रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जब किसी दूसरे देश की यात्रा पर जाते हैं तो सिर्फ उनका विमान ही नहीं पहुंचता. उनके साथ सुरक्षा का एक ऐसा पूरा सिस्टम चलता है, जिसकी तैयारी कई दिन पहले से शुरू हो जाती है. इसी कड़ी में ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने आने से पहले 3 रूसी ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंच चुके हैं.
इन बड़े-बड़े रूसी विमान में खास सुरक्षा वाहन, मेडिकल टीम, खाना जांचने वाली टीम और अन्य साजो- सामान होते हैं. यहां तक कि पुतिन के इस्तेमाल की चीजों को लेकर भी खास सावधानी बरती जाती है.
कहा जाता है कि पुतिन को दिए जाने वाले खाने और पानी की भी पहले जांच की जाती है. उनके लिए अलग से खाना तैयार करने और उसे टेस्ट करने के इंतजाम होते हैं. विदेशी दौरों पर उनकी सुरक्षा टीम होटल, कमरे और कार्यक्रम स्थल तक को पहले से जांचती है.
पुतिन की सुरक्षा का यह सिस्टम अचानक नहीं बना. पिछले करीब ढाई दशक में बदलते खतरों के साथ इसमें लगातार बदलाव किए गए. आइए जानते हैं कि आखिर पुतिन की सुरक्षा का यह पूरा प्रोटोकॉल कैसे धीरे-धीरे तैयार हुआ और वह विदेश यात्रा के दौरान अपने साथ क्या-क्या लेकर चलते हैं.
खाना-पानी भी सुरक्षा का हिस्सा
पुतिन के राष्ट्रपति बनने के बाद विदेशी यात्राओं के दौरान उनकी निजी सुरक्षा व्यवस्था और सख्त होने लगी. सार्वजनिक रिपोर्टों में बताया गया कि पुतिन की टीम स्थानीय होटल या कार्यक्रम स्थल पर मिलने वाले खाने-पानी को लेकर काफी सतर्क रहती थी. उनके साथ रूस से बोतलबंद पानी, जरूरी सामान और मेडिकल विशेषज्ञ ले जाने की व्यवस्था की जाने लगी.
विदेशी दौरे पर जाने से पहले उनकी एडवांस टीम कार्यक्रम स्थल पर पहुंचती थी. वहां कमरे, रास्ते, खाने की जगह और दूसरी जरूरी चीजों की जांच की जाती थी. यानी पुतिन जहां पहुंचते हैं, वहां सिर्फ उनका स्वागत करने की तैयारी नहीं होती, बल्कि उनकी सुरक्षा टीम भी पहले से अपना पूरा इंतजाम खड़ा कर देती है.
खाने की जांच के लिए चलती-फिरती लैब
पुतिन की सुरक्षा व्यवस्था में एक और खास चीज जुड़ने की बात सामने आई. ये थी मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब. पुतिन की टीम में शेफ, फूड टेस्टिंग से जुड़े लोग और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल रहते हैं. इनका काम यह सुनिश्चित करना होता है कि राष्ट्रपति को दिया जाने वाला खाना और पेय सुरक्षित हो. यही वजह है कि विदेशी दौरों पर पुतिन के खाने को लेकर अक्सर चर्चा होती रही है.
किसी बड़े भोज में कई तरह के व्यंजन रखे हों, फिर भी पुतिन तक वही खाना पहुंचेगा जिसे उनकी अपनी टीम ने मंजूरी दी हो. इस तरह धीरे-धीरे राष्ट्रपति के लिए खाने में आत्मनिर्भर सुरक्षा व्यवस्था एक महत्वपूर्ण प्रोटोकॉल बन गई.
होटल भी पूरी तरह सुरक्षित किया जाता है
विदेश यात्रा में पुतिन के लिए होटल का कमरा भी सामान्य मेहमानों जैसा नहीं होता. रिपोर्टों के मुताबिक, उनकी एडवांस टीम पहले से होटल और कार्यक्रम स्थल की जांच करती है. कमरे में इस्तेमाल होने वाली चीजों, पानी, खाने और आसपास की गतिविधियों पर नजर रखी जाती है.
कुछ रिपोर्टों में तो यहां तक दावा किया गया कि पुतिन के ठहरने वाले स्थान पर प्लंबिंग और दूसरी सर्विस से जुड़े कर्मचारियों की गतिविधियों की निगरानी की जाती है. इस तरह जिस होटल में पुतिन ठहरते हैं, वहां उनके आने से पहले ही सुरक्षा का एक अलग घेरा तैयार हो जाता है.
रूसी विमान सिर्फ पुतिन को नहीं लाते
पुतिन की विदेश यात्रा में सबसे ज्यादा ध्यान अक्सर उनके विमान और काफिले पर जाता है. रूस के राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान बड़े रूसी विमान पहले से पहुंच सकते हैं. इनमें राष्ट्रपति के सफर से जुड़ी जरूरी चीजों के अलावा सुरक्षा और मेडिकल जरूरतों का सामान भी शामिल हो सकता है.
रिपोर्टों में पुतिन के इस्तेमाल वाले Il-96 विमान में मेडिकल सुविधाओं और मिनी-क्लिनिक जैसी व्यवस्था का भी उल्लेख मिलता है. इसका मतलब यह है कि राष्ट्रपति को किसी विदेशी देश में भी जरूरी मेडिकल सुविधा के लिए पूरी तरह स्थानीय व्यवस्था पर निर्भर न रहना पड़े.
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