कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने RSS पर प्रतिबंध को लेकर चल रहे विवाद पर सफाई दी है. उन्होंने कहा कि RSS को घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि सरकार ने कभी किसी संगठन या धर्म को निशाना बनाने की मंशा नहीं रखी. उन्होंने साफ किया कि अगर कोई भी संगठन किसी कार्यक्रम के लिए सरकार से अनुमति मांगता है तो उसे जरूरी अनुमति दी जाएगी और सभी इंतजाम किए जाएंगे.
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा कि राज्य में हर कोई अपनी इच्छा के अनुसार काम कर सकता है, लेकिन सबको कानून के दायरे में रहकर ही काम करना होगा. उन्होंने कहा कि इसमें बीजेपी, कांग्रेस, जेडीएस या कोई भी अन्य संगठन शामिल है और किसी को भी चिंता करने की जरूरत नहीं है.
अपनी बात को समझाने के लिए उन्होंने पुराना उदाहरण दिया. उन्होंने बताया कि जब वे विपक्ष में थे, तब राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने फ्रीडम पार्क से चुनाव आयोग तक जाने की अनुमति मांगी थी. उस समय उन्हें बताया गया था कि किसी भी जुलूस के लिए अनुमति जरूरी है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट सहित अदालतों ने कहा है कि हर किसी को अनुमति लेनी होगी.
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शिवकुमार ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि वे अब सत्ता में हैं, इसका मतलब यह नहीं कि वे अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल करें. उन्होंने बताया कि उन्हें खुद राहुल गांधी को समझाना पड़ा था.
सिद्धारमैया, गृह मंत्री परमेश्वर और वे सभी लोगों ने राहुल गांधी से आगे न बढ़ने का अनुरोध किया था. उन्होंने कहा कि उन्होंने राहुल गांधी को समझाया कि कानून का उल्लंघन नहीं करना चाहिए क्योंकि यह राज्य का कानून है और अदालत का निर्देश है, इसलिए अदालत के आदेश का सम्मान करना जरूरी है.
इसके अलावा एक और सवाल पर बात करते हुए, जिसमें कहा गया था कि आजादी सिर्फ चरखे या नमक सत्याग्रह से नहीं मिली, बल्कि अन्य नेताओं के योगदान को भी याद रखना चाहिए, इस पर शिवकुमार ने कहा कि ये वरिष्ठ नेता हैं, इसलिए उनकी बात सुनने में कोई दिक्कत नहीं है. उन्होंने कहा कि कानून में शुरू से ही कुछ प्रावधान रहे हैं और उन्होंने सिर्फ उन प्रावधानों को लेकर स्पष्टता दी है. उन्होंने दोहराया कि इस मामले में किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है.
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