उत्तराखंड: लगातार बारिश से बागेश्वर में बढ़ा खतरा, 15 सड़कें बंद, महिला का मकान भरभराकर गिरा

बागेश्वर जिले में लगातार हो रही बारिश से हालात बिगड़ गए हैं. कई जगह मलबा आने के कारण 15 सड़कें बंद हो गई हैं. छटिया गांव में तेज बारिश के बीच शारीरिक रूप से असहाय हंसी देवी का मकान ढह गया. वह अपने 15 वर्षीय बेटे के साथ रहती थीं. प्रशासन को घटना की सूचना दे दी गई है.

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बागेश्वर जिले में लैंडस्लाइड. (Photo: Screengrab) बागेश्वर जिले में लैंडस्लाइड. (Photo: Screengrab)

जगदीश पाण्डेय

  • बागेश्वर ,
  • 06 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 7:48 PM IST

उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश का असर अब साफ दिखाई देने लगा है. लगातार बारिश से पहाड़ कमजोर पड़ने लगे हैं और कई जगह मलबा आने की घटनाएं सामने आ रही हैं. जिले में अलग-अलग स्थानों पर मलबा गिरने के कारण गुरुवार को 15 सड़कें बंद हो गईं. वहीं तेज बारिश के बीच एक मकान भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे एक परिवार बेघर हो गया.

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देर शाम करीब 4 बजे हुई तेज बारिश के दौरान बागेश्वर के छटिया गांव में रहने वाली शारीरिक रूप से असहाय हंसी देवी का आवासीय मकान भरभराकर गिर गया. मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. हंसी देवी अपने 15 वर्षीय बेटे के साथ इसी घर में रहती थीं. मकान गिरने के बाद दोनों बेघर हो गए.

जानकारी के अनुसार, मकान की दीवारों में लंबे समय से दरारें पड़ चुकी थीं. लगातार हो रही बारिश के कारण मकान की स्थिति और खराब होती चली गई. आखिरकार तेज बारिश के दौरान मकान पूरी तरह ढह गया. घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रमोद जोशी और ग्राम प्रधान मौके पर पहुंचे. उन्होंने प्रभावित परिवार को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और रहने की व्यवस्था कराई. इसके साथ ही घटना की जानकारी प्रशासन को भी दी गई.

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लगातार बारिश से बागेश्वर में बिगड़े हालात

क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रमोद जोशी ने बताया कि मकान की हालत पहले से ही खराब थी और परिवार लंबे समय से डर के साये में रह रहा था. लगातार बारिश के कारण मकान की स्थिति और कमजोर हो गई, जिसके बाद यह गिर गया. उन्होंने कहा कि घटना के बाद उन्होंने ग्राम प्रधान के साथ मौके का निरीक्षण किया और प्रशासन से पीड़ित परिवार को जल्द राहत उपलब्ध कराने की मांग की है.

प्रशासन से राहत और आर्थिक सहायता की मांग

साथ ही परिवार के लिए नया मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता देने की भी मांग की गई है. लगातार बारिश के कारण जिले में कई स्थानों पर मलबा आने से सड़कें भी बंद हो गई हैं. इससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है. प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी जुटाई जा रही है.

बता दें, उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश से कई जिलों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है. पिथौरागढ़ के विजयनगर-तैला मोटरमार्ग पर भारी मलबा और बोल्डर आने से सड़क बंद हो गई, जबकि टिहरी के घुत्तू बाजार में हुए भूस्खलन से कई मकान खतरे की जद में आ गए और एक वाहन मलबे में दब गया. इसके अलावा वहीं चमोली के किमाणा गांव में पहाड़ी से लगातार मलबा और पत्थर गिरने से ग्रामीण दहशत में हैं और रातभर जागकर गुजारने को मजबूर हैं. राहत की बात यह है कि अब तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है.

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