बद्रीनाथ के पास हुए हेलीकॉप्टर हादसे के बाद DGCA ने चारधाम यात्रा में चलने वाले हेलीकॉप्टरों के लिए नया नियम लागू किया है. इसके तहत अब हर हेलीकॉप्टर में दो पायलट होना अनिवार्य कर दिया गया है. यह नियम आज से लागू होगा. हालांकि, हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों ने इस फैसले को लेकर आपत्ति जताई है. उनकी मांग है कि यह नियम वापस लिए जाएं.
हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों ने DGCA और UGADA को पत्र लिखकर कहा है कि बिना उनसे बातचीत किए यह फैसला लिया गया है. उन्होंने इसे अनुचित बताया है. हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों का कहना है कि इससे उनके कामकाज पर असर पड़ेगा और उनपर काफी आर्थिक बोझ भी बढ़ जाएगा. उनका तर्क है कि दो पायलट रखने पर उनकी सैलरी, रहने, आने-जाने और अन्य खर्चों में बढ़ोतरी होगी.
हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों की आपत्ति
ऑपरेटरों का कहना है कि मौजूदा चार्टर किराये और कम मुनाफे को देखते हुए इन अतिरिक्त खर्चों को उठाना उनके लिए मुश्किल होगा. वहीं, इसका बोझ यात्रियों पर डालना भी सही नहीं है. उन्होंने यह भी तर्क दिया कि वे अब तक DGCA के नियमों का पालन करते हुए हिमालय के मुश्किल इलाकों में सेवाएं देते आए हैं. उन्होंने साफ कहा है कि वे दो पायलट रखने की अनिवार्यता को नहीं स्वीकार सकते.
यह भी पढ़ें: बद्रीनाथ हेलीकॉप्टर हादसे में मारे गए सभी 6 लोगों के शव बरामद, 100 जवानों ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
साथ ही, उन्होंने चेतावनी भी दी है कि अगर इस फैसले पर दोबारा विचार नहीं किया गया और कोई ठोस समाधान नहीं निकला तो वे आज से चार धाम की चार्टर हेलीकॉप्टर सेवाओं को बंद कर देंगे.
ऑपरेटरों ने DGCA और UGADA से अपील की है कि वे इस फैसले पर तुरंत ऑपरेटरों के साथ बैठक करें. उनकी मांग है कि इस मामले को लेकर कोई ऐसा फैसला लिया जाए जिससे विमानन सुरक्षा भी बनी रहे और सेवाएं भी जारी रहें.
हादसे में हुई थी 6 लोगों की मौत
बता दें, शुक्रवार दोपहर 1:15 बजे ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का हेलीकॉप्टर VT-HCX बद्रीनाथ धाम से सहस्त्रधारा (देहरादून) के लिए उड़ान भर रहा था. इसी दौरान ज्योतिर्मठ क्षेत्र के हाथी पर्वत के पास स्वारी खर्क में हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया. यह इलाका पांडुकेश्वर के ऊपर जोशीमठ घाटी में स्थित है.
हेलीकॉप्टर में कर्नाटक के पांच श्रद्धालु और दिल्ली निवासी पायलट कैप्टन हिमांशु समेत कुल छह लोग सवार थे. हादसे में सभी की मौत हो गई थी.
aajtak.in