2013 के यौन उत्पीड़न मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने तरुण तेजपाल को दोषी ठहराते हुए 10 साल की कठोर कैद और जुर्माने की सजा सुनाई. इससे पहले 2021 में ट्रायल कोर्ट ने उन्हें बरी किया था. तेजपाल ने आरोपों से इनकार किया है और उनके वकीलों ने फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है.