'SIT का दोबारा करें गठन...', राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर बोला सुप्रीम कोर्ट

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जांच कर रही SIT के पुनर्गठन पर विचार करने को कहा है. कोर्ट ने वरिष्ठ IPS अधिकारी की अगुआई में नई टीम बनाने का सुझाव दिया और मामले की सुनवाई अगले हफ्ते तक टाल दी.

Advertisement
राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: सुप्रीम कोर्ट में अब अगले हफ्ते होगी सुनवाई (File Photo) राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: सुप्रीम कोर्ट में अब अगले हफ्ते होगी सुनवाई (File Photo)

संजय शर्मा / सृष्टि ओझा

  • नई दिल्ली,
  • 20 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 8:26 PM IST

अयोध्या के श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान अदालत ने जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) के पुनर्गठन पर विचार करने को कहा. कोर्ट ने कहा कि मामले को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए, जांच का मकसद सिर्फ सच्चाई तक पहुंचना और उसे सही दिशा में आगे बढ़ाना है. मामले की अगली सुनवाई अगले हफ्ते होगी.

Advertisement

सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने जांच की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली. सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी गई है. उन्होंने कहा कि अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और जांच जारी होने के कारण इससे जुड़ी ज्यादा जानकारी साझा नहीं की जा सकती.

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूछा कि जांच के लिए बनाई गई SIT में किन अधिकारियों को शामिल किया गया है. इस पर बताया गया कि टीम में दो IAS और एक IG स्तर के अधिकारी शामिल हैं. इनमें लखनऊ के कमिश्नर, वित्त सचिव और लखनऊ रेंज के IG शामिल हैं. इसके बाद पीठ ने कहा कि ऐसे मामलों की जांच में अनुभवी किसी वरिष्ठ IPS अधिकारी की अगुआई में SIT का पुनर्गठन किया जाए. कोर्ट का कहना था कि जांच को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने के लिए विशेषज्ञ अधिकारी को इसकी जिम्मेदारी दी जा सकती है.

Advertisement

सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल से कहा कि वह सरकार से जरूरी निर्देश लेकर आएं. अदालत ने सुझाव दिया कि अगली सुनवाई तक वरिष्ठ IPS अधिकारियों के वैकल्पिक नाम भी पेश किए जाएं, जो SIT की अगुआई कर सकें.

'जांच को राजनीति से दूर रखें'

चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान कहा कि अदालत इस मामले में पूरी सावधानी बरत रही है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस पूरे विवाद का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए. कोर्ट का उद्देश्य सिर्फ इतना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी हो और सच सामने आए. सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई अगले हफ्ते तय की है. तब तक राज्य सरकार से SIT को लेकर जरूरी निर्देश लेने को कहा गया है. साथ ही अदालत जांच की अगली प्रगति रिपोर्ट भी देखेगी. अब सभी की नजर अगली सुनवाई पर रहेगी, जहां जांच से जुड़े कई अहम पहलुओं पर आगे की तस्वीर साफ हो सकती है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »