आज की Gen Z के लिए सोशल मीडिया सिर्फ रील्स देखने या दोस्तों से जुड़े रहने का जरिया नहीं है. अब यह किसी ब्रांड को खोजने और खरीदारी करने की पूरी जर्नी का अहम हिस्सा बन चुका है. लेकिन यहां एक दिलचस्प बात सामने आती है- Gen Z सोशल मीडिया और AI का इस्तेमाल तो खूब कर रही है, लेकिन इन पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करती.
मैकिन्से के 2026 स्टेट ऑफ द कंज्यूमर सर्वे पर आधारित ‘फ्रॉम लाइक्स टू बायज’ के मुताबिक, सोशल मीडिया अब Gen Z की शॉपिंग जर्नी का सबसे अहम चैनल बन चुका है. खासकर ब्रांड खोजने और खरीदारी करने के दौरान सोशल मीडिया Gen Z का सबसे जरूरी सोर्स है. इसके मुकाबले बेबी बूमर्स इन दोनों स्टेज पर अब भी स्टोर्स पर ज्यादा निर्भर हैं.
929 जेन जी और 1,448 बूमर्स से समझा शॉपिंग का फर्क
मैकिन्से ने प्रोडक्ट की जानकारी लेने के अलग-अलग सोर्स पर भरोसे को समझने के लिए 929 जेन जी और 1,448 बेबी बूमर लोगों के जवाबों का विश्लेषण किया. यह सर्वे मार्च-अप्रैल 2026 में किया गया था.
रिपोर्ट के मुताबिक, Gen Z के बीच सोशल मीडिया और जेनरेटिव AI का इस्तेमाल व्यापक है, लेकिन प्रोडक्ट की जानकारी लेने वाले ज्यादातर चैनलों पर Gen Z का भरोसा बेबी बूमर्स की तुलना में कम है.
सोशल मीडिया सबसे आगे, लेकिन भरोसे में पीछे
यहां सबसे बड़ा फर्क देखने को मिलता है. Gen Z के लिए सोशल मीडिया नए ब्रांड और प्रोडक्ट खोजने का सबसे अहम जरिया है, लेकिन भरोसे के मामले में तस्वीर अलग है.
मैकिन्से के मुताबिक, दोस्तों और परिवार की सलाह, एक्सपर्ट्स की सलाह और सेल्स स्टाफ की मदद दोनों पीढ़ियों के लिए सबसे ज्यादा भरोसेमंद सोर्स में शामिल हैं. हालांकि, इन सोर्स पर बेबी बूमर्स का भरोसा जेन जी से काफी ज्यादा है.
इसके बाद ऑनलाइन सर्च, ब्रांड की वेबसाइट और ऑनलाइन स्टोर्स आते हैं, जिन पर लोगों का भरोसा मध्यम स्तर का है. यानी इंटरनेट पर मौजूद हर सोर्स को जेन जी एक जैसा भरोसेमंद नहीं मानती.
यूट्यूब और रिव्यू पर भी ज्यादा भरोसा
एल्गोरिदम से चलने वाले सोर्स में यूट्यूब और ऑनलाइन रिव्यू पर भी सोशल मीडिया और जेनरेटिव AI की तुलना में ज्यादा भरोसा किया जाता है. वहीं सोशल मीडिया और जेनरेटिव AI के जवाबों पर सबसे कम भरोसा देखा गया. हालांकि, यहां एक जरूरी बात है. Gen Z का सोशल मीडिया पर भरोसा बेबी बूमर्स से थोड़ा ज्यादा है. दूसरी तरफ, जेनरेटिव AI पर बेबी बूमर्स का भरोसा Gen Z से ज्यादा है.
यानी Gen Z सोशल मीडिया पर नए ब्रांड और प्रोडक्ट खोज जरूर रही है, लेकिन सिर्फ किसी रील, पोस्ट या AI की सलाह देखकर उस पर तुरंत भरोसा करना जरूरी नहीं है.
जेन जी का नया शॉपिंग फॉर्मूला
मैकिन्से की रिपोर्ट एक दिलचस्प फर्क दिखाती है. जिस डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल Gen Z नए ब्रांड और प्रोडक्ट खोजने और खरीदारी के लिए सबसे ज्यादा कर रही है, वही भरोसे के मामले में सबसे ऊपर नहीं है.
यानी Gen Z के लिए शॉपिंग अब सिर्फ 'देखा और खरीद लिया' वाली कहानी नहीं है. सोशल मीडिया उसे नए प्रोडक्ट तक पहुंचाता है, लेकिन प्रोडक्ट की जानकारी लेते समय Gen Z दोस्तों और परिवार की सलाह, एक्सपर्ट्स की राय, रिव्यू, ऑनलाइन सर्च और दूसरे सोर्स को भी महत्व देती है.
मैकिन्से की रिपोर्ट से साफ है कि Gen Z की शॉपिंग जर्नी तेजी से डिजिटल हो रही है, लेकिन डिजिटल होने का मतलब यह नहीं कि भरोसा भी अपने आप डिजिटल हो गया है.
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