पानी की जरूरत पूरी करने के लिए अमूमन हर घर की छत पर पानी की टंकी रखी होती है. सुबह नहाने से लेकर खाना बनाने, कपड़े धोने और घर की सफाई तक, रोजमर्रा के कई काम इसी पानी से पूरे होते हैं. लेकिन कई बार छत पर रखी पानी की टंकी के नीचे पानी जमा होता रहता है. ज्यादातर लोग इसे आम समस्या समझकर भूल जाते हैं, लेकिन ऐसा करना सही नहीं होता है. अगर टंकी के आसपास की फर्श हमेशा गीली रहती है, दीवारों पर सीलन के निशान दिखने लगे हैं या पाइप के पास पानी टपकता रहता है, तो इसे मामूली परेशानी समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है.
दरअसल, पानी की टंकी में छोटी-सी दरार, पाइप का ढीला कनेक्शन या सीलिंग खराब होने के कारण धीरे-धीरे पानी रिस सकता है. शुरुआत में यह लीकेज इतना कम होता है कि आसानी से नजर भी नहीं आता, लेकिन लगातार पानी रिसने से छत पर नमी बढ़ सकती है. समय के साथ यही समस्या छत और दीवारों पर सीलन-काई पैदा कर सकती है. कुछ लोग सीधा टंकी बदलने का मन बना लेते हैं, लेकिन ऐसा करने की जरूरत नहीं है. आइए जानते हैं कि छत पर रखी पानी की टंकी में लीकेज होने के क्या संकेत हैं, इसकी वजह कैसे पहचानें और इसे ठीक करने के लिए कौन-से तरीके काम आ सकते हैं.
टंकी के नीचे पानी जमा हो रहा है? इन संकेतों को न करें नजरअंदाज
अगर टंकी के आसपास की फर्श बार-बार गीली हो जाती है, दीवारों पर सीलन के निशान दिखने लगे हैं या पाइप के जोड़ के पास पानी की बूंदें नजर आती हैं, तो टंकी या उसके कनेक्शन में लीकेज हो सकता है. कई बार पानी इतने धीमे-धीमे से रिसता है कि उसकी धार दिखाई नहीं देती, लेकिन आसपास लगातार गीलापन बना रहता है.
इसके अलावा, अगर घर में पानी का इस्तेमाल किए बिना भी टंकी का पानी जल्दी खत्म हो रहा है, तो इस पर ध्यान देना जरूरी है. हालांकि, पानी का लेवल कम होने की दूसरी वजहें भी हो सकती हैं. इसलिए टंकी बदलने या रिपेयर कराने से पहले लीकेज की सही जगह पहचानना जरूरी है.
टंकी में दरार तो नहीं आ गई?
पानी की टंकी में लीकेज होने की एक बड़ी वजह उसमें दरार या छोटा छेद होना है. सीमेंट या कंक्रीट से बनी टंकी में समय के साथ दरारें आ सकती हैं. वहीं, प्लास्टिक की टंकी लगातार धूप में रहने, किसी भारी चीज के टकराने या प्लास्टिक कमजोर होने के कारण खराब हो सकती है.
ऐसे में टंकी के बाहर की तरफ ध्यान से देखें. कहीं दरार, छेद या पानी रिसने के निशान तो नहीं हैं. अगर दरार के आसपास लगातार गीलापन दिखाई दे रहा है, तो उस हिस्से को रिपेयर करने की जरूरत हो सकती है. अगर दरार बड़ी है तो किसी मिस्त्री को बुलाकर टंकी पर पैच लगवाना सही रहता है.
टंकी ठीक है, फिर भी टपक रहा है पानी?
कई बार टंकी में कोई खराबी नहीं होती, लेकिन उसके पाइप के कनेक्शन से पानी लीक होता है. टंकी में पानी भरने और बाहर निकालने वाले पाइप के जोड़ ढीले हो सकते हैं. इसके अलावा, पुरानी सीलिंग खराब होने या फिटिंग में गड़बड़ी के कारण भी पानी बाहर निकल सकता है.
अगर टंकी पर कोई भी दरार नहीं दिख रही है, तो इनलेट और आउटलेट पाइप के आसपास चेक करें. जहां पानी की बूंदें या लगातार नमी दिखाई दे, उस हिस्से पर खास ध्यान दें. छोटी-मोटी फिटिंग की समस्या को ठीक कराया जा सकता है, लेकिन पाइप या कनेक्शन बदलने की जरूरत हो तो प्लंबर को बुलाना सही रहता है.
घर पर कैसे पता करें, लीकेज कहां से हो रहा है?
टंकी को रिपेयर करने से पहले ये पता लगाना जरूरी है कि पानी किस जगह से निकल रहा है. इसके लिए कुछ आसान तरीके अपनाए जा सकते हैं.
कंक्रीट की टंकी में लीकेज हो तो क्या करें?
सीमेंट या कंक्रीट की टंकी में छोटी दरार होने पर वॉटरप्रूफ रिपेयर मोर्टार से उसे रिपेयर किया जा सकता है. इसके साथ ही टंकी के अंदर की तरफ पानी के लिए वॉटरप्रूफ कोटिंग लगाने से भी लीकेज रोकने में मदद मिल सकती है. अगर पानी कोनों या जोड़ से निकल रहा है, तो सही सीलेंट का इस्तेमाल करें. रिपेयर से पहले टंकी खाली करें और सरफेस को अच्छी तरह साफ करें.
प्लास्टिक की टंकी में दरार हो तो अपनाएं ये तरीका
प्लास्टिक की टंकी में छोटा छेद या दरार होने पर उसे ठीक करने के लिए रिपेयर का ऐसा सामान इस्तेमाल करें, जो प्लास्टिक पर अच्छी तरह चिपक सके. अगर दरार बड़ी है, तो प्लास्टिक वेल्डिंग से उसे ठीक कराया जा सकता है. वहीं, रिपेयर टेप से कुछ समय के लिए पानी का लीकेज रोका जा सकता है. ध्यान रखें कि पीने के पानी की टंकी में ऐसी चीजों का ही इस्तेमाल करें, जो पानी के लिए सेफ हो. अगर टंकी बहुत कमजोर हो गई है या दरार बढ़ती जा रही है, तो उसे बदलना ही अच्छा रहता है.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क