रोज की ये 7 छोटी-छोटी गलतियां बना देंगी पूरे घर को सीलन वाला, जगह-जगह फूलने लगेंगी दीवारें

बारिश के बाद घर में नमी, दीवारों पर सीलन और बदबू की समस्या सिर्फ खराब पेंट की वजह से नहीं होती. कमरे में कपड़े सुखाने से लेकर अलमारी को दीवार से चिपकाकर रखने तक, जानिए रोज की वो 7 गलतियां जो आपके घर को सीलनदार बना देती हैं और इनसे कैसे बचा जाए.

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दीवरों पर सीलन का कारण बाथरूम की नमी भी बन सकती है. (Photo: ITG) दीवरों पर सीलन का कारण बाथरूम की नमी भी बन सकती है. (Photo: ITG)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 14 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 8:16 AM IST

बारिश का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन इसी के साथ घर के अंदर नमी की परेशानी भी बढ़ जाती है. घर में नमी ना केवल बारिश के दौरान रहती है, बल्कि बरसात का मौसम चले जाने के बाद भी परेशान करती है. बारिश का मौसम तो चला तो जाता है, लेकिन अपने पीछे घर में नमी और सीलन छोड़ जाता है. बारिश के बाद कई घरों की दीवारों पर जगह-जगह दाग दिखने लगते हैं, पेंट फूलने लगता है और कमरों में अजीब सी बदबू भी आने लगती है. कई बार लोग दीवारों पर सीलन देखकर सीधे पेंट या वॉटरप्रूफिंग का खर्च सोचने लगते हैं, जबकि समस्या की वजह घर में रोज होने वाली कुछ छोटी-छोटी गलतियां भी हो सकती हैं.

अगर आपके घर में भी ऐसा हो रहा है तो हर बार इसकी वजह खराब पेंट या वॉटरप्रूफिंग ही नहीं होती. दरअसल, रोज की कुछ छोटी-छोटी आदतें भी घर के अंदर नमी बढ़ाने का काम करती हैं. गीले कपड़े कमरे में सुखाने से लेकर फर्नीचर को दीवार से चिपकाकर रखने तक, ऐसी 7 गलतियां हैं जो धीरे-धीरे पूरे घर को सीलन वाला बना सकती हैं. चलिए जानते हैं इनके बारे में.

 1. कमरे में ही गीले कपड़े सुखाना: कुछ लोग बारिश में कपड़े बाहर सुखाना मुश्किल होता है, इसलिए अक्सर लोग उन्हें कमरे के अंदर ही टांग देते हैं. लेकिन गीले कपड़ों में मौजूद पानी धीरे-धीरे भाप बनकर कमरे की हवा में नमी बढ़ाता है. अगर कमरे में हवा का सही वेंटिलेशन नहीं है तो ये नमी बाहर नहीं निकल पाती और दीवारों पर जमने लगती है. कोशिश करें कि कपड़े ऐसी जगह सुखाएं जहां हवा का फ्लो सही बना रहे.

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2. नमी भरे मौसम में खिड़कियां खुली छोड़ देना: बारिश के दिनों में ताजी हवा के लिए खिड़कियां खोलना अच्छा लगता है, लेकिन अगर तेज बारिश पड़े रही है या पड़कर बंद हुई है, तो ऐसे में नमी बहुत ज्यादा बढ़ जाती है. ऐसे में खिड़कियां खोल देना उल्टा पड़ सकता है. बाहर की नम हवा और बारिश की बूंदें कमरे के अंदर आकर खिड़की, दीवार और आसपास रखे फर्नीचर में नमी बढ़ा सकती हैं. इसलिए जब बाहर नमी भरा मौसम हो, तो खिड़कियां बंद रखें और बारिश रुकने या मौसम थोड़ा सूखने पर कमरे में हवा का वेंटिलेशन करें.

3. बाथरूम की नमी को नजरअंदाज करना: बाथरूम घर की सबसे ज्यादा नमी वाली जगहों में से एक होता है. नमी वाले मौसम में यहां गीला फर्श, भीगे तौलिए और भाप काफी देर तक बनी रह सकती है. अगर बाथरूम में एग्जॉस्ट फैन नहीं चलाया जाता या इस्तेमाल के बाद दरवाजा बंद रखा जाता है, तो नमी धीरे-धीरे घर के दूसरे हिस्सों तक पहुंच सकती है. बाथरूम को इस्तेमाल करने के बाद फर्श सुखाएं और एग्जॉस्ट फैन जरूर चलाएं.

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4. दीवार या छत पर दिख रहे छोटे लीकेज को टालना: मॉनसून शुरू होते ही अगर छत, खिड़की, पाइप या दीवार के किसी कोने में हल्का गीलापन दिखाई दे तो उसे नजरअंदाज न करें. छोटी सी लीकेज लगातार पानी और नमी पहुंचाती रहे तो कुछ समय बाद वहां सीलन का दाग, पेंट फूलना और बदबू जैसी समस्या हो सकती है. इसलिए जहां से पानी आने के चांस हो, उसे शुरुआत में ही चेक करवाना सही रहता है.

5. फर्नीचर को दीवार से बिल्कुल चिपकाकर रखना: घर में जगह बचाने के लिए अलमारी, सोफा या बेड को अक्सर दीवार से बिल्कुल सटाकर रखा जाता है. लेकिन नमी के मौसम में यही आदत दीवार और फर्नीचर के बीच हवा का रास्ता बंद कर देती है. नमी वाली दीवार और फर्नीचर के बीच हवा न पहुंचने से वहां सीलन और फंगस बढ़ने का खतरा रहता है. इसलिए फर्नीचर और दीवार के बीच थोड़ी जगह जरूर रखें.

6. AC को सिर्फ ठंडा करने के लिए चलाना: नमी भरे मौसम में टेंपरेचर बहुत ज्यादा न होने के बावजूद कमरे में चिपचिपाहट महसूस हो सकती है. इसकी वजह हवा में मौजूद ज्यादा नमी हो सकती है. ऐसे में जिन AC में ड्राई मोड का ऑप्शन होता है, उसका इस्तेमाल कमरे की एक्स्ट्रा नमी कम करने में मदद कर सकता है. हालांकि AC का सही मोड कमरे के तापमान और मौसम के हिसाब से ही चुनें.

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7. गीले जूते-छाते घर के अंदर ही छोड़ देना: बारिश में भीगकर लौटने के बाद भीगे जूते, छाता और रेनकोट को घर के किसी कोने में रख देना बहुत आम बात है. लेकिन इन चीजों पर मौजूद पानी धीरे-धीरे आसपास की हवा में नमी बढ़ाता है. लंबे समय तक गीली चीजें बंद जगह में पड़ी रहें तो बदबू और कुछ सरफेस पर फंगस की समस्या भी हो सकती है. इसलिए छाते, जूतों और रेनकोट को किसी हवादार जगह पर सुखाने के बाद ही घर के अंदर रखें.

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