रिश्वत के 40 लाख रुपये लेते पकड़े गए CGST अफसर, बॉम्बे हाई कोर्ट ने CBI कस्टडी में भेजा

CBI की एंटी करप्शन ब्रांच ने CGST अफसर के खिलाफ 40 लाख रुपये की कथित रिश्वत के मामले में बड़ी कार्रवाई की. बॉम्बे हाई कोर्ट ने आरोपियों को दो दिन की CBI कस्टडी में भेजने का आदेश दिया है.

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रिश्वत लेते पकड़े गए CGST अफसर (Photo: ITG) रिश्वत लेते पकड़े गए CGST अफसर (Photo: ITG)

दिव्येश सिंह

  • मुंबई,
  • 17 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 12:39 AM IST

CBI की एंटी करप्शन ब्रांच, मुंबई ने CGST अफसरों के खिलाफ 40 लाख रुपये की कथित रिश्वत के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस मामले में स्पेशल कोर्ट के उस आदेश को रद्द किया है, जिसमें आरोपियों की गिरफ्तारी को गैर कानूनी बताते हुए उन्हें जमानत दे दी गई थी.

इस मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने आरोपियों को दो दिन की CBI कस्टडी में भेजने का आदेश दिया है. 

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क्या है मामला?

दरअसल, CBI ने 26 अगस्त को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत एक मामला दर्ज किया. इस शिकायत में CSGT, खांडेश्वर, रायगढ़ के सुपरिटेंडेंट राकेश कुमार सिन्हा पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया था. आरोप था कि शिकायतकर्ता की फर्म से जुड़ी कार्रवाई के बदले डेढ़ करोड़ की रिश्वत मांगी गई. हालांकि, बाद में इसे घटाकर 40 लाख रुपये कर दिया गया. 

इस मामले में CBI ने 27 अगस्त को जाल बिछाया. इस दौरान प्राइवेट व्यक्ति व कस्टम्स हाउस एजेंट नरिंदर राजपूत को 40 लाख रुपये लेते हुए पकड़ा गया. CBI का कहना है कि नरिंदर ये रकम CGST सुपरिटेंडेंट राकेश कुमार सिन्हा और CGST एडिशनल कमिश्नर विनय कुमार कंठेती की ओर से ले रहा था. 

इस मामले में राकेश कुमार सिन्हा, नरिंदर राजपूत और विनय कुमार कंठेती को गिरफ्तार कर ठाणे की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया. CBI ने पूछताछ के लिए पांच दिन की कस्टडी की मांग की. हालांकि स्पेशल कोर्ट ने उनकी मांग को खारिज कर दिया. कोर्ट ने आरोपियों की गिरफ्तारी को गैर कानूनी माना और उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया. 

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CBI ने दी स्पेशल कोर्ट के आदेश को चुनौती

स्पेशल कोर्ट के आदेश को CBI ने बॉम्बे हाई कोर्ट में क्रिमिनल रिविजन एप्लीकेशन नंबर 460/2026 के जरिए चुनौती दी. इस मामले में बुधवार 16 सितंबर को बॉम्बे हाई कोर्ट ने CBI की याचिका को स्वीकार करते हुए स्पेशल कोर्ट का आदेश रद्द किया. और आरोपियों को दो दिनों की CBI कस्टडी में भेजा. हाई कोर्ट ने रिकॉर्ड की जांच में पाया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के आधार बताए गए थे और आरोपियों के संबंधित परिवार के सदस्यों और वकीलों को भी इसकी सूचना दी गई थी. 

विनय कुमार कंठेती का पता लगाने में जुटी CBI

हाई कोर्ट के आदेश के बाद, राकेश कुमार सिन्हा और नरिंदर राजपूत को पूछताछ के लिए CBI कस्टडी में ले लिया गया है. वहीं CGST एडिशनल कमिश्नर विनय कुमार कंठेती का पता लगाने की कोशिश की जा रही है. CBI की टीमें मामले में गहन तफ्तीश कर रही है. 

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