स्तन कैंसर से पीड़ित महिलाओं के लिए गर्भावस्था कितनी सुरक्षित?

भारतीय महिलाओं में स्तन कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. आइए जानते हैं क्या स्तन कैंसर से पीड़ित महिलाओं के लिए गर्भ धारण करना सुरक्षित होता है...

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प्रतीकात्मक फोटो प्रतीकात्मक फोटो

प्रज्ञा बाजपेयी

  • नई दिल्ली,
  • 03 दिसंबर 2018,
  • अपडेटेड 6:24 PM IST

भारतीय महिलाओं में स्तन सबसे प्रचलित कैंसर है. लेकिन अगर सही समय पर इसका इलाज किया जाए तो ये कैंसर मातृत्व में बाधा नहीं बन सकता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस बात की जानकारी दी है.

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, स्तर कैंसर से जंग लड़ रही महिलाओं के लिए गर्भावस्था संभव है. यह पुनरावृत्ति के जोखिम को नहीं बढ़ाता और न हीको किसी तरह का नुकसान पहुंचाता है.

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मुंबई के एचसीजी कैंसर सेंटर की कंसलटेंट (रेडिएशन, ओंकोलोजी) उपासना सक्सेना ने बताया, " स्तन कैंसर से पीड़ित महिलाओं के लिए गर्भावस्था संभव है. फिलहाल ऐसा कोई कारण या सबूत नहीं है, जिससे माना जाए कि स्तन कैंसर के इलाज के बाद होने से मां या शिशु को किसी प्रकार का जोखिम हो सकता है."

सक्सेना ने कहा, "पहले, गर्भावस्था का इरादा रखने वाली महिलाओं में की पुनरावृत्ति के जोखिम में वृद्धि को लेकर चिंताएं थीं, लेकिन यह अच्छी खबर है कि अध्ययनों में दर्शाया गया कि गर्भ धारण करने वाली महिलाओं में उन महिलाओं की तुलना में जो गर्भ धारण नहीं करती हैं, इस प्रकार का जोखिम कम होता है.

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आई.सी.एम.आर) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 2016 में 14 लाख कैंसर के मरीज थे और इनकी संख्या बढ़ने की संभावना है. रिपोर्ट के मुताबिक, "स्तन कैंसर फिलहाल भारतीय महिलाओं में सबसे आम कैंसर हैं.

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