मेट्रो में सफर करते वक्त अगर आपको टॉयलेट जाना पड़े तो आप स्टेशन पर बने टॉयलेट का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन जैसे ही आप टॉयलेट के दरवाजे पर पहुंचते हैं, वहां बैठा शख्स आपसे 5 रुपये मांगता है. ऐसे में ज्यादातर लोगों के मन में पहला सवाल यही आता है- ये 5 रुपये किस बात के? कई लोगों को लगता है कि टॉयलेट इस्तेमाल करने के नाम पर इस तरह पैसे लेना गलत है. हो सकता है कि आपने मन में भी सवाल आया होगा कि ये गलत तरीके से वसूले जा रहे हैं. तो आज हम आपको बताते हैं कि इस बारे में नियम क्या कहते हैं और क्या सही है और क्या गलत...
वैसे ये सवाल एक बार संसद में भी उठा था. साल 2023 में राज्यसभा में दिल्ली मेट्रो में यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर सवाल पूछा गया था. सरकार से पूछा गया था कि जब यात्री मेट्रो का किराया चुका रहे हैं, तो फिर उन्हें स्टेशन पर मुफ्त टॉयलेट की सुविधा क्यों नहीं मिलती? सरकार के जवाब में इस मामले की तस्वीर काफी साफ हो गई.
आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने उस वक्त राज्यसभा में बताया कि दिल्ली मेट्रो स्टेशनों पर टॉयलेट की सुविधा आउटसोर्स्ड एजेंसी के जरिए पेमेंट बेसिस पर उपलब्ध पर करवाई जाती है. यानी मेट्रो के आधिकारिक जवाब में खुद यह बात दर्ज है कि टॉयलेट इस्तेमाल करने के लिए भुगतान की व्यवस्था है. इससे ये साफ है कि मेट्रो में टॉयलेट इस्तेमाल के बदले जो पैसे लिए जाते हैं, वो गैर कानूनी नहीं है और अगर आपको मेट्रो स्टेशन पर टॉयलेट इस्तेमाल करना है तो पैसे देने ही होंगे.
कुछ साल पहले दिल्ली हाईकोर्ट के 2020 के एक फैसले में भी इस व्यवस्था का जिक्र मिलता है.अदालत के सामने DMRC की ओर से बताया गया था कि मेट्रो स्टेशनों के टॉयलेट सुलभ इंटरनेशनल और दूसरी एजेंसी के जरिए संचालित किए जाते हैं और यात्रियों से नाममात्र की रकम लेकर टॉयलेट की साफ-सफाई और रखरखाव किया जाता है.
लेकिन कई लोग ये सवाल भी उठाते हैं कि आखिर डीएमआरसी क्यों फ्री में सुविधा नहीं देता और उसे ऐसा करना चाहिए. इस पर संसद में ये बताया गया है कि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि दिल्ली मेट्रो को स्टेशन पर टॉयलेट की सुविधा हर हाल में मुफ्त ही देनी होगी. सरकार ने कहा कि मुफ्त पानी और मुफ्त टॉयलेट की सुविधा उपलब्ध कराने का फैसला संबंधित मेट्रो प्रशासन के दायरे में आता है. Consumer Protection Act, 2019 के तहत डीएमआरसी के लिए स्टेशनों पर मुफ्त टॉयलेट उपलब्ध कराना अनिवार्य नहीं है.
तो क्या 5 रुपये फिक्स है?
ये बात तो समझ आ गई कि टॉयलेट के लिए पैसे देने होंगे, लेकिन अब जानते हैं कि नियमों के हिसाब से कितने रुपये देने होंगे. बता दें कि डीएमआरसी की ओर से इसके लिए कोई रेट तय नहीं किए गए हैं. लेकिन, जो रेट बोर्ड पर लिखे होते हैं, वो चार्ज यात्रियों को देना होता है. जैसे यूरिनल के इस्तेमाल के लिए 2 रुपये और टॉयलेट के इस्तेमाल के लिए 5 रुपये लिए जाते हैं. हाल ही में डीएमआरसी ने अपने एक्स अकाउंट पर बताया कि जितने पैसे बोर्ड पर लिखे होते हैं, उतने ही पैसे होते है, जिसमें अलग-अलग रेट लिखे होते हैं.
इमरजेंसी में मना नहीं कर सकते
एक और बात जानना जरूरी है. मान लीजिए किसी को अचानक बहुत ज्यादा जरूरत है और आपके पास पैसे नहीं हैं. तब क्या होगा. उस स्थिति में यात्री स्टेशन स्टाफ के टॉयलेट का इस्तेमाल मुफ्त में कर सकते हैं.
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