आपने कभी सोशल मीडिया वीडियो या किसी मेले में ऐसा करतब देखा होगा, जिसमें कोई व्यक्ति खौलते हुए तेल में हाथ डाल देता है और उसका हाथ जलता हुआ नजर नहीं आता. यह देखकर अक्सर लोगों को लगता है कि शायद उस व्यक्ति के हाथ में कोई खास ताकत है या उसे गर्मी का असर नहीं होता. लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है. इसके पीछे विज्ञान का एक दिलचस्प सिद्धांत काम करता है, जिसे लाइडेनफ्रॉस्ट इफेक्ट कहा जाता है.
क्या है लाइडेनफ्रॉस्ट इफेक्ट?
लाइडेनफ्रॉस्ट इफेक्ट फिजिक्स की एक घटना है. इसे जर्मन डॉक्टर जोहान गॉटलोब लाइडेनफ्रॉस्ट ने 1756 में बताया था. आसान भाषा में कहें तो जब कोई तरल पदार्थ ऐसी सतह के संपर्क में आता है जो उसके उबलने के तापमान से काफी ज्यादा गर्म होती है, तो तरल का कुछ हिस्सा तुरंत भाप में बदल जाता है. यह भाप तरल और गर्म सतह के बीच एक बेहद पतली परत बना देती है. यह परत कुछ समय के लिए गर्मी के सीधे संपर्क को कम कर देती है.
इसका सबसे आसान उदाहरण गर्म तवे या पैन पर पानी की बूंद डालना है. अगर पैन बहुत गर्म है, तो पानी की बूंद तुरंत गायब होने के बजाय छोटी-सी गेंद की तरह इधर-उधर दौड़ती दिखाई दे सकती है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बूंद के नीचे तुरंत भाप बन जाती है और वह भाप बूंद को गर्म सतह से थोड़ा अलग रखती है.
हाथ पर कैसे काम करता है यह इफेक्ट?
अब सवाल आता है कि खौलते तेल में हाथ डालने पर यही घटना कैसे काम करती है. इसके लिए व्यक्ति अपने हाथ को पहले पानी से गीला करता है. हाथ पर मौजूद पानी जब बेहद गर्म तेल के संपर्क में आता है, तो वह तेजी से भाप में बदल सकता है. इस दौरान हाथ और गर्म तेल के बीच बहुत थोड़े समय के लिए भाप की एक पतली परत बन सकती है. यही भाप कुछ हद तक गर्मी के सीधे ट्रांसफर को धीमा कर सकती है. इसलिए अगर हाथ को बेहद कम समय के लिए तेल के संपर्क में लाया जाए, तो त्वचा तक पहुंचने वाली गर्मी अपेक्षाकृत कम हो सकती है. यही वजह है कि कुछ प्रदर्शनों में व्यक्ति बिना तुरंत जलता हुआ दिखाई दिए यह करतब कर पाता है.
इसमें समय की भूमिका बहुत बड़ी है
इस पूरे मामले में सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि समय भी बेहद महत्वपूर्ण है. भाप की यह परत स्थायी सुरक्षा कवच नहीं होती. अगर गर्म तेल के संपर्क में हाथ ज्यादा देर तक रहे, तो गर्मी त्वचा तक पहुंच सकती है और गंभीर जलन हो सकती है. यानी यह समझना गलत होगा कि पानी से हाथ गीला करने के बाद उसे खौलते तेल में डालना सुरक्षित हो जाता है. यह केवल कुछ खास परिस्थितियों में होने वाली भौतिक घटना है और इसमें छोटी-सी गलती भी गंभीर चोट का कारण बन सकती है.
क्या हर गर्म तेल में ऐसा हो सकता है?
ऐसा मानना भी सही नहीं है कि किसी भी खौलते तेल में हाथ डालने पर लाइडेनफ्रॉस्ट इफेक्ट हाथ को बचा लेगा. इस घटना के लिए तापमान, तरल की स्थिति, संपर्क का समय और कई दूसरी परिस्थितियां महत्वपूर्ण होती हैं. इसके अलावा तेल और पानी का व्यवहार एक जैसा नहीं होता. इसलिए सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाले किसी वीडियो को देखकर उसे दोहराने की कोशिश करना बेहद खतरनाक हो सकता है.
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