हरिद्वार में हर की पौड़ी पर हबीबुल्लाह और हबीबी बनकर घूम रहे थे नवीन और प्रिंस, उठाकर ले गई पुलिस

हरिद्वार के हर की पौड़ी पर अरबी वेशभूषा में वीडियो बना रहे दो युवक विदेशी नहीं, बल्कि नवीन कुमार और प्रिंस निकले. सोशल मीडिया पर लाइक और कमेंट के लिए की गई इस हरकत पर स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई. सूचना पर कोतवाली नगर पुलिस ने दोनों को कुछ ही घंटों में हिरासत में लिया और भविष्य में ऐसी गलती न करने की चेतावनी दी.

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वीडियो बनाने वाले दोनो युवकों को हरिद्वार पुलिस ने पकड़ लिया (Photo: ITG) वीडियो बनाने वाले दोनो युवकों को हरिद्वार पुलिस ने पकड़ लिया (Photo: ITG)

मुदित अग्रवाल

  • हरिद्वार ,
  • 14 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:31 AM IST

हरिद्वार के हर की पौड़ी क्षेत्र में अरबी वेशभूषा (शेख) पहनकर घूम रहे दो युवकों को कोतवाली नगर पुलिस ने हिरासत में ले लिया. दोनों युवक सोशल मीडिया के लिए वीडियो बना रहे थे. स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में दोनों को तलाश कर पकड़ लिया और कार्रवाई की. बाद में पता चला कि हरिद्वार के ही रहने वाले हैं और यूट्यूब पर व्यूज पाने के लिए अरब का युवक बनकर वीडियो बना रहे थे.

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मंगलवार को हर की पौड़ी पर दो युवक अरबी पहनावे में घूमते दिखाई दिए. वे लगातार मोबाइल से वीडियो बना रहे थे. स्थानीय पंडितों और लोगों ने जब उन्हें इस वेशभूषा में वहां आने से मना किया तो युवकों ने कहा कि वे भारत में कहीं भी घूम सकते हैं. लोगों के विरोध के बाद दोनों युवक पास में जाकर अपना पहनावा बदलकर वहां से चले गए. इसके बाद इस संबंध में पुलिस को सूचना दी गई. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर ने टीम गठित की. पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों और अन्य माध्यमों से दोनों युवकों की पहचान और तलाश शुरू की. जांच में पता चला कि दोनों युवक वर्तमान में रावली महदूद, सिडकुल क्षेत्र में रह रहे हैं. पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों को हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए कोतवाली नगर लाया गया.

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पूछताछ में युवकों ने अपना नाम नवीन कुमार (22 वर्ष), पुत्र मुन्ना, निवासी रावली महदूद सिडकुल हरिद्वार और प्रिंस (22 वर्ष), पुत्र सोमपाल, निवासी जपता नगर, थाना रहे, जिला बिजनौर, वर्तमान पता रावली महदूद सिडकुल हरिद्वार बताया. पुलिस पूछताछ में दोनों ने बताया कि उनका एक यूट्यूब चैनल है, जिसके लिए वे इस तरह के वीडियो बनाते हैं. इससे पहले उन्होंने पेंटागन मॉल और शिवालिक नगर में भी अलग-अलग वेशभूषा में वीडियो बनाए थे, जिन्हें सोशल मीडिया पर अच्छा रिस्पॉन्स मिला था. अधिक लाइक और कमेंट मिलने के उद्देश्य से वे हर की पौड़ी पर भी वीडियो बना रहे थे.

युवकों ने स्वीकार किया कि उनकी इस हरकत से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच सकती थी. उन्होंने अपनी गलती मानते हुए माफी मांगी और भविष्य में इस तरह की वीडियो न बनाने का भरोसा दिया. पुलिस ने दोनों के खिलाफ पुलिस अधिनियम के तहत कार्रवाई की और कड़ी चेतावनी दी. हरिद्वार पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी घटना से जुड़ी वीडियो या जानकारी को सत्यता की जांच किए बिना सोशल मीडिया पर साझा न करें. पुलिस ने यह भी कहा है कि आधी-अधूरी वीडियो बनाकर या भ्रामक तरीके से सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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