राहुल गांधी ने किया सांसदों-विधायकों को वापस बुलाने के अधिकार का समर्थन

राहुल गांधी ने कहा कि पंचायती राज की धारा 40 के तहत चुने हुए प्रतिनिधियों को वापस बुलाने का जनता को अधिकार मिला हुआ है. यह नियम सांसद, विधायक, प्रधानमंत्री पर क्यों नहीं लागू होता?

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राहुल गांधी राहुल गांधी

दिनेश अग्रहरि

  • नई दिल्ली,
  • 17 मई 2018,
  • अपडेटेड 1:35 PM IST

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने जन प्रतिनिधियों को वापस बुलाने के अधिकार की वकालत की है. उन्होंने कहा कि पंचायतों की तर्ज पर पीएम और सांसदों, विधायकों पर भी यह लागू होना चाहिए. उन्होंने सरकार पर हमला बाेलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री संविधान की रक्षा नहीं करेंगे, बल्कि पंचायती राज के प्रतिनिधि ही संविधान बचाएंगे.

में जनस्वराज सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, 'पंचायती राज की धारा 40 के तहत चुने हुए प्रतिनिधियों को वापस बुलाने का जनता को अधिकार मिला हुआ है. यह नियम सांसद, विधायक, प्रधानमंत्री पर क्यों नहीं लागू होता? पंचायती राज के नेताओं पर यह लगाना चाहते हैं तो पीएम पर क्यों नहीं लगाते? हमारी पूरी कोशिश होगी, जितनी भी शक्ति आपको दे सकें, देंगे.'

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उन्होंने कहा, 'केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, जहां भी कांग्रेस पार्टी की सरकार होगी वहां हम पंचायती राज प्रतिनिधियों से बातचीत करके काम करेंगे.'

उन्होंने कहा कि रोजगार के मुद्दे पर मोदी सरकार नाकाम रही है. छत्तीसगढ़ में रोज़गार पैदा नहीं हो रहा है और जो थोड़ा बहुत हो रहा है वो आरएसएस के लोगों को मिलता है.

उन्होंने कहा, 'आरएसएस और भाजपा नहीं चाहते कि इस देश की गरीब जनता की आवाज़ सुनी जाए. भाजपा और आरएसएस के हिसाब से महिलाओं का काम खाना बनाना है और कुछ नहीं, इनके लिए दलितों का काम सिर्फ सफाई करने का है, पढ़ने का नहीं.'

उन्होंने कहा, ' हमारा कर्तव्य को बचाना और उनके अधिकारों की रक्षा है, जिसे बीजेपी छीनने की कोशिश कर रही है.'

उन्होंने कहा कि, 'हरियाणा में यह क्यों कहा गया कि पंचायती राज के लोगों को 8वीं या 10वीं पास होना चाहिए? यह प्रधानमंत्री, सांसद या विधायकों के लिये क्यों नहीं कहा गया?'

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