कर्नाटक के धारवाड़ जिले में लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई की है. यहां टीम ने एक तहसीलदार को 50 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया. लोकायुक्त के मुताबिक, तहसीलदार सचिदानंद कुचनूर ने जमीन के रिकॉर्ड में सुधार के बदले यह रकम मांगी थी. शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त ने जाल बिछाया. इसके बाद अधिकारी को नकदी लेते पकड़ लिया गया.
लोकायुक्त एसपी सिद्धलिंगप्पा ने बुधवार देर रात कार्रवाई की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि एक डेवलपर ने शिकायत की थी. वह धारवाड़ तालुक के यारिकोप्पा में जमीन के रिकॉर्ड में सुधार कराना चाहता था. इसके साथ ही जमीन का 'पोडी' यानी उप-विभाजन भी कराया जाना था.
लोकायुक्त अधिकारी ने बताया कि तहसीलदार सचिदानंद कुचनूर ने कथित तौर पर एक एकड़ जमीन और 50 लाख रुपये नकद मांगे थे. शिकायतकर्ता से कहा गया था कि रिकॉर्ड में सुधार और जमीन के बंटवारे का काम कराने के लिए यह रकम देनी होगी.
डेवलपर ने करीब 33 एकड़ जमीन खरीदी थी. इस जमीन के रिकॉर्ड में खेती योग्य और 'खराब' हिस्से को लेकर सुधार की जरूरत थी. इसी सिलसिले में वह अधिकारियों के पास गया था.
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शिकायत के बाद लोकायुक्त ने बिछाया जाल
लोकायुक्त एसपी सिद्धलिंगप्पा ने बताया कि शिकायत बुधवार दोपहर को मिली थी. इसके बाद लोकायुक्त ने मामला दर्ज किया. टीम ने तुरंत जाल बिछाने की तैयारी शुरू कर दी.
तहसीलदार ने शिकायतकर्ता को पैसे देने के लिए KCD ग्राउंड के पास बुलाया था. तय जगह पर शिकायतकर्ता 50 लाख रुपये लेकर पहुंचा. पूरी रकम एक लाल रंग के बैग में रखी गई थी.न शिकायतकर्ता ने यह बैग तहसीलदार को सौंप दिया. तहसीलदार ने बैग लेकर उसे अपने बैग में रख लिया. इसी दौरान लोकायुक्त की टीम ने उसे पकड़ लिया.
लोकायुक्त ने बताया कि जमीन के रिकॉर्ड में सुधार से पहले भी इस मामले में कार्रवाई हुई थी. जॉइंट डायरेक्टर ऑफ लैंड रिकॉर्ड्स ने पहले के 'पोडी' को रद्द करने का आदेश दिया था. साथ ही नए सिरे से पोडी करने के निर्देश दिए गए थे.
इसके बाद असिस्टेंट डायरेक्टर ऑफ लैंड रिकॉर्ड्स ने तहसीलदार को प्रस्ताव भेजा था. इसमें जमीन के रिकॉर्ड में सुधार और उसके उप-विभाजन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात थी. इसी काम को पूरा कराने के लिए रिश्वत मांगने का आरोप है. शिकायत मिलने के कुछ ही घंटों में लोकायुक्त टीम ने कार्रवाई कर दी.
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लोकायुक्त एसपी सिद्धलिंगप्पा ने बताया कि तहसीलदार को नकदी लेते हुए पकड़ा गया है. मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
उन्होंने कहा कि तहसीलदार के ठिकानों की जांच की जाएगी या नहीं, इस पर बाद में फैसला लिया जाएगा. फिलहाल लोकायुक्त की टीम मामले की जांच कर रही है. कार्रवाई के बाद जमीन रिकॉर्ड से जुड़े इस मामले में विभागीय स्तर पर भी हलचल बढ़ने की संभावना है.
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