संसद में विपक्ष को चुप कराने के लिए प्लान तैयार, इन 16 विधेयकों को पास कराने पर सरकार का फोकस

गौ रक्षकों से जुड़ी हिंसा की बढ़ती घटनाओं, अमरनाथ आतंकी हमला समेत जम्मू कश्मीर के हालात, डोकलाम में चीन के साथ जारी तनातनी, दार्जिलिंग में हिंसा जैसे कई मुद्दों पर कांग्रेस, लेफ्ट और तृणमूल कांग्रेस समेत विपक्षी दलों द्वारा सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है.

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मानसून सत्र में हंगामे का आसार मानसून सत्र में हंगामे का आसार

अमित कुमार दुबे

  • नई दिल्ली,
  • 16 जुलाई 2017,
  • अपडेटेड 12:15 AM IST

गौ रक्षकों से जुड़ी हिंसा की बढ़ती घटनाओं, अमरनाथ आतंकी हमला समेत जम्मू कश्मीर के हालात, डोकलाम में चीन के साथ जारी तनातनी, दार्जिलिंग में हिंसा जैसे कई मुद्दों पर कांग्रेस, लेफ्ट और तृणमूल कांग्रेस समेत विपक्षी दलों द्वारा सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है. ऐसे में संसद के सोमवार से शुरू हो रहे मानसून सत्र के हंगामेदार रहने की संभावना है. वहीं सरकार ने सभी मुद्दों पर विपक्ष से चर्चा करने के साथ 16 नए विधेयक पेश करने की योजना बनाई है.

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मानसून सत्र के दौरान लोकसभा और राज्यसभा में 16 नए विधेयक पेश किए जाएंगे, जिनमें जम्मू एवं कश्मीर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक और नागरिकता संशोधन विधेयक शामिल हैं. इन विधेयकों में जीएसटी से जुड़े विधेयक प्रमुख है. में जीएसटी लागू करने से संबंधित दो विधेयक के अलावा पंजाब नगर निगम कानून (चंडीगढ़ तक विस्तारित) संशोधन विधेयक-2017 भी पेश किया जाएगा, जिसमें चंडीगढ़ नगर निगम को मनोरंजन और क्रीड़ा पर जीएसटी के तहत कर लगाने का अधिकार दिए जाने का प्रावधान है.

 

लोकसभा से पारित हो चुके विधेयकों में व्हिसल ब्लोवर्स संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2015 और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (निरसन) विधेयक, 2017 भी शामिल हैं. उनके अनुसार, द इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट बिल, 2017, भ्रष्टाचार रोधी (संशोधन) विधेयक, 2013 तथा सिटीजनशिप (संशोधन) विधेयक, 2016 जैसे विधेयक दोनों सदनों से पारित कराने के लिए सूचीबद्ध किए गए हैं.

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प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी विधेयक, 1990 और पूर्वोत्तर परिषद (संशोधन) विधेयक, 2013 को वापस लेने के लिए सूचीबद्ध किया गया है. राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय विधेयक, 2017 तथा वित्तीय समाधान और जमा बीमा (एफडीआरआइ) विधेयक, 2017 उन 16 विधेयकों में शामिल हैं, जिन्हें पेश और करने के साथ-साथ पारित कराने के लिए सूचीबद्ध किया गया है.

 

कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में हमनें विपक्ष की तरफ से कई गंभीर मुद्दे उठाए. जैसे किसानों पर गोली चलाई जा रही है, किसान आत्महत्या कर रहा है. इस मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए, देश की सुरक्षा का मामला है. कश्मीर, पाकिस्तान और चीन का मुद्दा है, जीएसटी का मुद्दा है. इन सब मुद्दों पर हम सदन में चर्चा चाहते हैं.

 

जबकि सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि सरकार इस सत्र में 16 नए बिल पास कराना चाहती है. लेकिन हमारे हिसाब से तीन बिल अनिवार्य हैं. को पास करना. तीन साल में बिल नहीं आया, किसानों की आत्महत्या को लेकर चर्चा. किसानों को उचित मूल्य मिले. इस मुद्दे पर बिल आना चाहिए.

 

तीसरा आधार को लेकर जिस तरह से सूचनाएं हो रही हैं. ऐसे में राइट टू प्राइवेसी को लेकर बिल आना चाहिए. सरकार तय करे कैसे कूटनीतिक तरीके से चीन से निपटेगी. इस पर सरकार को सदन में बताना चाहिए. आंतरिक सुरक्षा के मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा की जरूरत है, गौ रक्षा के नाम पर हत्या हो रही हैं. इस बीच पीएम मोदी ने गौ रक्षा के नाम पर हो रही हिंसा पर एक बार फिर कड़ा संदेश दिया है.

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