बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने नीट की परीक्षा के दिन सत्तारूढ़ कांग्रेस का घेराव किया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि कांग्रेस की विशाल रैली की वजह से शहर में जाम लगा और कई छात्र परीक्षा केंद्रों पर देर से पहुंचे. ऐसे में अब कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने उनपर पलटवार किया है.
दरअसल तेजस्वी सूर्या ने कहा था कि कांग्रेस पैलेस ग्राउंड्स में अपनी रैली के लिए कोई और दिन चुन सकती थी. इसके बजाय, उसने वही दिन चुना जिस दिन हजारों स्टूडेंट NEET दे रहे हैं.
बीजेपी सांसद ने आरोप लगाया था कि जब बेंगलुरु में भारी ट्रैफिक जाम की वजह से जाम लगा, तो कई स्टूडेंट को देर हो गई. कुछ घबराकर एग्जाम सेंटर पहुंच गए और उन्हें अंदर जाने देने के लिए अधिकारियों से मिन्नतें करनी पड़ीं.
'आधा सच फैलाना और गुस्सा बनाना'
तेजस्वी सूर्या के इन आरोपों पर अब प्रियांक खड़गे ने चुप्पी तोड़ी है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा, हमेशा की तरह, लगातार गलत जानकारी फैलाने वाले MP वही कर रहे हैं जिसमें उन्हें सबसे अच्छा लगता है: आधा सच फैलाना और गुस्सा बनाना.
प्रियांक ने आगे बताया कि फैक्ट्स ये हैं कि कुल 720 स्टूडेंट्स को RC कॉलेज में NEET एग्जाम सेंटर दिया गया था. इनमें से 142 एब्सेंट थे और तीन स्टूडेंट्स एग्जाम नहीं दे पाए. मगदी से आ रही एक स्टूडेंट को टाइम पर बस नहीं मिली और वह सेंटर पर देर से पहुंची, जिससे उसका एग्जाम छूट गया.
उन्होंने कहा, 'एक और कैंडिडेट 03.05.2026 को हुए एग्जाम का पुराना हॉल टिकट लेकर आया था, इसलिए उसे एग्जाम देने की परमिशन नहीं मिली. RT नगर साइड से आ रहा सिर्फ एक कैंडिडेट एग्जाम नहीं दे पाया, और इसका सही कारण अभी पता लगाया जा रहा है. बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस ने काफी पहले ही पब्लिक नोटिफिकेशन और ट्रैफिक एडवाइजरी जारी कर दी थी.'
'उनकी अपनी नाकाबिल सरकार...'
प्रियांक ने आगे लिखा, 'BJP MP, जो अलग-अलग वजहों से एग्जाम मिस करने वाले स्टूडेंट्स की चिंता से भरे हुए हैं, तब भी आसानी से चुप थे जब उनकी अपनी नाकाबिल सरकार ने 22 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स को NEET मिसमैनेजमेंट, पेपर लीक और अफ़रा-तफ़री की वजह से परेशान होने दिया, जिसमें 10 से ज्यादा स्टूडेंट्स के सुसाइड करने की खबर है.'
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उन्होंने दावा किया कि BJP MP के अपने लॉजिक से, अगर आज एग्जाम मिस करने वाले किसी स्टूडेंट के लिए कांग्रेस रैली को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए, तो मोदी और धर्मेंद्र प्रधान को पेपर लीक, स्टूडेंट्स की परेशानी और मौतों के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए और उन्हें ऑफिस से निकाल देना चाहिए. बदकिस्मती से खाली ट्रंक वाले MP के लिए, यहां कोई इमरजेंसी एग्जिट नहीं है जिससे वो बेबुनियाद आरोप लगाने के बाद उसे खोलकर निकल सकें.
नागार्जुन