मणिपुर में लंबे समय से चल रही शांति प्रक्रिया के बीच अचानक माहौल गरमा गया है, पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक बुधवार को संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा राज्य के कामजोंग जले में नंबन लोक नदी पर बने बेली ब्रिज को IED से उड़ा दिया गया. इससे हालात बिगड़ गए हैं और इस ब्रिज के टूटने के कारण जिला मुख्यालय और कई गांवों के बीच जो एकमात्र सड़क संपर्क मार्ग था वह भी टूट गया है. इससे राज्य में माहौल बिगड़ गया है, हालांकि पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है और स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला भी दर्ज किया है.
पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना सुबह करीब 9.30 बजे कामजोंग जिले के फांगे और चाट्रिक गांवों के बीच हुई. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बना यह पुल, चाट्रिक और आसपास के गांवों को जिला मुख्यालय से जोड़ने का एकमात्र जरिया था. पुलिस का कहना है कि हमलावरों ने नंबन लोक नदी के किनारे जो टेलीकॉम विभाग की एक बोलेरो पिक-अप गाड़ी खड़ी थी, उसे भी आग के हवाले कर दिया. आग में यह पिक-अप गाड़ी पूरी तरह जलकर खाक हो गई.
जांच में शामिल अधिकारियों को शक है कि पुल को तोड़ने के लिए इम्प्रोवाइज़्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) का इस्तेमाल किया गया था. ऐसा माना जा रहा है कि इस हमले को सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने, परिवहन और संचार सेवाओं को बाधित करने, साथ ही लोगों की आवाजाही को रोकने व आसपास के रहवासियों में दहशत का माहौल बनाने के मकसद से जानबूझकर अंजाम दिया गया था.
पुलिस के मुताबिक, इस घटना के बाद से राज्य में सुरक्षा को लेकर एक गंभीर खतरा पैदा हो गया है. हालांकि इस मामले में CSD थाने में स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया गया है. हमले के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान के लिए पुलिस ने तफ्तीश तेज़ कर दी है. अभी तक किसी भी गुट की ओर से इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली गई है.
बेबी शिरीन