कपूर खानदान की बेटी के लहंगे में दिखी पंजाबी विरासत, 1600 घंटे में बनकर तैयार हुआ था आउटफिट

अंशुला कपूर और उनके मंगेतर रोहन ठक्कर की शादी का जश्न माता की चौकी से शुरू हुआ. इस मौके पर अंशुला ने जो लहंगा पहना था, उसे बनाने में 1,600 घंटे का समय लगा था. लेकिन इस आउटफिट का सांस्कृतिक महत्व भी

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क्यों खास है अंशुला कपूर का प्री वेडिंग लहंगा (Photo: ITG) क्यों खास है अंशुला कपूर का प्री वेडिंग लहंगा (Photo: ITG)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 24 जून 2026,
  • अपडेटेड 1:39 PM IST

अंशुला कपूर और उनके मंगेतर रोहन ठक्कर की शादी का जश्न शुरू हो चुका है. इस जश्न की शुरुआत माता की चौकी से हुई जिसमें पूरा कपूर खानदान शामिल हुआ. अंशुला कपूर ने इस खास मौके पर बेहद खूबसूरत गोल्डन लहंगा पहना था.

उन्होंने ITRH ब्रैंड का लहंगा पहना था जिसे रिद्धि बंसल द्वारा डिजाइन और मोहित राय द्वारा स्टाइल किया गया था. इस लहंगे पर पारंपरिक भारतीय कारीगरी और विरासत की खूबूसूरत झलक थी. 

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क्यों खास था अंशुला का आउटफिट

इस फंक्शन के लिए अंशुल ने बनारसी सिल्क टिश्यू ब्रोकेड से बना शानदार गोल्डन लहंगा पहना था. इस आउटफिट में ITRH की खास जड़ाऊ वाली डिटेलिंग और बारीक हाथ की कढ़ाई की गई थी.

लहंगे को घुंघरू के काम, जरदोजी की कढ़ाई, शीशों और पोलकी एलिमेंट्स से सजाया गया था जिससे पूरे लहंगे को भारी बनाए बिना एक शानदार टेक्सचर वाला लुक मिला. इसका रंग क्लासिक गोल्डन टोन में रखा गया था जिससे आउटफिट को टाइमलेस लुक मिला.

लेकिन इस लुक का मुख्य आकर्षण वाइब्रेंडट फुलकारी दुपट्टा था. इस रंग-बिरंगे दुपट्टे ने गोल्डन आउटफिट के साथ एक शानदार कंट्रास्ट बनाया. इस दुपट्टे का लुक सांस्कृतिक महत्व को भी दर्शा रहा था. 

सिर्फ एक लहंगा नहीं, एक पारिवारिक कहानी

इवेंट की तस्वीरों के साथ शेयर किए गए एक नोट में अंशुला ने बताया कि उन्होंने यह पीस क्यों चुना.

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उन्होंने बताया, 'इस मौके पर फुलकारी दुपट्टा पहनना बहुत ज्यादा सार्थक लगा. पंजाबी परंपरा में गहराई से जुड़ी यह चीज विरासत, कारीगरी और पीढ़ियों से चली आ रही महिलाओं की दुआओं का जश्न है.'

कई पंजाबी परिवारों के लिए फुलकारी सिर्फ सजावटी कढ़ाई से कहीं ज्यादा है. पारंपरिक रूप से महिलाओं द्वारा हाथ से बनाई जाने वाली ये चीजें लंबे समय से शादियों, समारोहों और जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों से जुड़ी रही हैं.

1,600 घंटे की हाथ की कारीगरी
इस आउटफिट को जो चीज खास बनाती है, वह है इसे बनाने में लगा समय और मेहनत. डिजाइनर के अनुसार, इस आउटफिट को तैयार करने में लगभग 1,600 घंटे का समय लगा जिससे इसमें की गई बारीक कढ़ाई और डिटेलिंग का पता चलता है.

टिश्यू ब्रोकेड बेस से लेकर सजावट और कढ़ाई तक हर चीज को इस तरह डिजाइन किया गया था कि इसमें गहराई और मूवमेंट दिखे. साथ ही क्लासिक ब्राइडल लुक भी बना रहे.

ट्रेंड-बेस्ड ब्राइडल फॉर्मूले को अपनाने के बजाय इस लुक में हेरिटेज टेक्सटाइल्स और पारंपरिक तकनीकों पर ध्यान दिया गया.

यह लुक उस बड़े ट्रेंड को दिखाता है जिसमें दुल्हनें अपनी शादी के कपड़ों में हेरिटेज टेक्सटाइल्स और अपनी परंपराओं को शामिल कर रही हैं.

अंशुला कपूर की शादी 6 जुलाई को होनी है.

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