BJP का सवाल- क्या यूरो फाइटर लॉबिस्ट के दबाव में राहुल कर रहे राफेल का विरोध?

Rafale Deal Controversy: कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, एक खबर आई है जिससे साफ हो गया कि कांग्रेस राफेल डील का विरोध क्यों कर रही है.

Advertisement
कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद (रॉयटर्स) कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद (रॉयटर्स)

aajtak.in / अशोक सिंघल

  • नई दिल्ली,
  • 07 जनवरी 2019,
  • अपडेटेड 2:36 PM IST

राफेल डील के विरोध में उतरी कांग्रेस और उसके अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ बीजेपी आक्रामक हो गई है. बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी आखिर देश की सुरक्षा के साथ कब तक खिलवाड़ करते रहेंगे और सेना का मनोबल गिराते रहेंगे. प्रसाद ने कांग्रेस अध्यक्ष से तीन सवाल भी पूछे और जवाब देने की गुजारिश की.

Advertisement

कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'एक खबर आई है जिससे साफ हो गया कि कांग्रेस राफेल डील का विरोध क्यों कर रही है. कांग्रेस कोई भी डील बिना डील के नहीं करती. एक राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष की ओर से बार-बार झूठ बोलने की असली वजह अब सामने आ गई है. अगस्ता डील के बिचौलिए राफेल के विरोधी यूरो फाइटर के लिए भी काम करते हैं.

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि वो राहुल गांधी से 3 सवाल पूछना चाहते हैं. पहला सवाल कि 2011-12 में राफेल टेंडर सबसे कम कीमत पर हुआ था. फिर किसके दवाब में यह सौदा रोक दिया गया, राहुल गांधी को इसका जवाब देना चाहिए. दूसरा सवाल यह कि क्या राहुल गांधी राफेल का विरोध इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वे यूरो फाइटर के लॉबिस्ट के दवाब में हैं. प्रसाद ने तीसरा सवाल पूछा कि वे देश की सुरक्षा के साथ कब तक खिलवाड़ करते रहेंगे और सेना का मनोबल तोड़ते रहेंगे.

Advertisement

गौरतलब है कि सोमवार को भी राफेल विमान सौदे में कथित गड़बड़ी का मुद्दा संसद के में छाया रहा और इस मसले पर जमकर हंगामा हुआ. रक्षा मंत्री ने सदन में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के आरोपों का जवाब तथ्यों के साथ दिया.

हालांकि, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को एक बार फिर HAL के मुद्दे पर सरकार को घेरा. उन्होंने लिखा, HAL के पास अपने कर्मचारियों को तन्ख्वाह देने के लिए पैसे नहीं हैं. अब राफेल के पास है, उन्हें अपने कॉन्ट्रैक्ट को पूरा करने के लिए HAL के शानदार टैलेंट की जरूरत होगी. बिना सैलरी के HAL के इंजीनियर AA की कंपनी में जाने को मजबूर होंगे. इस बीच राफेल से जुड़ी एक खबर ये आई कि जिस दौरान पूर्व की यूपीए सरकार राफेल विमान को लेकर सौदा कर रही थी तब वीवीआईपी हेलिकॉप्टर में बिचौलिया रहा क्रिश्चियन मिशेल 2011 में राफेल विमान के खिलाफ सौदेबाजी कर रहा था.

इंडिया टुडे की खबर बताती है कि 2007 में जब भारत की ओर से 126 मीडियम मल्टी रोल एयरक्राफ्ट खरीदने की बात कही गई, तो कई कंपनियों ने बोली लगाई. तब फ्रांस के राफेल के सामने कुल 5 कंपनियां इस जद्दोजहद में थीं. 2011 तक सिर्फ दो ही विमान आमने-सामने थे, एक दसॉ राफेल और दूसरा यूरोफाइटर टाइफून. यूरोफाइटर टाइफून की ओर से मैदान में था.  सोमवार को कानून मंत्री ने इशारे में इसी घटना का जिक्र करते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी को निशाने पर लिया और तीन सवाल पूछे.

Advertisement

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »