How To Grow Cardamom Plant At Home: भारतीय रसोई में कई तरह के मसाले इस्तेमाल किए जाते हैं, जो खाने में स्वाद और खुशबू जोड़ते हैं. इन्हीं में इलायची भी शामिल है. इलायची चाय से लेकर छोले और बिरयानी तक को खुशबूदार बनाने का काम करती है. ऐसे में ज्यादातर लोग इसे महीने के राशन में जरूर मंगाते हैं. लेकिन छोटी सी इलायची जितनी खुशबूदार होती है, उससे कहीं ज्यादा महंगी भी होती है. ऐसे में हर महीने इसे खरीद पाना लोगों की जेब पर भारी पड़ता है.
अगर हर महीने महंगी इलायची खरीदना आपकी जेब पर भारी पड़ रहा है, तो अब इस खर्च को काफी हद तक कम किया जा सकता है. अच्छी बात ये है कि इलायची उगाने के लिए बड़े बगीचे की जरूरत नहीं होती. थोड़ी सी देखभाल और सही तरीका अपनाकर आप अपने घर की बालकनी, छत या आंगन में गमले में ही इलायची का पौधा आसानी से उगा सकते हैं. इससे जरूरत पड़ने पर ताजी इलायची भी मिलेगी और घर की हरियाली में भी चार चांद लग जाएंगे. आइए जानते हैं गमले में इलायची लगाने का आसान और सही तरीका.
सबसे पहले अच्छे बीज चुनें
इलायची उगाने के लिए सबसे जरूरी है कि आपके पास ताजे और अच्छी क्वालिटी के बीज हों. आप किसी भी अच्छी नर्सरी से बीज खरीद सकते हैं. अगर घर में रखी इलायची की फली से बीज निकाल रहे हैं, तो ध्यान रखें कि फली हरी और ताजी हो. सूखी या भुनी हुई इलायची के बीज आमतौर पर उगते नहीं हैं.
किस तरह का गमला लें?
शुरुआत में छोटे गमले या सीडलिंग ट्रे का इस्तेमाल करें. गमले के नीचे पानी निकलने के लिए छेद होना जरूरी है, ताकि पानी जमा न हो और बीज खराब न हों. चाहें तो बायोडिग्रेडेबल पॉट भी इस्तेमाल कर सकते हैं, जिन्हें बाद में सीधे बड़े गमले में लगाया जा सकता है.
मिट्टी कैसी होनी चाहिए?
इलायची के बीज को बहुत हल्की और पानी निकालने वाली मिट्टी पसंद होती है. ये सबसे अच्छी तरह से इसी तरह की मिट्टी में अंकुरित होते हैं. इसके लिए ऐसी पॉटिंग मिक्स तैयार करें जिसमें नमी भी बनी रहे और पानी भी न रुके. मिट्टी जितनी भुरभुरी होगी, पौधे की जड़ें उतनी अच्छी तरह बढ़ेंगी.
बीज लगाने का सही तरीका
हर गमले में 2 से 3 बीज लगभग आधा इंच गहराई में लगाएं. ऊपर से हल्की मिट्टी डालकर धीरे से दबा दें. एक साथ कई बीज लगाने से अंकुर निकलने की संभावना बढ़ जाती है.
गर्म और नमी वाला माहौल जरूरी
इलायची एक ट्रॉपिकल पौधा है, इसलिए इसे गर्म और नमी वाला वातावरण पसंद है. गमले को ऐसी जगह रखें जहां इसे सीधी तेज धूप न पड़े, लेकिन अच्छी रोशनी मिलती रहे. चाहें तो शुरुआत में गमले को ट्रांसपेरेंट प्लास्टिक से हल्का ढक सकते हैं, ताकि नमी बनी रहे.
पानी कितना दें?
इलायची के पौधे की मिट्टी हमेशा हल्की नम रहनी चाहिए, लेकिन नम होने का मतलब ये नहीं है कि उसमें पानी जमा हो जाए. पानी जमा बिल्कुल नहीं होना चाहिए. अगर पानी जमा होगा तो जड़ें सड़ और गल सकती है. ऐसे में स्प्रे बोतल की मदद से हल्का पानी देना बेहतर रहता है. ज्यादा पानी देने से बीज सड़ सकते हैं और फफूंदी लग सकती है.
अंकुर निकलने में लग सकता है समय
अगर बीज लगाने के बाद कई दिनों तक कुछ दिखाई न दे तो परेशान न हों. इलायची के बीज जल्दी अंकुरित नहीं होते. आमतौर पर 2 से 4 हफ्ते या इससे भी ज्यादा समय लग सकता है. इस दौरान मिट्टी की नमी और टेंपरेचर का ध्यान रखें.
कब करें बड़े गमले में शिफ्ट?
जब पौधा करीब 3 से 4 इंच लंबा हो जाए और उस पर 2 या उससे ज्यादा असली पत्तियां आ जाएं, तब उसे बड़े गमले में लगा दें. नई जगह पर ऐसी मिट्टी रखें जो उपजाऊ हो, पानी रोककर न रखे और हल्की नमी बनाए रखे.
पौधे में खाद कौन सी डालें?
पौधा थोड़ा बड़ा होने के बाद उसमें हर 4 से 6 हफ्ते में जैविक खाद, कम्पोस्ट या बैलेंस्ड लिक्विड फर्टिलाइजर डालें. इससे पौधा तेजी से बढ़ेगा और पत्तियां हरी-भरी रहेंगी.
इलायची आने में कितना समय लगता है?
इलायची का पौधा धीरे-धीरे बढ़ता है. आमतौर पर 2 से 3 साल बाद इसमें फलियां आनी शुरू होती हैं. जब फलियां हरी और भरी हुई दिखने लगें, तब उन्हें तोड़ लें. इस्तेमाल से पहले अच्छी तरह सुखाकर एयरटाइट डिब्बे में स्टोर करें.
ध्यान रखें ये बातें
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क