नया घर बनवाने के बाद उसे पेंट करवाना सबसे जरूरी काम होता है. लेकिन, अंदर और बाहर की दीवारों पर प्लास्टर के बाद सीधे पेंट नहीं चढ़ाया जाता है. उससे पहले पीओपी यानी प्लास्टर ऑफ पेरिस और वॉल पुट्टी की कोटिंग की जाती है. अब समझना ये है कि नए घर में पीओपी और पुट्टी कब लगाना चाहिए.
नया घर बनवाते समय प्लास्टर होने के कम से कम 15 से 28 दिन बाद पुट्टी या पीओपी लगाने का काम शुरू होता है. प्लास्टर के तुरंत बाद पुट्टी या पीओपी कराने की जल्दबाजी करने से दीवार के अंदर की नमी पेंट को खराब कर सकती है. इससे पपड़ी जमने, दरार आने और बबल्स बनने की समस्या हो सकती है.
ऐसे में यह समझना जरूरी है कि पुट्टी और पीओपी लगाने का सही समय और सही क्रम यानी सिक्वेंस क्या होता है. प्लास्टर होने के बाद दीवारों की कम से कम 8 से 10 दिनों तक दिन में दो बार पानी से अच्छी तरह तराई की जाती है.
तराई पूरी होने के बाद दीवार को पूरी तरह सूखने के लिए 15 से 20 दिन तक छोड़ दिया जाता है. सर्दियों के मौसम में दीवारें देर से सूखती हैं, इसलिए ठंड में प्लास्टर के 1 महीने बाद ही काम शुरू करना बेहतर होता है.
इसके बाद दीवार पर लगी एक्स्ट्रा सीमेंट या धूल को लोहे वाले ब्रश से रगड़कर साफ कर लिया जाता है. यदि प्लास्टर में ज्यादा ऊबड़-खाबड़पन या बड़े गड्ढे हैं, तो दीवारों को समतल करने के लिए पहले 2 से 4 एमएम की पीओपी लेयर लगाई जाती है. अगर प्लास्टर पहले से बिल्कुल सीधा और चिकना है, तो सीधे स्टेप 2 यानी वॉल पुट्टी से काम शुरू किया जा सकता है.
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अगर पीओपी नहीं किया गया है और सीधे प्लास्टर पर वॉल पुट्टी करना है, तो इसके 2 कोट लगाए जाते हैं. यह दीवारों के बारीक छेदों को भरती है और उसे पेंट के लिए सुपर-स्मूथ बनाती है.
पुट्टी पूरी तरह सूखने के बाद प्राइमर का एक कोट लगाया जाता है. यह पुट्टी और पेंट के बीच मजबूत पकड़ बनाता है. इससे दीवारें पेंट कम सोखती हैं और चमक अच्छी आती है. प्राइमर सूखने के बाद आख़िर में मनपसंद रंग का पेंट लगाया जाता है.
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इस तरह नए घर की दीवारों और छतों को प्लास्टर के बाद कैसे पेंट करना है. यह समझा जा सकता है. कब पीओपी लगाना है और कब पुट्टी इस्तेमाल करना है. नए प्लास्टर पर इन्हें लगाने का समय क्या होना चाहिए. इन सब बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है.
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