नेपाल की जिस नदी में आई है प्रलय... जिसका भारत में भी रहा है तबाही का इतिहास

नेपाल में प्रलय लाने वाली नदी भारत तक भी आती है. नेपाल में इसे भोटेकोशी नदी के नाम से जाना जाता है. नेपाल के बाद बिहार में प्रवेश के साथ ही इसका नाम कुछ और हो जाता है.

Advertisement
नेपाल में तबाही मचाने वाली नदी भारत के बिहार तक आती है नेपाल में तबाही मचाने वाली नदी भारत के बिहार तक आती है

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 26 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 4:43 PM IST

नेपाल में चीन की सीमा से सटे रसुवा जिले में अचानक आए सैलाब ने तबाही मचा दी है. जिस नदी में सैलाब आया, वह तिब्बत से निकलकर नेपाल तक पहुंचती है और आगे फिर बिहार भी आती है. इस नदी का नाम भोटेकोशी नदी है. चलिए जानते हैं कि भोटेकोशी नदी को भारत में किस नाम से जाना जाता है. 

नेपाल में चीन से आने वाली एक नदी ने भयानक तबाही मचा रखी है. तिब्बत के ऊंचे पहाड़ों से नेपाल में नीचे की तरफ आने वाली इस भोटेकोशी नदी में अचानक उफान आ जाने की वजह से ऐसी तबाही मची की घर के घर बह गए. भोटेकोशी नदी तिब्बत से निकलकर नेपाल में बहने वाली एक प्रमुख सीमापार नदी है. यही आगे चलकर भारत के बिहार में बहने वाली कोसी नदी बन जाती है. 

Advertisement

यह नदी तिब्बत के हिमालयी क्षेत्र से शुरू होती है और नेपाल के सिंधुपालचौक तथा रसुवा जैसे जिलों से होते हुए बहती है. नेपाली भाषा में 'भोटे' का अर्थ तिब्बती होता है. यानी यह तिब्बत से आने वाली कोशी की सहायक नदी है. यह आगे चलकर सुनकोशी नदी में मिलती है और अंततः भारत के बिहार में कोसी नदी के रूप में प्रवाहित होती है.

बिहार में कोसी नदी कहलाती है
यही वजह है कि 'बिहार का शोक' कहलाने वाली कोसी नदी का उद्गम तिब्बत और नेपाल में स्थित हिमालय क्षेत्र से कहलाता है. इस इलाके में यह मुख्य रूप से सात सहायक नदियों के संगम से मिलकर 'सप्तकोशी' बनती है. इसे तिब्बत और नेपाल के हिमालय क्षेत्र में सुन कोसी, अरुण और तमुर समेत सात प्रमुख नदियों के मिलने से बनती है.

Advertisement

बिहार में बहने वाली कोशी नदी का उद्गमस्थल गोसाईधाम क्षेत्र को कहा जाता है. तिब्बत- नेपाल सीमा के पास गोसाईधाम क्षेत्र है. कोसी नदी नेपाल में पहाड़ों से बहती हुई चतरा गॉर्ज  को पार करती है. नेपाल के बाद बिहार में प्रवेश करते ही इसका नाम कोसी हो जाता है.  

यह भी पढ़ें: नेपाल में जलप्रलय से 8 की मौत, 105 भारतीय टूरिस्ट समेत 300 से ज्यादा लोग लापता, रेस्क्यू के लिए उतारे गए 15 हेलीकॉप्टर

यह नेपाल से निकलकर बिहार के सुपौल जिले के भीमनगर के रास्ते भारत में प्रवेश करती है. कोसी नदी को 'बिहार का शोक' इसलिए कहा जाता है, क्योंकि मार्ग बदलने की वजह से इसमें  भारी बाढ़ आती है. इस वजह से बिहार के सुपौल, सहरसा, मधेपुरा जैसे इलाकों में भयानक बाढ़ की वजह बनती है. 2008 में नेपाल के कुसहा में तटबंध टूटने के बाद उत्तर बिहार के कई जिलों में बाढ़ आ गई थी.  

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »