, खिड़कियों और दरवाजों के जरिए सैकड़ों पंख वाले कीड़े अंदर घुस आते हैं. वहीं रसोई के सिंक, नाली और अंधेरे कोनों से तिलचट्टे निकलकर भोजन को दूषित करने लगते हैं, जिससे विषैले संक्रमण और बीमारियों का खतरा रहता है.
बाजार में मिलने वाले रासायनिक कीटनाशक स्प्रे सांस के मरीजों और छोटे बच्चों के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं. ऐसे में आप रसोई में रखी कुछ प्राकृतिक चीजों की मदद से एक बेहद असरदार और सुरक्षित घरेलू छिड़काव घोल तैयार कर सकते हैं, जिसकी तीखी गंध और प्रभाव से बरसाती कीड़े और तिलचट्टे तुरंत उल्टे पैर भाग निकलेंगे. आइए जानते हैं इस घोल को बनाने और इस्तेमाल करने का आसान तरीका.
घर पर बनाएं 2 सबसे असरदार कीटनाशक घोल
सफेद सिरका, डिशवॉश और बेकिंग सोडा का घोल:
सामग्री: 1 कप पानी, 1/2 कप सफेद सिरका, 1 चम्मच तरल बर्तन धोने वाला साबुन (डिशवॉश) और 1 चम्मच बेकिंग सोडा.
बनाने की विधि: एक छिड़काव बोतल में पानी, सिरका, डिशवॉश और बेकिंग सोडा डालकर अच्छी तरह मिला लें.
इस्तेमाल का तरीका: जहां भी तिलचट्टे या कीड़े दिखाई दें, वहां सीधे छिड़काव करें. सिरका और डिशवॉश कीड़ों की श्वास नली को बंद कर देते हैं, जिससे वे तुरंत भाग जाते हैं या नष्ट हो जाते हैं. इसे सिंक की नाली और खिड़कियों के किनारों पर रोजाना रात में छिड़कें.
कपूर, नीम का तेल और डिटर्जेंट का घोल:
सामग्री: 1 कप गुनगुना पानी, 4-5 कपूर की पिसी हुई गोलियां, 1 चम्मच नीम का तेल और 1/2 चम्मच डिटर्जेंट पाउडर.
बनाने की विधि: गुनगुने पानी में कपूर का चूरा, नीम का तेल और डिटर्जेंट मिलाकर घुलने दें. फिर इसे छिड़काव बोतल में भर लें.
इस्तेमाल का तरीका: कपूर और नीम की अत्यधिक तीखी गंध तिलचट्टों और उड़ने वाले बरसाती कीड़ों के तंत्रिका तंत्र पर असर करती है. इसे मुख्य द्वार, ट्यूबलाइट के आसपास की दीवारों और अंधेरे कोनों में छिड़कें.
कीड़ों और तिलचट्टों को रोकने के 3 जरूरी उपाय
रोशनी पर नियंत्रण रखें: शाम के समय खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें. यदि उड़ने वाले कीड़े ज्यादा हों, तो कुछ देर के लिए मुख्य लाइटें बंद करके दूर किसी कोने में हल्की लाइट जलाएं ताकि कीड़े बाहर की तरफ आकर्षित हों.
जल निकासी पर बारीक जाली लगाएं: रसोई के सिंक और स्नानघर की जल निकासी लाइनों पर बारीक जाली लगाकर रखें, क्योंकि तिलचट्टे ज्यादातर नालियों के रास्ते ही घर में प्रवेश करते हैं.
सफाई और सूखापन बनाए रखें: भोजन के जूठे बर्तन रात में सिंक में न छोड़ें और रसोई के स्लैब को सिरके वाले पानी से पोंछकर सूखा रखें.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क