चारधाम यात्रा के अंतिम दिनों में श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों ने सोमवार से हेली सेवा बंद रखने का फैसला किया है. इसकी वजह DGCA के नए सुरक्षा नियम हैं.
दरअसल, बद्रीनाथ से लौटते समय हुए हेलीकॉप्टर हादसे में पायलट समेत 6 लोगों की मौत के बाद DGCA ने हर हेलीकॉप्टर में दो पायलट रखना अनिवार्य कर दिया है. ऑपरेटर इस नियम से सहमत नहीं हैं. उन्होंने DGCA को पत्र लिखकर इस शर्त को वापस लेने की मांग की है.
यात्रा के अब केवल 10 से 15 दिन बाकी हैं. ऐसे में ऑपरेटरों के लिए कम समय में अतिरिक्त पायलटों की व्यवस्था करना और पहले से टिकट बुक करा चुके यात्रियों को रिफंड देना आसान नहीं होगा.
अगर सोमवार से हेली सेवा बंद होती है, तो केदारनाथ और चारधाम आने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
केदारनाथ में मौसम ने बदली करवट
इस बीच, केदारनाथ धाम में मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है. रविवार सुबह अचानक हुई बर्फबारी से धाम में ठंड का प्रकोप बढ़ गया. सुबह के समय शुरू हुई बर्फबारी के चलते बाबा केदार की नगरी बर्फ की सफेद चादर से ढकती नजर आई. धाम में बर्फबारी का सिलसिला लगातार जारी है, जिससे यहां का मौसम बेहद ठंडा हो गया है.
बर्फबारी के बाद केदारनाथ धाम का नजारा बेहद मनमोहक हो गया है. ऊंची चोटियों से लेकर मंदिर परिसर तक बर्फ की सफेद परत दिखाई दे रही है. मौसम में आए इस अचानक बदलाव ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को ठंड का एहसास करा दिया है.
वहीं, केदारनाथ यात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रही है. यात्रा समाप्त होने में अब मात्र 9 दिन शेष रह गए हैं. ऐसे में बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं के बीच यात्रा को लेकर उत्साह बना हुआ है.
मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को सतर्क रहने और गर्म कपड़ों के साथ यात्रा करने की सलाह दी जा रही है. बाबा केदार की नगरी में हो रही बर्फबारी ने एक बार फिर धाम की अलौकिक सुंदरता को चार चांद लगा दिए हैं.
अंकित शर्मा / प्रवीण सेमवाल