डॉक्टर कफील पर रासुका लगाने के खिलाफ SC में याचिका, केस इलाहबाद HC ट्रांसफर

चीफ जस्टिस बोबडे की बेंच ने कहा कि इलाहाबाद हाई कोर्ट इस मामले में जल्द सुनवाई करे. कफील की मां नुजहत परवीन ने सुप्रीम कोर्ट में हैबियस कॉरपस याचिका दाखिल कर उन्हें अदालत में पेश कर रिहा करने के आदेश मांगे हैं.

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डॉक्टर कफील खान (फाइल फोटो) डॉक्टर कफील खान (फाइल फोटो)

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 11 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 2:19 PM IST

  • सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को इलाहाबाद हाई कोर्ट भेज दिया है
  • रासुका लगाने के खिलाफ दायर की गई थी सुप्रीम कोर्ट में याचिका

भड़काऊ भाषण देने के आरोप में गिरफ्तार गोरखपुर के डॉक्टर कफील खान को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत हिरासत में लिया गया था. कफील पर रासुका के तहत कार्रवाई करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को इलाहाबाद हाई कोर्ट भेज दिया है.

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चीफ जस्टिस बोबडे की बेंच ने कहा कि इलाहाबाद हाई कोर्ट इस मामले में जल्द सुनवाई करे. कफील की मां नुजहत परवीन ने सुप्रीम कोर्ट में हैबियस कॉरपस याचिका दाखिल कर उन्हें अदालत में पेश कर रिहा करने के आदेश मांगे हैं. उनका आरोप है कि यूपी सरकार ने गैरकानूनी और दुर्भावनापूर्ण तरीके से डॉक्टर कफील पर रासुका लगाया है.

यूपी एसटीएफ ने किया था कफील को गिरफ्तार

10 फरवरी को अलीगढ़ सीजेएम कोर्ट ने जमानत के आदेश दिए थे लेकिन उनकी रिहाई से पहले एनएसए लगा दिया गया और वो जेल से रिहा नहीं हो पाए. बीते 29 जनवरी को डाक्टर कफील को यूपी एसटीएफ ने भड़काऊ भाषण के आरोप में मुंबई से गिरफ्तार किया था.

डॉक्टर कफील पर अलीगढ़ में भड़काऊ भाषण और धार्मिक भावनाएं को भड़काने के आरोप है. 13 दिसंबर को अलीगढ़ में FIR लिखी गई थी. डॉ कफील पर धर्म, नस्ल, भाषा के आधार पर नफरत फैलाने के मामले में धारा 153-ए के तहत केस दर्ज किया गया है.

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