जब अमेरिका 'यूनाइटेड कॉलोनीज' से USA बना, ऐसे हुआ था नाम का अहम फैसला

आज के दिन ही अमेरिका के नाम को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया था. आधिकारिक दस्तावेजों में इसे यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका नाम दिया गया.

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आज के दिन ही अमेरिका का नाम यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका रखा गया था (Photo - Pexels) आज के दिन ही अमेरिका का नाम यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका रखा गया था (Photo - Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 6:42 AM IST

9 सितंबर 1776 को अमेरिका के नाम को लेकर एक ऐसा फैसला हुआ, जिसने आगे चलकर इस नए देश की पहचान तय कर दी.आज दुनिया के सबसे ताकतवर देशों में गिने जाने वाले अमेरिका को हम यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका (USA) के नाम से जानते हैं. लेकिन आज से करीब 250 साल पहले अमेरिका को 'यूनाइटेड कॉलोनीज' कहा जाता था. अमेरिका के कॉन्टिनेंटल कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर इस नए देश का नाम 'यूनाइटेड कॉलोनीज' से बदलकर यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका कर दिया. 

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उस वक्त अमेरिका और ब्रिटेन के बीच आजादी की लड़ाई चल रही थी. ब्रिटेन के अधीन रहने वाली अमेरिकी कॉलोनियां खुद को एक नए देश के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही थीं. जुलाई 1776 में आजादी की घोषणा के बाद हालात तेजी से बदल रहे थे. ऐसे में देश के लिए एक नए नाम की जरूरत भी साफ दिखाई देने लगी थी.

अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम के शुरुआती दौर में इन इलाकों के लिए 'यूनाइटेड कॉलोनीज' यानी संयुक्त उपनिवेश नाम का इस्तेमाल आम था. लेकिन यह नाम उस स्थिति को पूरी तरह नहीं दर्शाता था, जिसमें ये कॉलोनियां पहुंच चुकी थीं. 7 जून 1776 को प्रतिनिधि रिचर्ड हेनरी ली ने कॉन्टिनेंटल कांग्रेस के सामने एक प्रस्ताव रखा था. 2 जुलाई को इसे मंजूरी मिल गई. इसमें कहा गया कि ये सभी कॉलोनियां स्वतंत्र और आजाद राज्य हैं. यानी कागज पर अमेरिका अब ब्रिटेन से अलग होने की दिशा में आगे बढ़ चुका था.

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फिर आया 9 सितंबर 1776 का दिन
इसके बाद 9 सितंबर 1776 को कॉन्टिनेंटल कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर एक और अहम फैसला लिया. कांग्रेस ने तय किया कि जिन सरकारी दस्तावेजों और कमीशनों में अब तक 'यूनाइटेड कॉलोनीज' लिखा जाता था, वहां आगे से यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका लिखा जाएगा.

यही वह बदलाव था, जिसने नए देश के नाम को एक नई पहचान दी. कांग्रेस के फैसले में कहा गया था कि सभी कॉन्टिनेंटल कमीशनों और दूसरे दस्तावेजों में, जहां पहले 'यूनाइटेड कॉलोनीज' शब्द इस्तेमाल होता था, वहां भविष्य में इसकी जगह यूनाइटेड स्टेट लिखा जाए.

दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका की आजादी की कहानी में 2 जुलाई 1776 की भी खास भूमिका थी. इसी दिन रिचर्ड हेनरी ली के उस प्रस्ताव को मंजूरी मिली थी, जिसमें इन कॉलोनियों को स्वतंत्र और आजाद राज्य घोषित करने की बात कही गई थी. अमेरिका के शुरुआती नेताओं में शामिल जॉन एडम्स को लगता था कि भविष्य में 2 जुलाई को अमेरिका के इतिहास का सबसे यादगार दिन माना जाएगा. लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

आज अमेरिका में 4 जुलाई को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है. इसकी वजह यह है कि 4 जुलाई 1776 को थॉमस जेफरसन द्वारा तैयार किए गए संशोधित Declaration of Independence को अपनाया गया था. इसी दस्तावेज में भी इन कॉलोनियों को स्वतंत्र और आजाद राज्य बताया गया था.

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सितंबर 1776 तक अमेरिका की आजादी की घोषणा तैयार हो चुकी थी. उस पर हस्ताक्षर हो चुके थे, इसे छापा जा चुका था और ब्रिटेन तक भी भेज दिया गया था. लेकिन अमेरिका के लिए यह सिर्फ कागज पर किया गया ऐलान नहीं था. ब्रिटेन के खिलाफ युद्ध जारी था और कई जगहों पर अमेरिकी सैनिक अपनी जान गंवा रहे थे.

बोस्टन, मॉन्ट्रियल, क्यूबेक और न्यूयॉर्क जैसे इलाकों में लड़ाई हो चुकी थी. यानी जो बात जुलाई में कागज पर घोषित की गई थी, सितंबर तक वह जमीनी हकीकत भी बनती जा रही थी.

कॉलोनियों से एक नए देश तक का सफर
दरअसल, अमेरिका का नाम बदलना सिर्फ शब्दों का बदलाव नहीं था. 'यूनाइटेड कॉलोनीज' नाम ब्रिटेन से जुड़े उन उपनिवेशों की पहचान बताता था, जो आजादी के लिए संघर्ष कर रहे थे. वहीं यूनाइटेड स्टेट एक ऐसे नए देश की तस्वीर पेश करता था, जिसमें अलग-अलग राज्य मिलकर एक संघ बना रहे थे. कांग्रेस के सितंबर वाले फैसले ने इसी नई वास्तविकता को नाम दे दिया.

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