बीती तारीख से कराधान अतीत की बात, फ्रांस करेगा सालाना एक अरब डॉलर का निवेश: मोदी

ओलांद ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में फ्रांस को पूरा भरोसा है और दोनों देश सौर उर्जा, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, परिवहन, सड़क, अंतरिक्ष उद्योग, स्वास्थ्य, कृषि और परमाणु उर्जा के क्षेत्र में साथ काम कर सकते हैं.

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पीएम नरेंद्र मोदी के साथ फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद पीएम नरेंद्र मोदी के साथ फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद

लव रघुवंशी

  • चंडीगढ़,
  • 25 जनवरी 2016,
  • अपडेटेड 12:15 PM IST

निवेशकों की चिंता दूर करने की कोशिश करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को घोषणा की कि देश में पिछली तिथि से कराधान की विवादास्पद व्यवस्था अब बीते जमाने की बात हो गई है और भारत में यह अध्याय अब दोबारा नहीं खोला जाएगा क्योंकि उनकी सरकार पूर्वानुमेय कर व्यवस्था कर रही है.

उन्होंने यह भी घोषणा की कि फ्रांस भारत में एक अरब डॉलर सालाना का निवेश तत्काल शुरू करेगा जिसे बाद में बढ़ाया जाएगा. दोनों पक्षों ने भारत में हेलीकॉप्टरों के निर्माण सहित 16 सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए.

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भरोसेमंद काराधान प्रणाली के पक्ष में मोदी
फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद की उपस्थित में दोनों देशों के प्रमुख उद्योगपतियों व कंपनी अधिकारियों को संबोधित कर रहे मोदी ने कहा कि उनकी सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि विदेशी निवेशक भारत में आगामी 15 साल तक की कर प्रणाली को लेकर स्पष्ट रहें. उन्होंने कहा, 'मैं स्थिर व्यवस्था व भरोसेमंद काराधान प्रणाली के पक्ष में हूं. सरकार यह भरोसा सुनिश्चित करने के लिए अनेक कदम उठा रही है. यह सरकार स्थिर व पूर्वानुमेय कर प्रणाली के लिए जानी जाती है.'

इस संदर्भ में उन्होंने 2012 में आयकर कानून में संशोधन के जरिए लागू की गई पिछली तारीख से कर व्यवस्था का संदर्भ दिया. उसके कारण विशेषकर विदेशी निवेशकों में काफी बेचैनी देखने को मिली और इसके खिलाफ बहुत शोर हुआ.

मोदी ने में कहा, 'पिछली तारीख से कराधान बीती बात हो गई. वह अध्याय अब दोबारा नहीं खुलेगा. हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि उस अध्याय को न तो यह सरकार और न ही भावी सरकारें खोल सकें.'

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मोदी ने कहा, 'जो भी देश में निवेश कर रहा है उसे अगले पांच साल, 10 साल, 15 साल की कराधान प्रणाली की जानकारी होनी चाहिए.' आईटी कानून में संशोधन ब्रिटिश दूरसंचार कंपनी वोडाफोन की कर देयता के मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले को अप्रभावी करने के लिए लाया गया जो कि करीब 11,000 करोड़ रूपये की थी.

भारत में एक अरब डॉलर का निवेश करेगा फ्रांस
फांस के ने अपनी तीन दिवसीय भारत यात्रा की शुरुआत रविवार को चंडीगढ़ से की. उनके साथ फांसीसी कंपनियों के कार्याधिकारियों (सीईओ) का बड़ा प्रतिनिधि मंडल आया है. ओलांद के साथ सीईओ की द्विपक्षीय फोरम में हिस्सा लेने वाले मोदी ने कहा कि फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने उन्हें बताया है कि उनका देश भारत में तत्काल एक अरब डॉलर सालाना का निवेश करेगा और बाद में यह राशि बढ़ा दी जाएगी.

भारतीय अर्थव्यवस्था पर भरोसा: ओलांद
ओलांद ने कहा कि के विकास में फ्रांस को पूरा भरोसा है और दोनों देश सौर उर्जा, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, परिवहन, सड़क, अंतरिक्ष उद्योग, स्वास्थ्य, कृषि और परमाणु उर्जा के क्षेत्र में साथ काम कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि जिन समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं उनका कार्यान्वयन किया जाना चाहिए और उन्हें हकीकत का रूप दिया जाना चाहिए.

स्थिर प्रशासन और पूर्वानुमेय कर व्यवस्था का वादा करते हुए मोदी ने कहा कि 400 से अधिक फ्रांसीसी कंपनियां पहले ही भारत में हैं और उनसे जुड़ी 1000 से अधिक फर्में भी कार्य कर रही हैं.

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