इस शराब में 96% अल्कोहल! आखिर किस देश में बनती है दुनिया की सबसे तेज ड्रिंक?

दुनिया की सबसे तेज कमर्शियल स्पिरिट्स में शामिल पोलैंड की Spirytus Rektyfikowany में करीब 96 फीसदी अल्कोहल होता है. यह सामान्य व्हिस्की और वोडका के मुकाबले काफी ज्यादा तेज है. इसका इस्तेमाल कुछ ड्रिंक्स और खाद्य पदार्थों में किया जाता है, लेकिन इसे सीधे पीना खतरनाक हो सकता है.

Advertisement
जानिए इस शराब की खासियत और इसमें अल्कोहल की मात्रा इतनी ज्यादा कैसे होती है. ( Photo: ITG) जानिए इस शराब की खासियत और इसमें अल्कोहल की मात्रा इतनी ज्यादा कैसे होती है. ( Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 10:49 AM IST

आमतौर पर लोग बीयर, वाइन, व्हिस्की और वोडका जैसी शराब के बारे में जानते हैं. इनमें अल्कोहल की मात्रा अलग-अलग होती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसी शराब भी मिलती है, जिसमें 96 फीसदी तक अल्कोहल होता है? इसका नाम स्पिरिटस रेक्टिफिकोवानी (Spirytus Rektyfikowany) है. यह पोलैंड में बनाई जाती है और अपनी बहुत ज्यादा अल्कोहल मात्रा के कारण दुनिया की सबसे तेज कमर्शियल स्पिरिट्स में गिनी जाती है.

liquorama.com के मुताबिक, Spirytus Rektyfikowany में करीब 96 प्रतिशत अल्कोहल होता है. आसान भाषा में समझें तो इसके 100 मिलीलीटर तरल में लगभग 96 मिलीलीटर एथेनॉल यानी अल्कोहल होता है. आमतौर पर बीयर में करीब 4 से 8 फीसदी, वाइन में 10 से 15 फीसदी और व्हिस्की, रम या वोडका में लगभग 35 से 45 फीसदी अल्कोहल होता है. ऐसे में 96 फीसदी अल्कोहल वाली इस स्पिरिट की ताकत सामान्य शराब के मुकाबले काफी ज्यादा है. इसे 192 प्रूफ भी कहा जाता है. यहां प्रूफ शराब में मौजूद अल्कोहल की मात्रा बताने का एक पैमाना है.

क्या इसे सीधे पी सकते हैं?
इस शराब में अल्कोहल की मात्रा बहुत ज्यादा होने के कारण इसे सामान्य व्हिस्की या वोडका की तरह सीधे पीना बेहद खतरनाक हो सकता है. इससे शरीर में बहुत तेजी से अल्कोहल पहुंच सकता है और गंभीर अल्कोहल विषाक्तता यानी अल्कोहल पॉइजनिंग का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए इसे सीधे पीने के लिए सामान्य ड्रिंक नहीं माना जाता. इसका इस्तेमाल आमतौर पर दूसरी चीजें तैयार करने के लिए किया जाता है, जैसे फलों से बने लिकर, हर्बल ड्रिंक और कुछ खाद्य पदार्थों में फ्लेवर देने के लिए. इसके इस्तेमाल में भी सही मात्रा और सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है.

दूसरे नंबर पर कौन सी शराब आती है?
बहुत ज्यादा अल्कोहल वाली स्पिरिट्स में अमेरिका की एवरक्लियर 190 (Everclear 190) का नाम भी शामिल है. इसमें करीब 95 फीसदी अल्कोहल होता है. इसके अलावा गोल्डन ग्रेन 190 (Golden Grain 190) में भी करीब 95 फीसदी अल्कोहल होता है. ये दोनों भी सामान्य शराब के मुकाबले बहुत ज्यादा तेज हैं और इन्हें सीधे पीना खतरनाक हो सकता है.

शराब में अल्कोहल इतना ज्यादा कैसे होता है?
शराब बनाने की प्रक्रिया में फर्मेंटेशन यानी किण्वन और डिस्टिलेशन यानी आसवन का इस्तेमाल किया जाता है. आसान शब्दों में, किण्वन के दौरान शुगर से अल्कोहल बनता है और आसवन की प्रक्रिया से अल्कोहल की मात्रा बढ़ाई जाती है. लेकिन अल्कोहल और पानी के मिश्रण को सामान्य आसवन से अलग करने की एक सीमा होती है. इसी वजह से बाजार में मिलने वाली सबसे तेज स्पिरिट्स में अल्कोहल की मात्रा आमतौर पर 95 से 96 फीसदी के आसपास होती है.

क्या ज्यादा अल्कोहल वाली शराब ज्यादा अच्छी होती है?
शराब में अल्कोहल की मात्रा ज्यादा होने का मतलब यह नहीं है कि उसका स्वाद या गुणवत्ता भी बेहतर है. अलग-अलग शराब का स्वाद उसके कच्चे माल, बनाने के तरीके और दूसरी प्रक्रियाओं पर निर्भर करता है. Spirytus Rektyfikowany अपनी बहुत ज्यादा अल्कोहल मात्रा के कारण चर्चा में रहती है, लेकिन इसे सामान्य शराब की तरह पीना सुरक्षित नहीं है. इतनी तेज स्पिरिट का गलत इस्तेमाल गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है. 96 फीसदी अल्कोहल वाली स्पिरिट को सीधे पीने की कोशिश न करें. ज्यादा अल्कोहल थोड़े समय में शरीर पर गंभीर असर डाल सकता है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »