रामपुर लोकसभा सीट: कौन-कौन है उम्मीदवार, किसके बीच होगी कड़ी टक्कर

रामपुर संसदीय सीट पर 50 फीसदी से भी अधिक जनसंख्या मुस्लिम आबादी की है. हालांकि 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में यहां से भारतीय जनता पार्टी के नेपाल सिंह ने जीत दर्ज की थी. 2014 में उत्तर प्रदेश से कोई भी मुस्लिम सांसद चुनकर नहीं गया था, जो कि इतिहास में पहली बार हुआ था.

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इस बार बीजेपी के टिकट पर रामपुर से चुनाव लड़ रही हैं जयाप्रदा (फाइल-ट्विटर) इस बार बीजेपी के टिकट पर रामपुर से चुनाव लड़ रही हैं जयाप्रदा (फाइल-ट्विटर)

सुरेंद्र कुमार वर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 13 अप्रैल 2019,
  • अपडेटेड 10:40 PM IST

अभिनेता से नेता बनीं जयाप्रदा से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल होने और नई पार्टी की ओर से टिकट दिए जाने के बाद रामपुर लोकसभा सीट फिर से चर्चा में आ गई है. उत्तर प्रदेश में कई लोकसभा सीटें ऐसी हैं जहां पर मुस्लिम बहुसंख्यक है और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की रामपुर इन्हीं संसदीय सीटों में से एक है. इस सीट पर जोरदार लड़ाई होने के आसार हैं क्योंकि जयाप्रदा के सामने समाजवादी पार्टी ने कद्दावर नेता आजम खान को मैदान में उतारा है जिनका रामपुर में गढ़ माना जाता है.

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रामपुर लोकसभा सीट पर 11 उम्मीदवार मैदान में हैं. लेकिन मुख्य मुकाबला बीजेपी की जयाप्रदा और सपा के आजम खान के बीच है. जबकि कांग्रेस की ओर से संजय कपूर और एमडीपी के टिकट पर अरसद वारसी मैदान में हैं. 4 उम्मीदवार बतौर निर्दलीय मैदान में हैं. 11 में से 8 उम्मीदवार मुस्लिम समुदाय से हैं.

रामपुर संसदीय सीट पर 50 फीसदी से भी अधिक जनसंख्या मुस्लिम आबादी की है. हालांकि 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में यहां से भारतीय जनता पार्टी के नेपाल सिंह ने जीत दर्ज की थी. 2014 में उत्तर प्रदेश से कोई भी मुस्लिम सांसद चुनकर नहीं गया था, जो कि इतिहास में पहली बार हुआ था.

अबुल कलाम आजाद बने पहले सांसद

1952 में हुए पहले संसदीय चुनाव में रामपुर से कांग्रेस की ओर से डॉ. अबुल कलाम आजाद ने जीत दर्ज की थी. 1952 से लेकर 1971 तक इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा रहा लेकिन 1977 में एक बार भारतीय लोकदल के प्रत्याशी यहां से जीते. लेकिन कांग्रेस का फिर से यहां पर दबदबा कायम हो गया.

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कांग्रेस के ज़ुल्फिकार अली खान ने 1967 से लगातार तीन बार यहां से चुनाव जीत. ज़ुल्फिकार कुल 5 बार रामपुर से सांसद रहे. 1991 और 1998 में इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज की. 1998 में बीजेपी के टिकट पर मुख्तार अब्बास नकवी यहां से चुनाव जीते थे. उसके बाद 2004 और 2009 में समाजवादी पार्टी की तरफ से बॉलीवुड अभिनेत्री जयाप्रदा यहां से सांसद चुनी गई थीं. यहां हुए कुल 16 चुनाव में से दस बार कांग्रेस जीती है. 2014 में बीजेपी ने तीसरी बार जीत हासिल की और नेपाल सिंह सांसद चुने गए. नेपाल सिंह को 37.5 फीसदी और समाजवादी पार्टी के नसीर अहमद खान को 35 फीसदी वोट मिले थे. नेपाल सिंह की जीत का अंतर मात्र 23,435 वोटों का ही था.

जयाप्रदा एक बार फिर चुनाव मैदान में हैं, लेकिन इस बार वह बीजेपी के टिकट पर लड़ रही हैं.

रामपुर लोकसभा सीट का समीकरण

रामपुर लोकसभा क्षेत्र में करीब 16 लाख से अधिक मतदाता हैं, इनमें 8,72,084 पुरुष और 7,44,900 महिला वोटर्स हैं. 2014 में यहां कुल 59.2 फीसदी वोट पड़े थे, इनमें से भी 6905 नोटा को गए थे. 2011 की जनगणना के अनुसार रामपुर क्षेत्र में कुल 50.57 % मुस्लिम आबादी है, जबकि 45.97 % हिंदू जनसंख्या है.

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रामपुर लोकसभा क्षेत्र में कुल 5 विधानसभा सीटें आती हैं. इनमें सुआर, चमरौआ, बिलासपुर, रामपुर और मिलक शामिल है. इनमें बिलासपुर और मिलाक सीट पर 2017 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज की थी. जबकि अन्य तीन सीटों पर समाजवादी पार्टी का ही कब्जा रहा था. यहां की रामपुर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के आजम खान विधायक हैं.

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