घर को सुंदर और आकर्षक बनाने के लिए लोग अक्सर बाहर की दीवारों पर पेंट करवाते हैं. लेकिन अब घर की बाहरी दीवारों पर टाइल्स लगवाने का चलन भी तेजी से बढ़ रहा है. कई लोगों को लगता है कि टाइल्स लगवा देने से बार-बार पेंट कराने का खर्च बच जाएगा और घर लंबे समय तक नया जैसा दिखेगा. देखने में यह तरीका अच्छा जरूर लगता है, लेकिन क्या घर के बाहर टाइल्स लगवाना वाकई फायदे का सौदा है? दरअसल, घर की बाहरी दीवारों पर टाइल्स लगाने के कुछ फायदे हैं, लेकिन इसके साथ कई परेशानियां भी जुड़ी हो सकती हैं. इसलिए सिर्फ खूबसूरती देखकर फैसला लेना सही नहीं है.
बाहरी दीवारों पर पेंट कराने के बाद कुछ साल में रंग फीका पड़ने लगता है. बारिश, धूल, धूप और नमी की वजह से दीवारों की चमक भी कम हो जाती है. ऐसे में दोबारा पेंट कराने की जरूरत पड़ती है. टाइल्स लगाने के बाद इस तरह की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है. टाइल्स पर धूल और गंदगी जम भी जाए तो कई बार इसे पानी से साफ किया जा सकता है. यही वजह है कि कुछ लोग घर के बाहर टाइल्स को पेंट से ज्यादा सुविधाजनक मानते हैं.
बारिश और नमी से मिल सकती है राहत
बाहरी दीवारों पर अच्छी क्वालिटी की टाइल्स लगाने से दीवार को सीधे बारिश और मौसम के असर से कुछ हद तक बचाया जा सकता है. खासकर उन जगहों पर जहां बारिश ज्यादा होती है, वहां टाइल्स उपयोगी हो सकती हैं. हालांकि इसके लिए सही टाइल्स और अच्छी क्वालिटी की फिटिंग बेहद जरूरी है. टाइल्स लगवाना शुरुआत में पेंट कराने की तुलना में महंगा पड़ सकता है. इसमें सिर्फ टाइल्स की कीमत नहीं होती, बल्कि सीमेंट, चिपकाने वाला मटेरियल, मजदूरी और दूसरी फिटिंग का खर्च भी जुड़ जाता है. अगर पूरे घर की बाहरी दीवारों पर टाइल्स लगवाई जाएं तो शुरुआती बजट काफी बढ़ सकता है. इसलिए सिर्फ यह सोचकर टाइल्स लगवाना कि आगे पेंट का खर्च बचेगा, हर घर के लिए सही फैसला नहीं है.
टाइल्स टूटने का भी डर
बाहरी दीवार पर लगी टाइल्स मौसम और किसी बाहरी चोट की वजह से टूट सकती हैं. अगर एक-दो टाइल्स खराब हो जाएं तो उन्हें बदलना संभव है, लेकिन अगर पुरानी टाइल्स का डिजाइन बाजार में मिलना बंद हो गया हो तो मैचिंग टाइल्स ढूंढना मुश्किल हो सकता है. इसके अलावा अगर टाइल्स लगाने के दौरान दीवार की सतह ठीक से तैयार नहीं की गई या सही मटेरियल का इस्तेमाल नहीं हुआ, तो समय के साथ टाइल्स उखड़ने की समस्या भी आ सकती है. घर की हर बाहरी दीवार पर टाइल्स लगवाने के बजाय जरूरत के हिसाब से इसका इस्तेमाल किया जा सकता है. जैसे मुख्य दरवाजे के आसपास, बालकनी, पोर्च या घर के निचले हिस्से में टाइल्स लगवाने से घर का लुक भी अच्छा आ सकता है और खर्च भी नियंत्रित रह सकता है. अगर बजट सीमित है तो पूरी बाहरी दीवार पर टाइल्स लगाने के बजाय अच्छी क्वालिटी का वेदरप्रूफ पेंट भी एक बेहतर विकल्प हो सकता है.
तो क्या घर के बाहर टाइल्स लगवानी चाहिए?
इसका कोई एक जवाब नहीं है. अगर आपका बजट अच्छा है, घर ऐसी जगह है जहां बारिश और धूल ज्यादा रहती है और आप लंबे समय तक कम रखरखाव चाहते हैं, तो बाहरी दीवारों पर टाइल्स लगवाना अच्छा विकल्प हो सकता है. लेकिन कम बजट में पूरे घर पर टाइल्स लगवाना जेब पर भारी पड़ सकता है. सबसे जरूरी बात यह है कि टाइल्स लगाने से पहले दीवार की स्थिति, मौसम, बजट और इस्तेमाल होने वाली टाइल्स की क्वालिटी जरूर देखें. सिर्फ खूबसूरती के लिए फैसला लेने के बजाय लंबे समय के खर्च और रखरखाव को ध्यान में रखकर चुनाव करना ज्यादा समझदारी है.
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