शोरूम में सोफा देखते वक्त सबसे पहले नजर उसके डिजाइन, रंग और कीमत पर जाती है. लेकिन एक चीज ऐसी है, जिस पर ध्यान न दिया तो महंगा और खूबसूरत सोफा घर लाने के कुछ ही समय बाद सिरदर्द बन सकता है. हम बात कर रहे हैं सोफे के फैब्रिक की. घर में बच्चे हैं तो कभी जूस या चाय गिर सकती है, पेट्स हैं तो बाल और खरोंच की परेशानी हो सकती है और गर्मियों में कुछ फैब्रिक पर बैठना भी मुश्किल लगता है. इसके साथ ही कुछ फैब्रिक्स के जल्दी कटने-फटने का डर भी बना रहता है.
इसलिए सोफा खरीदते समय सिर्फ कपड़े की सुंदरता देखना ही जरूरी नहीं है, बल्कि ये समझना भी बहुत ही जरूरी है कि फैब्रिक कितना मजबूत है. ये भी समझें कि आपके घर और रोजमर्रा की जरूरत के हिसाब से वेलवेट, लेदरेट या लिनन में से कौन सा फैब्रिक ज्यादा सही रहेगा. इन तीनों की अपनी खूबियां और कमियां हैं. चलिए जानते हैं कि सोफे के लिए कौन सा फैब्रिक सबसे बढ़िया रहता है.
1. वेलवेट सोफा: अगर आप चाहते हैं कि आपका लिविंग रूम थोड़ा लग्जरी और रॉयल दिखे, तो वेलवेट सोफा आपको पसंद आ सकता है. इसका मुलायम टेक्शचर और गहरे रंग कमरे को काफी प्रीमियम लुक देते हैं. बॉटल ग्रीन, नेवी ब्लू, रस्ट और वाइन जैसे शेड्स वेलवेट पर खास तौर पर उभरकर आते हैं.
अच्छी क्वालिटी का वेलवेट देखने में नाजुक जरूर लगता है, लेकिन काफी टिकाऊ हो सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 300+ GSM वाला अच्छा वेलवेट आसानी से फटता नहीं है. सर्दियों में भी इस फैब्रिक से बने सोफे गर्म और आरामदायक महसूस होते हैं.
लेकिन वेलवेट लेने से पहले ये बात जान लें
अगर आप अपने घर के लिए वेलवेट का सोफा चुनने का मन बना रहे हैं, तो आपको उसकी खामियां पता होना भी बहुत जरूरी है. बता दें, वेलवेट पर धूल और पालतू जानवरों के बाल जल्दी नजर आ सकते हैं. अगर घर में सोफे पर रोज खाना-पीना होता है तो गिरा हुआ सामान भी तुरंत साफ करना पड़ेगा, वरना दाग पड़ सकता है. गर्मियों में बिना एसी के लंबे समय तक इस पर बैठना थोड़ा अनकंफर्टेबल लग सकता है.
यानी अगर आपका सोफा ज्यादा इस्तेमाल नहीं होता और आप उसके रखरखाव के लिए समय निकाल सकते हैं, तो वेलवेट अच्छा ऑप्शन हो सकता है. लेकिन अगर घर में सोफा खूब इस्तेमाल किया जाता है, तो ये आपका काम बढ़ा सकता है.
2. लेदरेट सोफा: लेदरेट को आप नकली चमड़ा या रेक्सिन भी कह सकते हैं. इसका सबसे बड़ा फायदा है कि रोजमर्रा की गंदगी साफ करना आसान होता है. सोफे पर चाय, जूस या कोई दूसरी चीज गिर जाए तो आमतौर पर उसे गीले कपड़े से पोंछकर साफ किया जा सकता है. ये पानी को कपड़े की तरह सोखता भी नहीं है. यही वजह है कि जिन घरों में छोटे बच्चे होते हैं और जहां सोफे का रोजाना और ज्यादा इस्तेमाल होता है, लेदरेट सबसे अच्छा ऑप्शन हो सकता है.
लेदरेट की सबसे बड़ी दिक्कत क्या है?
सस्ता या घटिया क्वालिटी का लेदरेट समय के साथ परत छोड़ सकता है. खासकर गर्मी और लगातार इस्तेमाल में इसकी ऊपरी लेयर खराब हो सकती है. इसके अलावा गर्म मौसम में यह त्वचा से चिपचिपा महसूस हो सकता है. चाबी, नाखून या पालतू जानवर के पंजे से खरोंच लग जाए तो वो भी आसानी से दिखाई देती है. इसलिए लेदरेट लेते समय सिर्फ कम कीमत देखकर फैसला न करें, बल्कि फैब्रिक की क्वालिटी भी जरूर देखें.
3. लिनन सोफा: अगर आपको घर में हल्का और नेचुरल लुक पसंद है तो लिनन अच्छा ऑप्शन हो सकता है. ये लकड़ी, जूट और बेंत जैसे नेचुरल मटेरियल के साथ काफी अच्छा लगता है. इसका टेक्शचर कमरे को सॉफ्ट और आरामदायक लुक देता है. लिनन की खासियत ये है कि ये हवा को पास होने देता है, इसलिए गर्म मौसम में दूसरे कुछ फैब्रिक की तुलना में ठंडा महसूस हो सकता है.
दाग जल्दी पकड़ लेता है लिनन
लिनन का सबसे बड़ा नुकसान ये है कि इस पर सिलवटें जल्दी पड़ सकती हैं. साथ ही ये लिक्विड और दाग को सोख सकता है. चाय, तेल या हल्दी जैसी चीज गिर जाए तो देर करने के बजाय तुरंत सफाई करनी पड़ती है. अगर आप लिनन सोफा लेना चाहते हैं तो ब्लेंडेड फैब्रिक के बारे में भी सोच सकते हैं. लिनन-विस्कोस जैसे ब्लेंड में शुद्ध लिनन की तुलना में सिलवटें कम पड़ सकती हैं.
तीनों में फर्क ऐसे समझें
सोफा खरीदते समय सिर्फ फैब्रिक का नाम न पूछें
शोरूम में जाकर सिर्फ ये पूछना काफी नहीं है कि सोफा वेलवेट है या लिनन. फैब्रिक की क्वालिटी के बारे में भी जानकारी लें. साथ ही ये भी पूछें कि फैब्रिक प्योर है या ब्लेंड. कई बार ब्लेंडेड फैब्रिक रोजाना इस्तेमाल में ज्यादा आसान साबित हो सकता है.
आपके घर के लिए कौन सा फैब्रिक फिट बैठेगा?
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क