बालकनी में लगवाना है नया दरवाजा? फोल्डिंग या स्लाइडिंग, जानें कौन-सा है बेस्ट

Folding vs Sliding Doors: बालकनी का दरवाजा चुनते समय अक्सर लोग कंफ्यूज रहते हैं कि स्लाइडिंग डोर बेहतर है या फोल्डिंग डोर. अगर आप भी अपनी बालकनी के लिए दरवाजा सलेक्ट करने में कंफ्यूज हैं, तो आज हम आपको बताएंगे कि आपके लिए कौन सा बेस्ट रहेगा.

Advertisement
फोल्डिंग और स्लाइडिंग दोनों ही तरह के दरवाजे बालकनी को मॉर्डन लुक देता है. (Photo: ITG) फोल्डिंग और स्लाइडिंग दोनों ही तरह के दरवाजे बालकनी को मॉर्डन लुक देता है. (Photo: ITG)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 27 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 4:48 PM IST

Folding vs Sliding Doors: बालकनी घर का वो हिस्सा होती है, जो सुबह की ठंडी हवा और शाम की सुकूनभरी चाय का आनंद लेने का मौका देती है. ऐसे में ये लोगों के लिए घर का सबसे सुकूनभरा हिस्सा बन जाती है. बालकनी छोटी हो या बड़ी, अगर उसका दरवाजा सही डिजाइन का हो, तो पूरे कमरे का लुक बदल सकता है. कई बार बालकनी में अच्छी-खासी जगह होती है, लेकिन दरवाजा खुलने पर कमरे का काफी हिस्सा घिर जाता है. इससे आने-जाने में परेशानी होती है और कमरा भी छोटा-छोटा लगने लगता है. वहीं, सही दरवाजा लगाने से न सिर्फ जगह का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है, बल्कि घर में नेचुरल रोशनी और खुलापन भी बढ़ाया जा सकता है.

Advertisement

आजकल घरों में पुराने दरवाजों की जगह स्लाइडिंग और फोल्डिंग डोर का चलन बढ़ रहा है. ये दिखने में मॉडर्न होते हैं और बालकनी को भी स्टाइलिश लुक देते हैं. लेकिन दोनों के डिजाइन और इस्तेमाल में काफी फर्क होता है. दोनों देखने में मॉडर्न लगते हैं, लेकिन इनके खुलने का तरीका, जगह की जरूरत और इस्तेमाल अलग-अलग होता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि आपकी बालकनी के लिए कौन-सा दरवाजा ज्यादा सही रहेगा.

फोल्डिंग डोर क्या होता है?
फोल्डिंग डोर को बाइ-फोल्ड डोर भी कहा जाता है. इसमें कांच के कई पैनल लगे होते हैं, जो आपस में जुड़े रहते हैं. दरवाजा खोलने पर ये पैनल एक तरफ मुड़कर इकट्ठा हो जाते हैं. इससे बालकनी और कमरे के बीच का ज्यादातर हिस्सा खुल जाता है.

इस तरह के दरवाजे की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन्हें पूरा खोलने पर कमरे और बालकनी के बीच की दूरी कम महसूस होती है. इससे घर में खुलापन नजर आता है. अगर आप घर पर दोस्तों या रिश्तेदारों को बुलाते हैं और बालकनी में बैठना पसंद करते हैं, तो यह डिजाइन अच्छा ऑप्शन हो सकता है.

Advertisement

बंद होने पर भी इसके कांच वाले पैनल बाहर की रोशनी को कमरे में आने देते हैं. हालांकि, इसे लगाने से पहले यह देखना जरूरी है कि दरवाजा खुलने पर सभी पैनल किस तरफ इकट्ठा होंगे और वहां उनके लिए सही जगह है या नहीं.

स्लाइडिंग डोर क्यों है खास?
स्लाइडिंग डोर में पैनल एक ट्रैक पर दाएं या बाएं खिसककर खुलते हैं. इसमें दरवाजे को अंदर या बाहर की तरफ घुमाकर खोलने की जरूरत नहीं होती. यही वजह है कि छोटी बालकनी और कम जगह वाले कमरों में ये फायदेमंद हो सकते हैं. 

इस डिजाइन में आमतौर पर बड़े-बड़े कांच के पैनल लगाए जाते हैं, जिससे बाहर का नजारा साफ दिखाई देता है और कमरे में भरपूर रोशनी आती है. इसके फ्रेम पतले होते हैं, जो घर को मॉडर्न और साफ-सुथरा लुक देने में मदद करते हैं.

