बागेश्वर में भारी बारिश का कहर, लैंडस्लाइड से 11 सड़कें बंद, तीन दर्जन गांवों का संपर्क कटा

उत्तराखंड के बागेश्वर में लगातार बारिश ने पहाड़ी इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं. कपकोट क्षेत्र में लैंडस्लाइड और बोल्डर गिरने से 11 सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे करीब तीन दर्जन गांवों का संपर्क प्रभावित है. कई जगह ग्रामीण खुद मलबा हटाने में जुटे हैं, जबकि अचानक गिरते पत्थरों से वाहन चालकों की जान पर खतरा बना हुआ है.

Advertisement
प्रशासन सड़कें खोलने में जुटा.(Photo: Screengrab) प्रशासन सड़कें खोलने में जुटा.(Photo: Screengrab)

जगदीश पाण्डेय

  • बागेश्वर,
  • 19 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 7:55 PM IST

बागेश्वर जनपद में लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ों के कमजोर होने का सिलसिला जारी है. कपकोट क्षेत्र में जगह-जगह लैंडस्लाइड और बोल्डर गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं. पहाड़ से खिसककर आया मलबा और बड़े पत्थर सड़कों पर जमा होने से 11 मार्ग बाधित हो गए हैं, जिससे करीब तीन दर्जन गांवों की आवाजाही प्रभावित हुई है.

सड़कें बंद होने के कारण स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है. कई स्थानों पर ग्रामीण खुद पत्थर और मलबा हटाते नजर आए. वहीं कुछ रास्तों पर पहाड़ से अचानक बोल्डर गिरने का खतरा बना हुआ है. इससे इन मार्गों से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए भी लगातार जोखिम की स्थिति बनी हुई है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड: लगातार बारिश से बागेश्वर में बढ़ा खतरा, 15 सड़कें बंद, महिला का मकान भरभराकर गिरा

बाल-बाल बचा वाहन, सड़क पर बरसे पत्थर

नामती-चेटाबगड़ मार्ग पर उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब एक वाहन सड़क से गुजर रहा था. इसी दौरान अचानक पहाड़ से भारी मात्रा में पत्थर नीचे गिरने लगे. गनीमत रही कि वाहन उस स्थान से कुछ पीछे था. अगर गाड़ी थोड़ी आगे होती तो बड़ा हादसा हो सकता था. घटना ने पहाड़ी सड़कों पर बढ़ते खतरे को फिर उजागर कर दिया.

इधर गरुड़ तहसील के रियुनी-लखमार मोटरमार्ग की स्थिति भी गंभीर बनी हुई है. यह सड़क पिछले करीब 15 दिनों से लगातार लैंडस्लाइड के कारण बंद है. मार्ग अवरुद्ध होने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है. लंबे समय से रास्ता बंद रहने के कारण स्थानीय लोगों की निर्भरता वैकल्पिक मार्गों पर बढ़ गई है.

Advertisement

सड़क बंद होने का असर सिर्फ सामान्य आवाजाही पर नहीं, बल्कि आपातकालीन सेवाओं पर भी पड़ रहा है. ग्रामीणों को आशंका है कि अगर किसी मरीज या जरूरतमंद को तत्काल अस्पताल पहुंचाना पड़ा तो बंद मार्ग बड़ी बाधा बन सकता है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द सड़क खोलने और भविष्य में भूस्खलन रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है.

प्रशासन सड़कें खोलने में जुटा

प्रशासन की ओर से बंद सड़कों को खोलने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. मलबा और बोल्डर हटाकर यातायात बहाल करने की कोशिश की जा रही है. हालांकि बारिश रुक नहीं रही है, जिससे पहाड़ों के दरकने की घटनाएं भी बढ़ रही हैं. ऐसे में एक जगह रास्ता साफ होने के बाद दूसरी जगह फिर मलबा आने की चुनौती सामने आ रही है.

कपकोट समेत प्रभावित इलाकों में स्थानीय प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है. लगातार बारिश के बीच सड़क खोलने वाले अभियानों में भी सावधानी बरती जा रही है, क्योंकि पहाड़ों से पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है. ग्रामीणों की मांग है कि सिर्फ मलबा हटाने के बजाय संवेदनशील स्थानों पर स्थायी रोकथाम के उपाय भी किए जाएं.

फिलहाल, बागेश्वर में मौसम और पहाड़ी परिस्थितियों के चलते जनजीवन प्रभावित है. 11 सड़कों के बाधित होने से तीन दर्जन गांवों की कनेक्टिविटी पर असर पड़ा है. प्रशासन रास्ते खोलने में जुटा है, लेकिन लगातार बारिश और नए लैंडस्लाइड की घटनाएं राहत कार्यों के सामने चुनौती बनी हुई हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »