दिल्ली की सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित का निधन हो गया है. 81 साल की उम्र में शीला दीक्षित का दिल का दौरा पड़ने से निधन हुआ. उन्होंने दिल्ली एक निजी अस्पताल में आखिरी सांस ली. शीला दीक्षित की मौत से पूरा राजनीतिक जगत शोक में है. रूसी दूतावास ने ट्वीट कर शीला दीक्षित के आकस्मिक निधन पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की.
रूसी दूतावास ने अपने ट्वीट में शीला दीक्षित को एक बेहतर भारतीय राजनीतिज्ञ के रूप में याद करते हुए लिखा, 'शीला दीक्षित एक महान नेता थी. जिन्होंने दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया.'
साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने शीला दीक्षित की मौत पर दुख जाहिर किया है. गृह मंत्री राजनाथ सिंह, लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने शीला दीक्षित को श्रद्धांजलि दी. वहीं पीएम मोदी ने शीला दीक्षित की बहन के आवास पहुंचकर पूर्व सीएम को श्रद्धंजलि दी. उन्होंने यहां उनके बेटे और पूर्व सांसद संदीप दीक्षित से मुलाकात भी की.
कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को श्रद्धांजलि दी. यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने भी शीला दीक्षित की बहन के आवास पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी. कई अन्य नेताओं ने भी उन्हें नमन किया. रविवार को शीला दीक्षित का अंतिम संस्कार रविवार को ढाई बजे दिल्ली के निगमबोध घाट पर होगा.
पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित लंबे समय से बीमार चल रही थीं. उनका एस्कॉर्ट हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था. दोपहर 3 बजकर 5 मिनट पर उन्हें दिल का दौरा पड़ा था. इसके बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया. लेकिन 3 बजकर 55 मिनट पर उनका निधन हो गया.
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