हालांकि, स्लाइडिंग डोर खोलने पर एक पैनल दूसरे के पीछे चला जाता है. इसलिए दरवाजा पूरी तरह खुलने पर भी पूरा रास्ता खाली नहीं होता. अगर आप बालकनी और कमरे के बीच लगभग पूरी जगह खोलना चाहते हैं, तो यह बात ध्यान में रखें.

फोल्डिंग और स्लाइडिंग डोर में क्या है अंतर?
फोल्डिंग और स्लाइडिंग डोर, दोनों ही तरह के दरवाजे घर को स्टाइलिश लुक दे सकते हैं, लेकिन इनकी खूबियां अलग हैं.

ज्यादा खुली जगह चाहिए: अगर आपको ज्यादा खुली जगह चाहिए तो फोल्डिंग डोर बेहतर ऑप्शन हो सकता है, क्योंकि इसके पैनल एक तरफ मुड़कर लगभग पूरी ओपनिंग खाली कर देते हैं.

Advertisement

बाहर का नजारा साफ देखना है: स्लाइडिंग डोर में बड़े कांच के पैनल और पतले फ्रेम बालकनी के व्यू को खुला रखने में मदद कर सकते हैं.

बालकनी छोटी है: स्लाइडिंग डोर ज्यादा आरामदायक हो सकता है, क्योंकि इसके पैनल ट्रैक पर खिसकते हैं. फोल्डिंग डोर के पैनल रखने के लिए भी अच्छी जगह चाहिए.

घर में ज्यादा लोगों का आना-जाना रहता है: अगर आप अक्सर बालकनी में पार्टी या छोटी गेट-टुगेदर करते हैं, तो फोल्डिंग डोर से आने-जाने के लिए ज्यादा खुली जगह मिल सकती है.

कमरे को मिनिमल लुक देना है: स्लाइडिंग डोर का सिंपल डिजाइन मॉर्डन इंटीरियर के साथ आसानी से कंबाइन हो सकता है.

दरवाजा लगवाते समय सिक्योरिटी और मौसम का भी रखें ध्यान
बालकनी के लिए दरवाजा चुनते समय सिर्फ उसका डिजाइन न देखें, बल्कि उसकी मजबूती और सुरक्षा का भी ध्यान रखना जरूरी है. दरवाजे में अच्छी क्वालिटी का लॉक होना चाहिए, ताकि घर सेफ रहे.

इसके अलावा, दरवाजे के किनारों पर अच्छी सीलिंग होनी चाहिए. इससे बारिश का पानी, धूल और गर्म हवा घर के अंदर आने से रोकने में मदद मिलती है. भारत में गर्मी और मॉनसून को देखते हुए ऐसा दरवाजा चुनें, जो बदलते मौसम को आसानी से झेल सके.

आप चाहें तो एल्युमिनियम फ्रेम वाला दरवाजा भी लगवा सकते हैं. ये वजन में हल्का होता है और सही फिनिश वाले एल्युमिनियम फ्रेम में ज़ंग भी नहीं लगता है. हालांकि, दरवाजे की मजबूती सिर्फ फ्रेम पर नहीं, बल्कि उसकी फिटिंग, लॉक और लगाने के तरीके पर भी निर्भर करती है.

Advertisement

आपकी बालकनी के लिए कौन-सा दरवाजा रहेगा सही?
अगर आपकी बालकनी छोटी है और आप बाहर का नजारा बिना किसी रुकावट के देखना चाहते हैं, तो स्लाइडिंग डोर चुन सकते हैं. इसमें पैनल खिसककर खुलते हैं, इसलिए दरवाजे को खोलने के लिए एक्स्ट्रा जगह नहीं चाहिए.

वहीं, अगर आपकी बालकनी चौड़ी है और आप चाहते हैं कि जरूरत पड़ने पर कमरा और बालकनी एक ही खुली जगह जैसे नजर आएं, तो फोल्डिंग डोर अच्छा ऑप्शन हो सकता है. खासकर उन घरों में जहां बालकनी का इस्तेमाल बैठने, मेहमानों के साथ समय बिताने या छोटे-मोटे इवेंट के लिए किया जाता है.

दरवाजा लगवाने से पहले बालकनी की चौड़ाई और दरवाजा खुलने के लिए कितनी जगह है, ये जरूर देख लें. इसके अलावा, अपने बजट के हिसाब से दरवाजा चुनें. कांच की मजबूती, लॉक की क्वालिटी और बारिश, धूल व गर्मी से बचाव जैसी बातों का भी ध्यान रखें.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »