21 अगस्त, 1944 को अमेरिका, ग्रेट ब्रिटेन, सोवियत संघ और चीन के प्रतिनिधि वाशिंगटन डीसी में एक ऐसे संगठन का ढांचा तैयार करने के लिए मिले, जो बाद में संयुक्त राष्ट्र संघ बना. हालांकि, आधिकारिक तौर पर 1945 में संयुक्त राष्ट्र की स्थापना हुई थी. लेकिन, ये कवायद एक साल पहले शुरू हो गई थी.
संयुक्त राष्ट्र (UN) एक वैश्विक कूटनीतिक और राजनीतिक संगठन है जो अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता के लिए समर्पित है. दूसरे विश्वयुद्ध के बाद जब अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने शांति बनाए रखने और युद्ध के अत्याचारों से बचने के लिए एक नए वैश्विक संगठन के निर्माण का प्रस्ताव रखा था. वाशिंगटन डीसी के जॉर्जटाउन स्थित डंबर्टन ओक्स एस्टेट में एक ऐसे संगठन के औपचारिक थ्योरी तैयार की गई थी, जो विश्वव्यापी आधार पर सामूहिक सुरक्षा प्रदान कर सके.
1943 में मॉस्को सम्मेलन में राष्ट्र संघ के भविष्य के तौर पर एक अंतरराष्ट्रीय संगठन बनाने के वादे को पूरा करते हुए , डंबर्टन ओक्स सम्मेलन ने इसके गठन की योजना बनाना शुरू किया. पहला कदम सुरक्षा परिषद की रूपरेखा तैयार करना था, जिसमें सदस्य देश अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ग्रेट ब्रिटेन - शामिल होंगे. प्रत्येक सदस्य को परिषद के समक्ष लाए गए किसी भी प्रस्ताव पर वीटो का अधिकार होगा.
कई राजनीतिक मुद्दों पर अभी भी विचार-विमर्श होना बाकी था. जैसे कि एक विशिष्ट मतदान प्रणाली और सोवियत संघ के भीतर गणराज्यों की सदस्यता स्थिति. संयुक्त राष्ट्र के लिए एक अधिक विस्तृत खाका फरवरी 1945 में याल्टा सम्मेलन और उसी वर्ष सैन फ्रांसिस्को सम्मेलन में तैयार किया गया. इसके परिणाम स्वरूप संयुक्त राष्ट्र का चार्टर बना.
शुरुआत में यूनाइटेड नेशंस में केवल 51 सदस्य देश थे. आज, न्यूयॉर्क शहर में मुख्यालय वाले इस संगठन के 193 सदस्य हैं. संयुक्त राष्ट्र की प्रमुख पहलों में शांति सुनिश्चित करने के विकल्पों की खोज करके संघर्ष को रोकना, आपात स्थितियों में भोजन और चिकित्सा सहायता प्रदान करना और दुनिया भर के लाखों लोगों को मानवीय सहायता प्रदान करना शामिल है.
aajtak.in