उत्तराखंड में 2 दिनों की बारिश और फिर राहत मिलते ही सोमवार से चारधाम यात्रा फिर शुरू कर दी गई. बद्रीनाथ धाम में सुबह से ही चटक धूप खिली है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान बद्री विशाल के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. हालांकि ऊंची चोटियों पर बर्फबारी और ठंडी हवाओं का दौर जारी है, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था और यात्रा का उत्साह बरकरार है.
दरअसल, 2 दिनों की बारिश के बाद सोमवार को बद्रीनाथ धाम में मौसम ने राहत दी है. सुबह से चटक धूप खिलने के साथ ही धाम में एक बार फिर रौनक लौट आई है. मंदिर परिसर से लेकर ब्रह्मकपाल तक श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आ रही है. ऊंची चोटियों पर बर्फबारी के चलते कड़ाके की ठंड और बर्फीली हवाएं जरूर चल रही हैं, लेकिन आस्था के आगे मौसम की चुनौतियां भी फीकी पड़ती दिखाई दे रही हैं. बारिश के दौरान श्रद्धालु छाता, बरसाती और गर्म कपड़ों के सहारे धाम पहुंच रहे थे, वहीं मौसम साफ होने के बाद यात्रा में फिर तेजी दिखाई दे रही है.
मौसम विभाग के अलर्ट के चलते 26 सितंबर की दोपहर से 27 सितंबर तक चारधाम यात्रा स्थगित रखी गई थी. अब मौसम में सुधार के बाद यात्रा फिर सुचारू कर दी गई है. गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप के आदेश के बाद जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं और स्थानीय मौसम व मार्ग की स्थिति के अनुसार जिलाधिकारी यात्रा संचालन को लेकर निर्णय ले सकते हैं.
अब तक 18 लाख से ज्याद श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन
पितृपक्ष के दौरान बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है. इन दिनों रोजाना करीब 5 से 10 हजार श्रद्धालु बद्री विशाल के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. अब मौसम में राहत मिलने के बाद यात्रा में और तेजी आने की उम्मीद है. रविवार रात तक करीब 18 लाख 5 हजार श्रद्धालु भगवान बद्री विशाल के दर्शन कर चुके हैं.
सितंबर का महीना अभी पूरा भी नहीं हुआ है और यात्रा 18 लाख का आंकड़ा पार कर चुकी है. वर्ष 2023 में पूरी यात्रा के दौरान करीब 18 लाख 40 हजार श्रद्धालु बद्रीनाथ पहुंचे थे, जो अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा रहा है. ऐसे में इस बार की यात्रा उस रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच चुकी है. बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने में अभी दो महीने से अधिक का समय बाकी है. ऐसे में आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है.
कमल नयन सिलोड़ी